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Fatehabad News: अब पीएचसी पर ही एंटी रेबीज वैक्सीन लगाने की तैयारी, सीएमओ ने जारी किए निर्देश
Tue, 13 Jan 2026 11:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 13 Jan 2026 11:10 PM IST
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में बना इंजेक्शन कक्ष संवाद
फतेहाबाद। कुत्ते या फिर अन्य जानवर के काटने पर मरीजों को एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने के लिए शहर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ही वैक्सीन लग पाएगी। यहां तक अस्पताल भी वैक्सीन लगाने से मना नहीं कर पाएंगे। सिविल सर्जन डॉ. बुधराम ने पीएचसी इंचार्ज की बैठक लेकर उन्हें सख्त निर्देश दिए है कि एआरवी का पूरा स्टॉक रखें।
अगर एक मरीज भी वैक्सीन लगवाने के लिए आ रहा है तो उसे लगाई जाए। फिलहाल स्थिति ये है कि नागरिक अस्पताल, उप नागरिक अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ही एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई जा रही है। इसके अलावा पीएचसी पर उपलब्ध नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार नागरिक अस्पताल में रोजाना 30 से 32 लोग एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने के लिए आ रहे हैं। वैक्सीन लगवाने के लिए लोग जागरूक भी हो रहे हैं।
एक शीशी में दो एमएल वैक्सीन होती है। एक मरीज को 0.5 एमएल वैक्सीन लगाई जाती है यानि की एक शीसी चार मरीज को लग सकती है। लेकिन पीएचसी पर दिक्कत ये रहेगी कि मरीजों की संख्या कम होने के कारण वैक्सीन खराब हो सकती है।
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वैक्सीन लगवाने में लापरवाही न बरतें इसलिए लिया फैसला
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि रेबीज बीमारी खतरनाक है। गांव में अगर जानवर काट लेता है और पीएचसी पर लगवाने के लिए जाते है तो मिलती नहीं है। इसके चलते वैक्सीन के प्रति लापरवाह हो जाते हैं। इसलिए विभाग के अधिकारियों ने फैसला लिया है कि पीएचसी पर भी वैक्सीन उपलब्ध रहे।
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एंटी रेबीज वैक्सीन पीएचसी पर भी उपलब्ध होगी। वहां पर स्टाफ मना नहीं कर पाएगा। पीएचसी अधिकारियों को कहा गया है कि वह वेयर हाउस से वैक्सीन उपलब्ध करवा लें।
- डॉ. बुधराम, सिविल सर्जन
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अगर एक मरीज भी वैक्सीन लगवाने के लिए आ रहा है तो उसे लगाई जाए। फिलहाल स्थिति ये है कि नागरिक अस्पताल, उप नागरिक अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ही एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई जा रही है। इसके अलावा पीएचसी पर उपलब्ध नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार नागरिक अस्पताल में रोजाना 30 से 32 लोग एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने के लिए आ रहे हैं। वैक्सीन लगवाने के लिए लोग जागरूक भी हो रहे हैं।
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एक शीशी में दो एमएल वैक्सीन होती है। एक मरीज को 0.5 एमएल वैक्सीन लगाई जाती है यानि की एक शीसी चार मरीज को लग सकती है। लेकिन पीएचसी पर दिक्कत ये रहेगी कि मरीजों की संख्या कम होने के कारण वैक्सीन खराब हो सकती है।
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वैक्सीन लगवाने में लापरवाही न बरतें इसलिए लिया फैसला
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि रेबीज बीमारी खतरनाक है। गांव में अगर जानवर काट लेता है और पीएचसी पर लगवाने के लिए जाते है तो मिलती नहीं है। इसके चलते वैक्सीन के प्रति लापरवाह हो जाते हैं। इसलिए विभाग के अधिकारियों ने फैसला लिया है कि पीएचसी पर भी वैक्सीन उपलब्ध रहे।
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एंटी रेबीज वैक्सीन पीएचसी पर भी उपलब्ध होगी। वहां पर स्टाफ मना नहीं कर पाएगा। पीएचसी अधिकारियों को कहा गया है कि वह वेयर हाउस से वैक्सीन उपलब्ध करवा लें।
- डॉ. बुधराम, सिविल सर्जन