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Fatehabad News: राष्ट्रीय लोक अदालत में 15677 मामलों में से किया 11419 मामलों का निपटान
Sat, 09 Mar 2024 11:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 09 Mar 2024 11:27 PM IST
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फतेहाबाद। राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण (नालसा) व हरियाणा विधिक सेवाएं प्राधिकरण (हालसा) के सौजन्य से शनिवार को जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की ओर से जिला व उपमंडल की न्यायिक परिसरों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान न्यायाधीशों ने दोनों पक्षों की आपसी सहमति से मामलों का निपटान किया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 15677 मामलों में से 11419 मामलों की सुनवाई की गई तथा कुल 1 करोड़ 29 लाख 12 हजार 356 रुपये की राशि जुर्माना व अवाॅर्ड के रूप में पास की गई। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में प्री लिटिगेशन के 12705 मामलों में से 10193 मामलों का निपटारा किया गया तथा 13 लाख 45 हजार 731 रुपये अवाॅर्ड व जुर्माना राशि तथा अदालतों में लंबित मामलों के 2972 मामलों में से 1226 मामलों का निपटारा किया गया, जबकि 1 करोड़ 15 लाख 66 हजार 625 रुपये की राशि जुर्माना व अवाॅर्ड के रूप में पास की गई।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव समप्रीत कौर ने बताया कि इस वर्ष की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न अदालतों में लंबित मुकदमों आपराधिक मामलों, एनआईए एक्ट, बैंक रिकवरी, एमएसीटी, श्रम विवाद, बिजली व पानी बिल, वैवाहिक विवाद, भूमि अधिग्रहण, सर्विस मामलों सहित अन्य सिविल मामलों की सुनवाई की गई। उन्होंने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के अध्यक्ष डीआर चालिया द्वारा जिला स्तर पर गठित बेंचों ने लोक अदालत में मामलों की सुनवाई की गई। इसी प्रकार से उपमंडल टोहाना व रतिया की अदालतों में न्यायाधीशों ने मामलों की सुनवाई कर नागरिकों के मामलों का निपटान किया।
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सीजेएम समप्रीत कौर ने बताया कि जिला स्तर पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमित गर्ग, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अंबरदीप सिंह, न्यायिक दंडाधिकारी (प्रथम श्रेणी) निधि बैनीवाल, उपमंडल टोहाना में उपमंडल न्यायिक दंडाधिकारी राजीव तथा उपमंडल रतिया में उपमंडल न्यायिक दंडाधिकारी संतोष बगोटिया की अदालत में राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई गई। लोक अदालत में मामलों की सुनवाई करते हुए न्यायाधीशों ने अधिवक्ताओं से कहा कि वे नागरिकों को उनके कोर्ट में लंबित मामलों का निपटान आयोजित होने वाली लोक अदालतों के माध्यम से करवाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में मामलों का निपटान होने से नागरिकों के समय व धन की बचत भी होती है।
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राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 15677 मामलों में से 11419 मामलों की सुनवाई की गई तथा कुल 1 करोड़ 29 लाख 12 हजार 356 रुपये की राशि जुर्माना व अवाॅर्ड के रूप में पास की गई। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में प्री लिटिगेशन के 12705 मामलों में से 10193 मामलों का निपटारा किया गया तथा 13 लाख 45 हजार 731 रुपये अवाॅर्ड व जुर्माना राशि तथा अदालतों में लंबित मामलों के 2972 मामलों में से 1226 मामलों का निपटारा किया गया, जबकि 1 करोड़ 15 लाख 66 हजार 625 रुपये की राशि जुर्माना व अवाॅर्ड के रूप में पास की गई।
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मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव समप्रीत कौर ने बताया कि इस वर्ष की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न अदालतों में लंबित मुकदमों आपराधिक मामलों, एनआईए एक्ट, बैंक रिकवरी, एमएसीटी, श्रम विवाद, बिजली व पानी बिल, वैवाहिक विवाद, भूमि अधिग्रहण, सर्विस मामलों सहित अन्य सिविल मामलों की सुनवाई की गई। उन्होंने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के अध्यक्ष डीआर चालिया द्वारा जिला स्तर पर गठित बेंचों ने लोक अदालत में मामलों की सुनवाई की गई। इसी प्रकार से उपमंडल टोहाना व रतिया की अदालतों में न्यायाधीशों ने मामलों की सुनवाई कर नागरिकों के मामलों का निपटान किया।
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सीजेएम समप्रीत कौर ने बताया कि जिला स्तर पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमित गर्ग, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अंबरदीप सिंह, न्यायिक दंडाधिकारी (प्रथम श्रेणी) निधि बैनीवाल, उपमंडल टोहाना में उपमंडल न्यायिक दंडाधिकारी राजीव तथा उपमंडल रतिया में उपमंडल न्यायिक दंडाधिकारी संतोष बगोटिया की अदालत में राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई गई। लोक अदालत में मामलों की सुनवाई करते हुए न्यायाधीशों ने अधिवक्ताओं से कहा कि वे नागरिकों को उनके कोर्ट में लंबित मामलों का निपटान आयोजित होने वाली लोक अदालतों के माध्यम से करवाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में मामलों का निपटान होने से नागरिकों के समय व धन की बचत भी होती है।