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नागरिक अस्पताल में अब दो माह तक गर्भवती महिलाओं का नहीं होगा अल्ट्रासाउंड
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नागरिक अस्पताल में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना कार्यक्रम में जांच करवाती महिलाएं।
- फोटो : Fatehabad
नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में अल्ट्रासाउंड सेंटर बंद हो गया है। अब दो माह तक यहां पर गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड नहीं होंगे। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत नागरिक अस्पताल में चल रहा अल्ट्रासाउंड सेंटर दो माह के लिए बंद हो गया है।
बता दें कि डॉक्टर के बाहर जाने के चलते 8 मई 2021 तक सेंटर को बंद किया गया है। उप सिविल सर्जन डॉ. सुनीता सोखी ने एसएमओ डॉ. राजेश चौधरी पर जिम्मेदारी छोड़ दी है। जबकि डॉ. राजेश चौधरी का कहना है कि रवि अस्पताल पैनल में पहले से शामिल है वहां से अल्ट्रासाउंड करवाने की व्यवस्था करवाई जा रही है। हालांकि 9 मार्च को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना कार्यक्रम होने के बावजूद भी व्यवस्था नहीं की गई। कई गर्भवती को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए प्राईवेट सेंटरों पर जाना पड़ा।
रोजाना 40 से 50 गर्भवती के होते हैं अल्ट्रासाउंड
नागरिक अस्पताल में गर्भवती की ओपीडी रोजाना करीब 150 से 200 तक होती है। इसमें से 40 से 50 गर्भवती को अल्ट्रासाउंड के लिए भेजा जाता है। नागरिक अस्पताल में करीब चार साल तक अल्ट्रासाउंड सुविधा नहीं थी, 2018 में पीपीपी के तहत अस्पताल में ही सुविधा शुरू की गई।
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जिले में मात्र टोहाना में ही सॉनोलॉजिस्ट
जिले के मात्र टोहाना के उप नागरिक अस्पताल में ही सॉनोलॉजिस्ट है। इसके अलावा किसी भी नागरिक अस्पताल और सीएचसी स्पेशलिस्ट नहीं है। इसके चलते विभाग ने पैनल में सेंटर ले रखे है। स्वास्थ्य विभाग जननी सुरक्षा योजना के तहत 400 रुपये प्रति अल्ट्रासाउंड के हिसाब से भुगतान करता है।
कोट
डॉक्टर के बाहर जाने के कारण दो माह के लिए अल्ट्रासाउंड सेंटर बंद किया गया है। व्यवस्था करने के लिए नागरिक अस्पताल के एसएमओ को कह दिया गया है।
- डॉ. सुनीता सोखी, उप सिविल सर्जन
कोट
गर्भवती को अल्ट्रासाउंड के लिए कोई दिक्कत न हो इसलिए सिविल सर्जन कार्यालय से गाइड लाइन मंगवाई गई है। दो सेंटर संचालकों से बातचीत चल रही है। हालांकि पहले रवि अस्पताल का अल्ट्रासाउंड सेंटर पैनल में है वहां से करवाया जा रहा है।
- डॉ. राजेश चौधरी, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी।
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बता दें कि डॉक्टर के बाहर जाने के चलते 8 मई 2021 तक सेंटर को बंद किया गया है। उप सिविल सर्जन डॉ. सुनीता सोखी ने एसएमओ डॉ. राजेश चौधरी पर जिम्मेदारी छोड़ दी है। जबकि डॉ. राजेश चौधरी का कहना है कि रवि अस्पताल पैनल में पहले से शामिल है वहां से अल्ट्रासाउंड करवाने की व्यवस्था करवाई जा रही है। हालांकि 9 मार्च को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना कार्यक्रम होने के बावजूद भी व्यवस्था नहीं की गई। कई गर्भवती को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए प्राईवेट सेंटरों पर जाना पड़ा।
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रोजाना 40 से 50 गर्भवती के होते हैं अल्ट्रासाउंड
नागरिक अस्पताल में गर्भवती की ओपीडी रोजाना करीब 150 से 200 तक होती है। इसमें से 40 से 50 गर्भवती को अल्ट्रासाउंड के लिए भेजा जाता है। नागरिक अस्पताल में करीब चार साल तक अल्ट्रासाउंड सुविधा नहीं थी, 2018 में पीपीपी के तहत अस्पताल में ही सुविधा शुरू की गई।
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जिले में मात्र टोहाना में ही सॉनोलॉजिस्ट
जिले के मात्र टोहाना के उप नागरिक अस्पताल में ही सॉनोलॉजिस्ट है। इसके अलावा किसी भी नागरिक अस्पताल और सीएचसी स्पेशलिस्ट नहीं है। इसके चलते विभाग ने पैनल में सेंटर ले रखे है। स्वास्थ्य विभाग जननी सुरक्षा योजना के तहत 400 रुपये प्रति अल्ट्रासाउंड के हिसाब से भुगतान करता है।
कोट
डॉक्टर के बाहर जाने के कारण दो माह के लिए अल्ट्रासाउंड सेंटर बंद किया गया है। व्यवस्था करने के लिए नागरिक अस्पताल के एसएमओ को कह दिया गया है।
- डॉ. सुनीता सोखी, उप सिविल सर्जन
कोट
गर्भवती को अल्ट्रासाउंड के लिए कोई दिक्कत न हो इसलिए सिविल सर्जन कार्यालय से गाइड लाइन मंगवाई गई है। दो सेंटर संचालकों से बातचीत चल रही है। हालांकि पहले रवि अस्पताल का अल्ट्रासाउंड सेंटर पैनल में है वहां से करवाया जा रहा है।
- डॉ. राजेश चौधरी, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी।