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अस्पतालों में बढ़ी ओपीडी, बच्चे भी चपेट में, डेगू के मिल चुके 15 केस, लारवा मिलने पर 2270 घरों को नोटिस भी जारी
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नागरिक अस्पताल में सैंपल लेते हुए स्वास्थ्यकर्मी।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। गर्मी के बाद अब मौसम बदलते ही वायरल बुखार बढ़ता जा रहा है। यह नहीं डेंगू के मरीजों में भी बढ़ोतरी हो रही है। वायरल बुखार की चपेट में बच्चे भी आ रहे है। सरकारी और निजी अस्पतालों में ओपीडी में बढ़ोतरी हुई है। वायरल बुखार, खांसी, जुकाम की शिकायत लेकर मरीज अस्पतालों में पहुंच रहे है। फीजिशियन की ओपीडी पहले जहां 60 से 70 की होती थी वह 100 तक पहुंच गई है।
चिकित्सकों का कहना है कि मौसम में परिवर्तन हो रहा है, ऐसे समय में ठंडे पेय पदार्थो का सेवन करना शरीर के हानिकारक हो सकता है। ये ही सबसे बड़ा कारण है कि लोग वायरल बुखार, खांसी और जुकाम से ग्रस्त हो रहे हैं। तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण शरीर की प्रतिरक्षण क्षमता कमजोर पड़ जाती है। इस कारण से शरीर जल्द ही वायरस के संक्रमण में आ जाता है। वहीं लोग भी डेंगू और मलेरिया को लेकर जागरूक नहीं है। जिले में सर्वे के दौरान लारवा मिलने पर अभी तक 2270 घरों को नोटिस दिया जा चुका है। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग ने पानी की सैंपलिंग भी शुरू कर दी है। पानी के ओटी और बीटी सैंपल लिए जा रहे हैं।
बच्चों की ओपीडी बढ़ी, खास ध्यान की जरूरत
अस्पतालों में शिशु रोग विशेषज्ञ के पास बच्चों की ओपीडी भी बढ़ी है। करीब 20 से 25 फीसदी तक ओपीडी बढ़ी है। बच्चे भी वायरल बुखार, खांसी और जुकाम की चपेट में आ रहे है। चिकित्सकाें का कहना है कि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है और वह जल्द ही बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं।
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जिले में डेंगू और मलेरिया की स्थिति
वर्ष डेंगू मलेरिया
2015 189 88
2016 38 59
2017 419 42
2018 56 2
2019 29 5
2020 35 0
2021 15 1
शहर में फॉगिंग का काम सुस्त, अफसर खामोश
जिला नगर आयुक्त के आदेशों के बावजूद शहर में फॉगिंग का काम सुस्त चल रहा है। शहर में अभी तक एक बार भी फोगिंग का काम पूरा नहीं हुआ है। नप के पास फोगिंग मशीनें होने के बावजूद नहीं हो रही है। डीएमसी अजय चौपड़ा ने पिछले दिनों निरीक्षण के दौरान आदेश दिए थे कि शहर में जल्द से जल्द से फोगिंग करवाई जाए लेकिन आदेशों के बावजूद फॉगिंग नहीं हो रही है। ये हालात तब हैं जब शहर में इन दिनों में 9 डेंगू मरीज मिल चुके है।
ठंडी चीजों का सेवन करने से बचें
ओपीडी में वायरल बुखार, टाइफाइड व डेंगू के मरीज आ रहे हैं। मौसम में परिवर्तन हो रहा है। ठंडी चीजों का सेवन करने सें बचें। अगर एलर्जी रहती है तो समय पर दवाई लेते रहें।
- डॉ. मनीष टुटेजा, टीबी रोग विशेषज्ञ
बच्चों के खान-पान का ध्यान रखें
मौसम में परिवर्तन के कारण बच्चे वायरल बुखार की चपेट में आ रहे है। वायरल बुखार,खांसी-जुकाम से पीड़ित बच्चे ओपीडी में आ रहे है। वायरल बुखार ठीक होने में तीन से चार दिन का समय लगता है। अभिभावक बच्चों को पौष्टिक आहार दें, ताकि वह बीमारियों से बचें रह सकें।
- डॉ. वरुण मुंजाल, शिशु रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल
डेंगू के मरीज मिल रहे वहां फॉगिंग करवा रहे
शहर में डेंगू के जहां-जहां पर मरीज मिल रहे हैं वहां पर हम फॉगिंग करवा रहे हैं। हमारे पास वहीं पर फोगिंग करवाने का पत्र मिला है।
- मुकेश शर्मा, मुख्य सफाई निरीक्षक
वायरल बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। लोगों से अपील है कि उन्हें डेंगू, मलेरिया या चिकनगुनिया के लक्षण दिखें तो स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच जरूर करवाएं। इसके अलावा खांसी-जुकाम है तो लोगों से दूरी बनाकर रखें।
- डॉ. हनुमान, उप सिविल सर्जन
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चिकित्सकों का कहना है कि मौसम में परिवर्तन हो रहा है, ऐसे समय में ठंडे पेय पदार्थो का सेवन करना शरीर के हानिकारक हो सकता है। ये ही सबसे बड़ा कारण है कि लोग वायरल बुखार, खांसी और जुकाम से ग्रस्त हो रहे हैं। तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण शरीर की प्रतिरक्षण क्षमता कमजोर पड़ जाती है। इस कारण से शरीर जल्द ही वायरस के संक्रमण में आ जाता है। वहीं लोग भी डेंगू और मलेरिया को लेकर जागरूक नहीं है। जिले में सर्वे के दौरान लारवा मिलने पर अभी तक 2270 घरों को नोटिस दिया जा चुका है। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग ने पानी की सैंपलिंग भी शुरू कर दी है। पानी के ओटी और बीटी सैंपल लिए जा रहे हैं।
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बच्चों की ओपीडी बढ़ी, खास ध्यान की जरूरत
अस्पतालों में शिशु रोग विशेषज्ञ के पास बच्चों की ओपीडी भी बढ़ी है। करीब 20 से 25 फीसदी तक ओपीडी बढ़ी है। बच्चे भी वायरल बुखार, खांसी और जुकाम की चपेट में आ रहे है। चिकित्सकाें का कहना है कि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है और वह जल्द ही बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं।
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जिले में डेंगू और मलेरिया की स्थिति
वर्ष डेंगू मलेरिया
2015 189 88
2016 38 59
2017 419 42
2018 56 2
2019 29 5
2020 35 0
2021 15 1
शहर में फॉगिंग का काम सुस्त, अफसर खामोश
जिला नगर आयुक्त के आदेशों के बावजूद शहर में फॉगिंग का काम सुस्त चल रहा है। शहर में अभी तक एक बार भी फोगिंग का काम पूरा नहीं हुआ है। नप के पास फोगिंग मशीनें होने के बावजूद नहीं हो रही है। डीएमसी अजय चौपड़ा ने पिछले दिनों निरीक्षण के दौरान आदेश दिए थे कि शहर में जल्द से जल्द से फोगिंग करवाई जाए लेकिन आदेशों के बावजूद फॉगिंग नहीं हो रही है। ये हालात तब हैं जब शहर में इन दिनों में 9 डेंगू मरीज मिल चुके है।
ठंडी चीजों का सेवन करने से बचें
ओपीडी में वायरल बुखार, टाइफाइड व डेंगू के मरीज आ रहे हैं। मौसम में परिवर्तन हो रहा है। ठंडी चीजों का सेवन करने सें बचें। अगर एलर्जी रहती है तो समय पर दवाई लेते रहें।
- डॉ. मनीष टुटेजा, टीबी रोग विशेषज्ञ
बच्चों के खान-पान का ध्यान रखें
मौसम में परिवर्तन के कारण बच्चे वायरल बुखार की चपेट में आ रहे है। वायरल बुखार,खांसी-जुकाम से पीड़ित बच्चे ओपीडी में आ रहे है। वायरल बुखार ठीक होने में तीन से चार दिन का समय लगता है। अभिभावक बच्चों को पौष्टिक आहार दें, ताकि वह बीमारियों से बचें रह सकें।
- डॉ. वरुण मुंजाल, शिशु रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल
डेंगू के मरीज मिल रहे वहां फॉगिंग करवा रहे
शहर में डेंगू के जहां-जहां पर मरीज मिल रहे हैं वहां पर हम फॉगिंग करवा रहे हैं। हमारे पास वहीं पर फोगिंग करवाने का पत्र मिला है।
- मुकेश शर्मा, मुख्य सफाई निरीक्षक
वायरल बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। लोगों से अपील है कि उन्हें डेंगू, मलेरिया या चिकनगुनिया के लक्षण दिखें तो स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच जरूर करवाएं। इसके अलावा खांसी-जुकाम है तो लोगों से दूरी बनाकर रखें।
- डॉ. हनुमान, उप सिविल सर्जन