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ओटीपी ने रोके नए दाखिले, अभिभावकों के पास नहीं जा रहे मैसेज, विद्यार्थियों के रजिस्ट्रेशन रुका
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फतेहाबाद में विद्यार्थियों के दाखिले को लेकर प्रक्रिया करते शिक्षक।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। सरकारी स्कूलों में नए दाखिले को लेकर संकट खड़ा हो गया है। विद्यार्थियों से दाखिले के दौरान परिवार पहचान पत्र और आधार कार्ड मांगा जा रहा है। ऑनलाइन करने के दौरान जब पीपीपी और आधार कार्ड नंबर डाला जा रहा है तो शिक्षकों को ओटीपी नहीं मिल रहा है। अभिभावकों ने मोबाइल नंबर बदल लिया है या फिर कोई फसल कटाई में उलझा हुआ है। ओटीपी नंबर नंबर नहीं मिलने से दाखिले की वेरिफिकेशन पूरी नहीं हो रही है और विद्यार्थियों के दाखिले बीच में अटक रहे हैं।
दाखिले को लेकर शिक्षक फंसे हुए हैं, ओटीपी न मिलने से दाखिले की प्रक्रिया पूरी नहीं हो रही है और शिक्षा विभाग नए दाखिले को लेकर दबाव डाल रहा है। पिछले साल जिले के सरकारी स्कूलों में 1 लाख 20 हजार विद्यार्थी रजिस्टर्ड थे, लेकिन इस बार विद्यार्थी दोबारा निजी की तरफ दौड़ रहे है। कोरोना महामारी के चलते दो साल में जिले में 20 हजार विद्यार्थी बढ़े थे।
पीपीपी और आधार कार्ड में दर्ज मोबाइल नंबर बदले
शिक्षकों की माने तो शिक्षा विभाग ने नई गाइडलाइन जारी की है, इसके मुताबिक परिवार पहचान पत्र या फिर आधार कार्ड नंबर दर्ज करना जरूरी है। जब ये आईडी दर्ज की जाती है तो वेरिफिकेशन के लिए संबंधित मोबाइल नंबर पर ओटीपी जाता है। ओटीपी को वापस ऑनलाइन फार्म में दर्ज करना होता है तब प्रक्रिया पूरी होती है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में अधिकतर ने आधार कार्ड और पीपीपी में मोबाइल नंबर बदल रखे है। इसके चलते ओटीपी का मैसेज नहीं जा रहा है।
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विद्यार्थी कम हुए तो देना होगा जवाब
सरकारी स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके साथ ही शिक्षकों को फरमान दिया गया है कि अगर किसी स्कूल में विद्यार्थी कम हुए तो इसको लेकर जवाब देना होगा। शिक्षकों को स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं।
पिछले सत्र में जिले में हुए दाखिले :
कक्षा पिछला दाखिले
पहली 9381
दूसरी 10650
तीसरी 10507
चौथी 10792
पांचवीं 11331
छठी 10870
सातवीं 10106
आठवीं 10247
नौंवी 11299
दसवीं 9796
ग्यारहवीं 8365
बारहवीं 7315
कोरोना काल में बढ़े थे 20 हजार विद्यार्थी, अब निजी में वापसी
कोरोना महामारी की शुरुआत हुई तो अभिभावकों ने अपने बच्चों के दाखिले सरकारी स्कूलों में करवा दिए थे। वर्ष 2021-21 और 2021-2022 के सत्र में करीब 20 हजार विद्यार्थी निजी स्कूलों को छोड़कर सरकारी में आए थे। लेकिन अब फिर सरकारी को छोड़ निजी स्कूलों में वापसी कर रहे है।
कोट
नए-नए पैटर्न से शिक्षकों को शैक्षणिक कार्यों से दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। शिक्षकों को पूरा दिन डाटा एंट्री और ऑनलाइन जैसे गैर शैक्षणिक कार्यों में उलझा कर छोड़ दिया है, इससे शिक्षा पर दुष्प्रभाव पड़ेगा। दाखिले का कार्य पूर्व की तरह सिम (स्कूल मैनेजर) एवं कंप्यूटर शिक्षकों से करवाया जाए।
-देवेंद्र सिंह दहिया, राज्य चेयरमैन, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ
कोट
सरकारी स्कूलों में दाखिले के लिए आधार कार्ड और पीपीपी अनिवार्य कर दिया है। दाखिले के समय आधार कार्ड और पीपीपी से वेरिफिकेशन की जाएगी। शिक्षकों की तरफ से शिकायत आई है कि वेरिफिकेशन के दौरान दिक्कत आ रही है। इसको लेकर निदेशालय में उच्च अधिकारियों से बात करके समाधान करवाया जाएगा।
-दयानंद सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी
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दाखिले को लेकर शिक्षक फंसे हुए हैं, ओटीपी न मिलने से दाखिले की प्रक्रिया पूरी नहीं हो रही है और शिक्षा विभाग नए दाखिले को लेकर दबाव डाल रहा है। पिछले साल जिले के सरकारी स्कूलों में 1 लाख 20 हजार विद्यार्थी रजिस्टर्ड थे, लेकिन इस बार विद्यार्थी दोबारा निजी की तरफ दौड़ रहे है। कोरोना महामारी के चलते दो साल में जिले में 20 हजार विद्यार्थी बढ़े थे।
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पीपीपी और आधार कार्ड में दर्ज मोबाइल नंबर बदले
शिक्षकों की माने तो शिक्षा विभाग ने नई गाइडलाइन जारी की है, इसके मुताबिक परिवार पहचान पत्र या फिर आधार कार्ड नंबर दर्ज करना जरूरी है। जब ये आईडी दर्ज की जाती है तो वेरिफिकेशन के लिए संबंधित मोबाइल नंबर पर ओटीपी जाता है। ओटीपी को वापस ऑनलाइन फार्म में दर्ज करना होता है तब प्रक्रिया पूरी होती है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में अधिकतर ने आधार कार्ड और पीपीपी में मोबाइल नंबर बदल रखे है। इसके चलते ओटीपी का मैसेज नहीं जा रहा है।
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विद्यार्थी कम हुए तो देना होगा जवाब
सरकारी स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके साथ ही शिक्षकों को फरमान दिया गया है कि अगर किसी स्कूल में विद्यार्थी कम हुए तो इसको लेकर जवाब देना होगा। शिक्षकों को स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं।
पिछले सत्र में जिले में हुए दाखिले :
कक्षा पिछला दाखिले
पहली 9381
दूसरी 10650
तीसरी 10507
चौथी 10792
पांचवीं 11331
छठी 10870
सातवीं 10106
आठवीं 10247
नौंवी 11299
दसवीं 9796
ग्यारहवीं 8365
बारहवीं 7315
कोरोना काल में बढ़े थे 20 हजार विद्यार्थी, अब निजी में वापसी
कोरोना महामारी की शुरुआत हुई तो अभिभावकों ने अपने बच्चों के दाखिले सरकारी स्कूलों में करवा दिए थे। वर्ष 2021-21 और 2021-2022 के सत्र में करीब 20 हजार विद्यार्थी निजी स्कूलों को छोड़कर सरकारी में आए थे। लेकिन अब फिर सरकारी को छोड़ निजी स्कूलों में वापसी कर रहे है।
कोट
नए-नए पैटर्न से शिक्षकों को शैक्षणिक कार्यों से दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। शिक्षकों को पूरा दिन डाटा एंट्री और ऑनलाइन जैसे गैर शैक्षणिक कार्यों में उलझा कर छोड़ दिया है, इससे शिक्षा पर दुष्प्रभाव पड़ेगा। दाखिले का कार्य पूर्व की तरह सिम (स्कूल मैनेजर) एवं कंप्यूटर शिक्षकों से करवाया जाए।
-देवेंद्र सिंह दहिया, राज्य चेयरमैन, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ
कोट
सरकारी स्कूलों में दाखिले के लिए आधार कार्ड और पीपीपी अनिवार्य कर दिया है। दाखिले के समय आधार कार्ड और पीपीपी से वेरिफिकेशन की जाएगी। शिक्षकों की तरफ से शिकायत आई है कि वेरिफिकेशन के दौरान दिक्कत आ रही है। इसको लेकर निदेशालय में उच्च अधिकारियों से बात करके समाधान करवाया जाएगा।
-दयानंद सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी