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अधिकारी रोक रहे ट्रॉलियां, दबाव डाल रहा प्रशासन
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रतिया में तूड़ी लेकर जा रहे वाहन रूकवाते पुलिसकर्मी।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। जिले में तूड़ी को लेकर तनातनी शुरू हो गई है। अधिकारी जहां दूसरे प्रदेशों में जा रही तूड़ी की ट्रॉलियों को रोक रहे हैं, वहीं तूड़ी सप्लायर्स ने अब प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सप्लायर्स ने प्रशासन पर दबाव डालने का आरोप लगाया है। इसको लेकर सप्लायर्स ने प्रशासन के विरोध में प्रदर्शन करते हुए कहा कि तूड़ी एकत्रित करने पर 800 रुपये प्रति क्विंटल खर्चा आ रहा है जबकि प्रशासनिक अधिकारी 500 रुपये में देने का दबाव डाल रहे हैं।
बता दें कि रतिया में एसडीएम ने पुलिस की मदद से तूड़ी से भरी पांच ट्रॉलियों को भी पकड़ा। भट्टू में एसडीएम ने गोशाला संचालकों, सामाजिक संगठनों व गणमान्य नागरिकों के साथ बैठक भी की। वहीं शुक्रवार को तूड़ी सप्लायर्स ने रतिया चुंगी पर एकत्रित होकर प्रदर्शन किया। प्रशासन पर उनसे धक्केशाही के आरोप जड़ते हुए सप्लायर्स ने कहा कि प्रशासन के कारण उनको प्रति ट्रॉली 40 से 50 हजार का नुकसान होने का खतरा पैदा हो गया है। उनका कहना है कि प्रशासन उन पर गोशालाओं में कम दाम पर तूड़ी की ट्राली देने को दबाव बना रहा है, इससे उनको भारी नुकसान होगा और उनकी रोटी के लाले पड़ जाएंगे। ट्रैक्टर यूनियन प्रधान राजकुमार राजू ने बताया कि प्रशासन ने बीते दिन तूड़ा बाहर ले जाने पर रोक लगा दी है। वे आसपास के गांवों से तूड़ी इकट्ठी करके लाते हैं और उन्हें तूड़ी खरीद, भराई, तेल खर्चा आदि मिलाकर सवा 800 रुपये प्रति क्विंटल मिलती है। एक ट्रॉली में लगभग 130 क्विंटल तूड़ी भरी होती है। प्रशासन अब उन पर दबाव बना रहा है कि 500 रुपये क्विंटल के हिसाब से गोशालाओं को तूड़ी दें। वे तूड़ी देने को तैयार हैं, लेकिन उन्हें कम से कम उनका खर्चा तो दिलाया जाए। इस तरह तो 300 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब 40 से 50 हजार रुपये प्रति ट्राली उन्हें नुकसान होगा।
बोले- धांगड़ गोशाला में धक्के से डलवाई दो ट्रॉली
प्रधान राजकुमार ने आरोप लगाया कि वीरवार रात दो ट्राली धांगड़ गोशाला में धक्के से डलवाई गई है और चालान भी काट दिया गया है। उनके लोगों के पास 50 से ज्यादा ट्रालियां है और 20 लाख रुपये का उन्हें नुकसान उठाना होगा। यह वे सहन नहीं कर सकेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने प्रशासन को तूड़ी नहीं देने की बात कही तो अधिकारियों ने क्रेन से ट्राली उठा ले जाने की धमकी दी।
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उधर, रतिया में एसडीएम ने राजस्थान जा रही पांच ट्रॉलियां रोकीं
रतिया। डीसी के आदेश पर एसडीएम सुभाष चंद्र व शहर थाना प्रभारी रुपेश चौधरी की टीम ने फतेहाबाद रोड पर रतिया से राजस्थान ले जाई जा रही तूड़ी की ट्रालियों को जब्त किया। दोनों टीमों ने पांच ट्रॉलियां रोकी, जो ओवरलोडेड होने के साथ साथ ओवर हाइट भी थी। इन ट्रॉलियों में हजारों क्विंटल तूड़ी भरी हुई थी। अधिकांश चालक यहां से तूड़ी भर कर राजस्थान में मंहगे रेटों पर बेचने के लिए ले जा रहे थे। थाना प्रभारी रुपेश चौधरी ने बताया कि रतिया क्षेत्र से ले जाई जा रही तूड़ी की ट्रालियों को रोककर जब्त किया गया है। सूचना थी कि तूड़ी रतिया से राजस्थान में बेचने के लिए ले जाई जा रही है। फिलहाल तीन ट्रैक्टर ट्राली को नंदीशाला और दो को अन्य स्थान पर रोककर रखा गया है।
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बता दें कि रतिया में एसडीएम ने पुलिस की मदद से तूड़ी से भरी पांच ट्रॉलियों को भी पकड़ा। भट्टू में एसडीएम ने गोशाला संचालकों, सामाजिक संगठनों व गणमान्य नागरिकों के साथ बैठक भी की। वहीं शुक्रवार को तूड़ी सप्लायर्स ने रतिया चुंगी पर एकत्रित होकर प्रदर्शन किया। प्रशासन पर उनसे धक्केशाही के आरोप जड़ते हुए सप्लायर्स ने कहा कि प्रशासन के कारण उनको प्रति ट्रॉली 40 से 50 हजार का नुकसान होने का खतरा पैदा हो गया है। उनका कहना है कि प्रशासन उन पर गोशालाओं में कम दाम पर तूड़ी की ट्राली देने को दबाव बना रहा है, इससे उनको भारी नुकसान होगा और उनकी रोटी के लाले पड़ जाएंगे। ट्रैक्टर यूनियन प्रधान राजकुमार राजू ने बताया कि प्रशासन ने बीते दिन तूड़ा बाहर ले जाने पर रोक लगा दी है। वे आसपास के गांवों से तूड़ी इकट्ठी करके लाते हैं और उन्हें तूड़ी खरीद, भराई, तेल खर्चा आदि मिलाकर सवा 800 रुपये प्रति क्विंटल मिलती है। एक ट्रॉली में लगभग 130 क्विंटल तूड़ी भरी होती है। प्रशासन अब उन पर दबाव बना रहा है कि 500 रुपये क्विंटल के हिसाब से गोशालाओं को तूड़ी दें। वे तूड़ी देने को तैयार हैं, लेकिन उन्हें कम से कम उनका खर्चा तो दिलाया जाए। इस तरह तो 300 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब 40 से 50 हजार रुपये प्रति ट्राली उन्हें नुकसान होगा।
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बोले- धांगड़ गोशाला में धक्के से डलवाई दो ट्रॉली
प्रधान राजकुमार ने आरोप लगाया कि वीरवार रात दो ट्राली धांगड़ गोशाला में धक्के से डलवाई गई है और चालान भी काट दिया गया है। उनके लोगों के पास 50 से ज्यादा ट्रालियां है और 20 लाख रुपये का उन्हें नुकसान उठाना होगा। यह वे सहन नहीं कर सकेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने प्रशासन को तूड़ी नहीं देने की बात कही तो अधिकारियों ने क्रेन से ट्राली उठा ले जाने की धमकी दी।
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उधर, रतिया में एसडीएम ने राजस्थान जा रही पांच ट्रॉलियां रोकीं
रतिया। डीसी के आदेश पर एसडीएम सुभाष चंद्र व शहर थाना प्रभारी रुपेश चौधरी की टीम ने फतेहाबाद रोड पर रतिया से राजस्थान ले जाई जा रही तूड़ी की ट्रालियों को जब्त किया। दोनों टीमों ने पांच ट्रॉलियां रोकी, जो ओवरलोडेड होने के साथ साथ ओवर हाइट भी थी। इन ट्रॉलियों में हजारों क्विंटल तूड़ी भरी हुई थी। अधिकांश चालक यहां से तूड़ी भर कर राजस्थान में मंहगे रेटों पर बेचने के लिए ले जा रहे थे। थाना प्रभारी रुपेश चौधरी ने बताया कि रतिया क्षेत्र से ले जाई जा रही तूड़ी की ट्रालियों को रोककर जब्त किया गया है। सूचना थी कि तूड़ी रतिया से राजस्थान में बेचने के लिए ले जाई जा रही है। फिलहाल तीन ट्रैक्टर ट्राली को नंदीशाला और दो को अन्य स्थान पर रोककर रखा गया है।

रतिया में प्रशासन द्वारा जब्त की गई तूड़ी से भरी ट्रॉलियां।- फोटो : Fatehabad