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एडमिशन के नाम पर साढे़ छह लाख की ठगी
fatehabad
Updated Tue, 05 Aug 2014 11:56 PM IST
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पुलिस ने अदालत के आदेश पर गांव जाखनदादी के दो भाइयों से दाखिले के नाम पर साढे़ 6 लाख रुपये की ठगी मारने के मामले में बंगलुरू और बिहार के 4 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
जाखनदादी निवासी मोहन सिंह ने रतिया की अदालत को दी गई शिकायत मे बताया कि उसे अपने दो लड़कों इंद्रजीत और रविंद्रजीत का एमबीबीएस में एडमिशन करवाना था। इसके लिए वह काफी प्रयास कर रहा था।
इस दौरान उसके मोबाइल पर 17 अप्रैल 2013 को एक मैसेज आया कि कोलकाता मेडिकल कॉलेज में मैनेजमेंट कोटे से एमबीबीएस के एडमिशन चल रहे हैं और साथ ही एक फोन नंबर भी दिया गया था। उस नंबर पर राजू नामक एक व्यक्ति ने बात की ओर राजू ने डॉक्टर सिद्धार्थ अग्रवाल का नम्बर दिया। जिसके बाद उसने सिद्धार्थ के नंबर पर बात की तो उसने दोनों लड़कों का एडमिशन एमबीबीएस में करवाने की बात कही और दोनों के रजिस्ट्रेशन के लिए ढाई लाख रुपये मांगे । जिसकी उन्होंने हां कर दी।
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बाद में उसका फोन आया कि लड़कों का एडमिशन पक्का हो गया है। फोनकर्ता ने अपनी ईमेल आईडी देकर दोनों लड़कों के दस्तावेज मांगे व साथ में डॉ. श्यामल बनर्जी का अकाउंट नंबर देकर उसमें पैसे डलवाने को कहा। मोहन सिंह के अनुसार उसने 25 अप्रैल और 30 अप्रैल 2013 को सवा-सवा लाख रुपये और 6 मई 2013 को 4 लाख रुपये श्यामल बनर्जी के खाते में जमा करवा दिए लेकिन जब 12 मई को एडमिशन के लिए कोलकत्ता पहुंचे तो सभी आरोपियों के मोबाइल बंद मिले और उनके ठिकाने भी फर्जी पाये गए।
इस पर अदालत ने 156(3) के तहत चारों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे। पुलिस ने मंगलवार को अदालत के आदेशों पर राजू बंगलुरू, डॉ. सिद्धार्थ अग्रवाल, श्यामल बनर्जी पटना व सूर्य सिंह निवासी झारिया, धनबाद बिहार आदि के खिलाफ धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं 420, 467, 468, 471, 120 आईपीसी के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद आरोपियों की धर पकड़ के लिए मोबाइल की कॉल डिटेल व ईमेल के माध्यम से पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
जाखनदादी निवासी मोहन सिंह ने रतिया की अदालत को दी गई शिकायत मे बताया कि उसे अपने दो लड़कों इंद्रजीत और रविंद्रजीत का एमबीबीएस में एडमिशन करवाना था। इसके लिए वह काफी प्रयास कर रहा था।
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इस दौरान उसके मोबाइल पर 17 अप्रैल 2013 को एक मैसेज आया कि कोलकाता मेडिकल कॉलेज में मैनेजमेंट कोटे से एमबीबीएस के एडमिशन चल रहे हैं और साथ ही एक फोन नंबर भी दिया गया था। उस नंबर पर राजू नामक एक व्यक्ति ने बात की ओर राजू ने डॉक्टर सिद्धार्थ अग्रवाल का नम्बर दिया। जिसके बाद उसने सिद्धार्थ के नंबर पर बात की तो उसने दोनों लड़कों का एडमिशन एमबीबीएस में करवाने की बात कही और दोनों के रजिस्ट्रेशन के लिए ढाई लाख रुपये मांगे । जिसकी उन्होंने हां कर दी।
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बाद में उसका फोन आया कि लड़कों का एडमिशन पक्का हो गया है। फोनकर्ता ने अपनी ईमेल आईडी देकर दोनों लड़कों के दस्तावेज मांगे व साथ में डॉ. श्यामल बनर्जी का अकाउंट नंबर देकर उसमें पैसे डलवाने को कहा। मोहन सिंह के अनुसार उसने 25 अप्रैल और 30 अप्रैल 2013 को सवा-सवा लाख रुपये और 6 मई 2013 को 4 लाख रुपये श्यामल बनर्जी के खाते में जमा करवा दिए लेकिन जब 12 मई को एडमिशन के लिए कोलकत्ता पहुंचे तो सभी आरोपियों के मोबाइल बंद मिले और उनके ठिकाने भी फर्जी पाये गए।
इस पर अदालत ने 156(3) के तहत चारों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे। पुलिस ने मंगलवार को अदालत के आदेशों पर राजू बंगलुरू, डॉ. सिद्धार्थ अग्रवाल, श्यामल बनर्जी पटना व सूर्य सिंह निवासी झारिया, धनबाद बिहार आदि के खिलाफ धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं 420, 467, 468, 471, 120 आईपीसी के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद आरोपियों की धर पकड़ के लिए मोबाइल की कॉल डिटेल व ईमेल के माध्यम से पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।