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Fatehabad News: अब डीआरडीए का कामकाज भी रहेगा जिला परिषद अध्यक्ष के अधीन
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फतेहाबाद। चंडीगढ़ के हरियाणा निवास पर रविवार को जिला परिषद के अध्यक्षों, सीईओ व पंचायती राज विभाग के कार्यकारी अभियंताओं की हुई बैठक में मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने स्पष्ट किया कि जिला परिषद के चेयरमैन जिला परिषद के साथ-साथ डीआरडीए के काम काज को भी देखेंगे। वह डीआरडीए के भी चेयरमैन माने जाएंगे। वहीं उन्होंने जिला परिषद के सीईओ को भी जिला परिषद कार्यालय में बैठने के निर्देश दिए हैं।
जिला परिषद के अध्यक्षों व सदस्यों की हमेशा से शिकायत रहती थी कि पंचायती राज से जुड़े अधिकारियों की बात को नहीं सुना जाता है, जिसे ग्रामीण आंचल में होने वाले काम प्रभावित होते हैं। वहीं सरकार ने दो साल पहले ही घोषणा की थी कि डीआरडीए के काम भी जिला परिषद के अध्यक्ष ही देखेंगे, लेकिन अधिकारियों के अकड़ाउपन के चलते जिला परिषद चेयरमैन डीआरडीए का कार्यभार नहीं संभाल पा रहे थे। डीआरडीए के कामों को देखने के लिए जिला परिषद के अध्यक्षों व अधिकारियाें दोनों में असमंजस बना रहता था। इन्हीं सभी मुद्दों को लेकर रविवार को चंडीगढ़ के हरियाणा निवास पर मुख्यमंत्री मनोहरलाल, प्रदेश के सभी 22 जिलों के अध्यक्षों, सीईओ व पंचायती राज विभाग के कार्यकारी अभियंताओं की बैठक हुई।
इस बैठक में मुख्यमंत्री के सामने जब डीआरडीए के कामों की बात आई तो मुख्यमंत्री ने साफ लहजे से कहा कि डीआरडीए का पूरा काम जिला परिषद के अध्यक्ष ही देखेंगे और वह इसके भी अध्यक्ष हैं। वही इसका काम संभालेंगे। इसके बाद उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिला परिषद के सीईओ जोकि डीआरडीए कार्यालय में बैठते हैं, उनको जिला परिषद के कार्यालय में बैठना होगा। इसके अलावा उन्होंने जिला परिषद के सदस्यों से गांवों में विकास के लिए पास हुए रेज्यूलेशन, कितने काम पोर्टल पर अपलोड हुए, कितने पेंडिंग व कितना काम हुआ, इसकी जानकारी ली। साथ ही राजस्व विभाग द्वारा जिला परिषद व पंचायतों को देने वाले शेयर पर भी चर्चा की गई।
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फतेहाबाद में जिप के पास आठ करोड़ का बजट, नहीं जारी हो रहे टेंडर
फतेहाबाद जिला परिषद के पास ग्रामीण विकास कार्यों के लिए आठ करोड़ का बजट आया हुआ है, लेकिन अभी तक इस बजट का प्रयोग नहीं हो पाया है। 22 सितंबर को इस संबंध में जिला परिषद की बैठक होनी थी, लेकिन सीएम से बैठक के चलते यह बैठक टाल दी गई। अब आगे बैठक बुलाकर इस बजट पर चर्चा की जाएगी।
कोट
रविवार को मुख्यमंत्री के साथ पंचायती राज से जुड़े अधिकारियों व जिला परिषद के अध्यक्षों के साथ बैठक हुई। कई मुद्दों पर बातचीत हुई और सीएम ने डीआरडीए के कार्य जिला परिषद चेयरमैन के अधीन कर दिए हैं। साथ ही जिला परिषद के सीईओ को जिला परिषद कार्यालय में बैठना होगा। अन्य मुद्दों पर भी सीएम ने गौर किया है। जल्द ही ग्रामीण विकास के लिए काम आरंभ होंगे।
-सुमन सुभाष खिचड़, चेयरपर्सन जिला परिषद, फतेहाबाद।
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जिला परिषद के अध्यक्षों व सदस्यों की हमेशा से शिकायत रहती थी कि पंचायती राज से जुड़े अधिकारियों की बात को नहीं सुना जाता है, जिसे ग्रामीण आंचल में होने वाले काम प्रभावित होते हैं। वहीं सरकार ने दो साल पहले ही घोषणा की थी कि डीआरडीए के काम भी जिला परिषद के अध्यक्ष ही देखेंगे, लेकिन अधिकारियों के अकड़ाउपन के चलते जिला परिषद चेयरमैन डीआरडीए का कार्यभार नहीं संभाल पा रहे थे। डीआरडीए के कामों को देखने के लिए जिला परिषद के अध्यक्षों व अधिकारियाें दोनों में असमंजस बना रहता था। इन्हीं सभी मुद्दों को लेकर रविवार को चंडीगढ़ के हरियाणा निवास पर मुख्यमंत्री मनोहरलाल, प्रदेश के सभी 22 जिलों के अध्यक्षों, सीईओ व पंचायती राज विभाग के कार्यकारी अभियंताओं की बैठक हुई।
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इस बैठक में मुख्यमंत्री के सामने जब डीआरडीए के कामों की बात आई तो मुख्यमंत्री ने साफ लहजे से कहा कि डीआरडीए का पूरा काम जिला परिषद के अध्यक्ष ही देखेंगे और वह इसके भी अध्यक्ष हैं। वही इसका काम संभालेंगे। इसके बाद उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिला परिषद के सीईओ जोकि डीआरडीए कार्यालय में बैठते हैं, उनको जिला परिषद के कार्यालय में बैठना होगा। इसके अलावा उन्होंने जिला परिषद के सदस्यों से गांवों में विकास के लिए पास हुए रेज्यूलेशन, कितने काम पोर्टल पर अपलोड हुए, कितने पेंडिंग व कितना काम हुआ, इसकी जानकारी ली। साथ ही राजस्व विभाग द्वारा जिला परिषद व पंचायतों को देने वाले शेयर पर भी चर्चा की गई।
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फतेहाबाद में जिप के पास आठ करोड़ का बजट, नहीं जारी हो रहे टेंडर
फतेहाबाद जिला परिषद के पास ग्रामीण विकास कार्यों के लिए आठ करोड़ का बजट आया हुआ है, लेकिन अभी तक इस बजट का प्रयोग नहीं हो पाया है। 22 सितंबर को इस संबंध में जिला परिषद की बैठक होनी थी, लेकिन सीएम से बैठक के चलते यह बैठक टाल दी गई। अब आगे बैठक बुलाकर इस बजट पर चर्चा की जाएगी।
कोट
रविवार को मुख्यमंत्री के साथ पंचायती राज से जुड़े अधिकारियों व जिला परिषद के अध्यक्षों के साथ बैठक हुई। कई मुद्दों पर बातचीत हुई और सीएम ने डीआरडीए के कार्य जिला परिषद चेयरमैन के अधीन कर दिए हैं। साथ ही जिला परिषद के सीईओ को जिला परिषद कार्यालय में बैठना होगा। अन्य मुद्दों पर भी सीएम ने गौर किया है। जल्द ही ग्रामीण विकास के लिए काम आरंभ होंगे।
-सुमन सुभाष खिचड़, चेयरपर्सन जिला परिषद, फतेहाबाद।