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Fatehabad News: शहीद चौक की दुर्दशा पर रोष, 15 अगस्त को माल्यार्पण नहीं करने देने की चेतावनी
Sun, 28 Jun 2026 11:03 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 28 Jun 2026 11:03 PM IST
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शहीद चौक की हालत पर नारबाजी करते किसान संगठन के पदाधिकारी। संवाद
टोहाना। हिसार रोड स्थित शहीद चौक की जर्जर स्थिति और पुनर्निर्माण में हो रही देरी पर सामाजिक संगठनों और किसान नेताओं ने रोष जताया है। संयुक्त किसान मोर्चा, अखिल भारतीय सभा, पगड़ी संभाल जट्टा और बीकेयू एकता उग्राहां के पदाधिकारी रविवार को चौक पर एकत्र हुए और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
संगठनों ने दो सप्ताह के भीतर चौक का जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण शुरू करने की मांग की है। ऐसा न होने पर चेतावनी दी गई है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा और 15 अगस्त को किसी भी मंत्री को यहां पर माल्यार्पण नहीं करने दिया जाएगा। किसान नेता मनजीत पूर्ण माजरा और मनदीप सिंह ने कहा कि प्रशासन चौक का क्षेत्र छोटा करने की तैयारी कर रहा है जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन से चौक क्षतिग्रस्त नहीं होते बल्कि यह व्यवस्था की कमी है। उन्होंने चंडीगढ़ के बड़े चौकों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां हरियाली और बेहतर रखरखाव है जबकि यहां पौधे सूख रहे हैं और देखभाल नहीं हो रही। पूर्व ग्राम सचिव बलवान ने बताया कि वर्ष 1991 से यहां शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की प्रतिमा स्थापित है लेकिन वर्तमान स्थिति बेहद खराब है।
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उन्होंने कहा कि यहां आवारा पशु घूमते हैं, गंदगी फैलती है और सुरक्षा व्यवस्था भी कमजोर है। स्थानीय लोगों ने बताया कि टूटी ग्रिल के कारण पशु चौक के अंदर चले जाते हैं। चौक पर अव्यवस्था के चलते शुक्रवार को एक ट्रक भी फंस गया था। संगठनों का कहना है कि मामूली लागत वाले काम भी लंबे समय से टेंडर प्रक्रिया के नाम पर रुके हुए हैं। संगठनों ने पूर्व मंत्री, राज्यसभा सदस्य, विधायक और नगर परिषद प्रशासन पर भी अनदेखी के आरोप लगाए गए हैं।
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संगठनों ने दो सप्ताह के भीतर चौक का जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण शुरू करने की मांग की है। ऐसा न होने पर चेतावनी दी गई है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा और 15 अगस्त को किसी भी मंत्री को यहां पर माल्यार्पण नहीं करने दिया जाएगा। किसान नेता मनजीत पूर्ण माजरा और मनदीप सिंह ने कहा कि प्रशासन चौक का क्षेत्र छोटा करने की तैयारी कर रहा है जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन से चौक क्षतिग्रस्त नहीं होते बल्कि यह व्यवस्था की कमी है। उन्होंने चंडीगढ़ के बड़े चौकों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां हरियाली और बेहतर रखरखाव है जबकि यहां पौधे सूख रहे हैं और देखभाल नहीं हो रही। पूर्व ग्राम सचिव बलवान ने बताया कि वर्ष 1991 से यहां शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की प्रतिमा स्थापित है लेकिन वर्तमान स्थिति बेहद खराब है।
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उन्होंने कहा कि यहां आवारा पशु घूमते हैं, गंदगी फैलती है और सुरक्षा व्यवस्था भी कमजोर है। स्थानीय लोगों ने बताया कि टूटी ग्रिल के कारण पशु चौक के अंदर चले जाते हैं। चौक पर अव्यवस्था के चलते शुक्रवार को एक ट्रक भी फंस गया था। संगठनों का कहना है कि मामूली लागत वाले काम भी लंबे समय से टेंडर प्रक्रिया के नाम पर रुके हुए हैं। संगठनों ने पूर्व मंत्री, राज्यसभा सदस्य, विधायक और नगर परिषद प्रशासन पर भी अनदेखी के आरोप लगाए गए हैं।

शहीद चौक की हालत पर नारबाजी करते किसान संगठन के पदाधिकारी। संवाद