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Fatehabad News: ऑनलाइन ठगी करने वालेे गिरोह का पर्दाफाश
Wed, 01 Oct 2025 11:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 01 Oct 2025 11:11 PM IST
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पुलिस की गिरफ्त में साइबर ठगी के आरोपी। स्रोत : पुलिस विभाग
फतेहाबाद। फतेहाबाद साइबर पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के अन्तर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने राजस्थान के भीलवाड़ा में छापा मारकर गिरोह के छह लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान भीलवाड़ा के अविनाश खोईवाल, भैरू लाल, आकाश चावला, अंकित, चितौड़गढ़ जिले के के मनोज और चिराग के रूप में हुई।
आरोपियों से 3 लैपटॉप, 1 टैबलेट, 28 मोबाइल फोन, फर्जी दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस दस्तावेजों को भी खंगाल रही है ताकि अन्य मामलों का भी खुलासा हो सके। शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क हरियाणा, राजस्थान के अलावा दिल्ली, मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश में भी अनेक वारदातों को अंजाम दे चुका है।
जांच अधिकारी दिव्यांशी सिंगला ने बुधवार को अपने कार्यालय में एक पत्रकार वार्ता में मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि फर्जी गैंबलिंग एप फेयरप्ले और मेफेयर से भी लोगों के साथ ठगी की जाती थी। आरोपियों से पूछताछ कर ये जानने का प्रयास किया जा रहा है कि अब तक कितने लोगों से ठगी की गई।
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जापतेवाला के बलजीत ने दर्ज कराई थी शिकायत
गांव जापता निवासी बलजीत सिंह ने 29 अप्रैल को एक शिकायत देकर कहा था कि एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को उसका परिचित बताते हुए कॉल किया। आरोपी ने कहा कि वह उसके खाते में 20,000 भेज रहा है और कुछ दिन में वापस ले लेगा। इसके बाद अज्ञात आरोपी ने 15,000 और 50,00 के फर्जी टेक्स्ट मैसेज भेजकर उसे ठगने का प्रयास किया। वह अज्ञात ठग की बातों में नहीं आए और साइबर पुलिस को मामले की जानकारी देते हुए शिकायत दर्ज करवाई। मामले की जांच साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक राहुल कुमार को सौंपी गई। इसके बाद उनके नेतृत्व में उपनिरीक्षक कृष्ण कुमार, उपनिरीक्षक मंगल सिंह व उपनिरीक्षक रजत कुमार की टीम ने तकनीकी विश्लेषण व डिजिटल ट्रैकिंग के आधार पर की।
इस तरह देते थे वारदातों को अंजाम
सिंगला ने बताया कि भीलवाड़ा में बैठकर ही सभी आरोपी सोशल मीडिया, कॉल या मैसेज के जरिए विभिन्न लोगों से संपर्क करते थे। बातों-बातों में उनकी बातचीत का तरीका जानकर फिर खुद को जानकार या परिचित बताकर विश्वास अर्जित करते और विभिन्न बहानों से बैंक खाता, ओटीपी या अन्य जानकारी प्राप्त कर लोगों को आर्थिक रूप से चूना लगाते थे। गिरोह के सदस्य कई राज्यों में सक्रिय रहकर संगठित साइबर ठगी करते थे।
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आरोपियों से 3 लैपटॉप, 1 टैबलेट, 28 मोबाइल फोन, फर्जी दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस दस्तावेजों को भी खंगाल रही है ताकि अन्य मामलों का भी खुलासा हो सके। शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क हरियाणा, राजस्थान के अलावा दिल्ली, मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश में भी अनेक वारदातों को अंजाम दे चुका है।
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जांच अधिकारी दिव्यांशी सिंगला ने बुधवार को अपने कार्यालय में एक पत्रकार वार्ता में मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि फर्जी गैंबलिंग एप फेयरप्ले और मेफेयर से भी लोगों के साथ ठगी की जाती थी। आरोपियों से पूछताछ कर ये जानने का प्रयास किया जा रहा है कि अब तक कितने लोगों से ठगी की गई।
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जापतेवाला के बलजीत ने दर्ज कराई थी शिकायत
गांव जापता निवासी बलजीत सिंह ने 29 अप्रैल को एक शिकायत देकर कहा था कि एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को उसका परिचित बताते हुए कॉल किया। आरोपी ने कहा कि वह उसके खाते में 20,000 भेज रहा है और कुछ दिन में वापस ले लेगा। इसके बाद अज्ञात आरोपी ने 15,000 और 50,00 के फर्जी टेक्स्ट मैसेज भेजकर उसे ठगने का प्रयास किया। वह अज्ञात ठग की बातों में नहीं आए और साइबर पुलिस को मामले की जानकारी देते हुए शिकायत दर्ज करवाई। मामले की जांच साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक राहुल कुमार को सौंपी गई। इसके बाद उनके नेतृत्व में उपनिरीक्षक कृष्ण कुमार, उपनिरीक्षक मंगल सिंह व उपनिरीक्षक रजत कुमार की टीम ने तकनीकी विश्लेषण व डिजिटल ट्रैकिंग के आधार पर की।
इस तरह देते थे वारदातों को अंजाम
सिंगला ने बताया कि भीलवाड़ा में बैठकर ही सभी आरोपी सोशल मीडिया, कॉल या मैसेज के जरिए विभिन्न लोगों से संपर्क करते थे। बातों-बातों में उनकी बातचीत का तरीका जानकर फिर खुद को जानकार या परिचित बताकर विश्वास अर्जित करते और विभिन्न बहानों से बैंक खाता, ओटीपी या अन्य जानकारी प्राप्त कर लोगों को आर्थिक रूप से चूना लगाते थे। गिरोह के सदस्य कई राज्यों में सक्रिय रहकर संगठित साइबर ठगी करते थे।