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Fatehabad News: अब गांवों में ही सुलझेंगे आपसी विवाद, प्रशिक्षित मध्यस्थ बनेंगे कड़ी

Fri, 25 Jul 2025 11:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Fri, 25 Jul 2025 11:29 PM IST
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Now mutual disputes will be resolved in the villages itself, trained mediators will become the link
फतेहाबाद के गांव धारनिया में सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र के शुभारंभ पर उपस्थित पैनल सदस्यस्त्र
फतेहाबाद। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की ओर से गांव धारनिया में सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र खोला गया है। जिन मुकदमों एवं दरखास्तों में मध्यस्थता के माध्यम से विवाद समाप्त होने की संभावना है। उन मुद्दों एवं दरखास्तों को सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र के समक्ष रखा जाएगा।
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इस केंद्र में जिले भर से ग्रामीण क्षेत्र के मामलों को रखा जाएगा। इन केंद्रों पर तीन सदस्यों हरदीप सिंह, संजय शर्मा व अलका रानी की नियुक्ति की गई है। यह सभी प्रशिक्षित मध्यस्थकार जिले में होने वाले लघु विवादों में दोनों पक्षों को सुनकर सहमति से भाईचारा कायम रखते हुए विवादों का निपटान करेंगे।
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पैनल में शामिल सदस्यों को ज्यूडिशियल एकेडमी चंडीगढ़ में 40 घंटे का प्रशिक्षण दिया गया। उसके बाद उनकी नियुक्ति इस मध्यस्थता केंद्र के लिए की गई है। इससे कोर्ट में आने वाले मामलों की संख्या कम होगी और आमजन को भी राहत मिलेगी। सीजेएम एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव गायत्री ने बताया कि आमतौर पर देखा जाता है की छोटी-छोटी बातों पर हुए विवाद अदालत तक पहुंच जाते हैं जिनका कई सालों तक केस चलता रहता है।
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सीजेएम ने बताया कि अब ऐसे केस अदालत में जाने के बजाय सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र में जाएंगे और केंद्र की टीम मध्यस्थता कर दोनों पक्षों में सुलह करवाने का काम करेगी। उच्चतम न्यायालय के आदेश पर प्रदेश के हर जिले में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर ग्रामीण क्षेत्र में सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र शुरू किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि जिला ने इसमें पहल करते हुए प्रथम चरण में गांव धारनिया के ग्राम सचिवालय में इसकी शुरुआत कर दी है। इस सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में दो पक्षों में होने वाले छोटे-छोटे मामलों जैसे नाली, गली, प्लाट, जमीन, पारिवारिक विवाद, चेक बाउंस, पति-पत्नी का विवाद, आपसी झगड़ों को आपसी मध्यस्थता करके ऐसे मामलों का निपटारा करना है।
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इन तीन को किया शामिल
तीन सामाजिक लोगों का चयन हुआ है। इनमें जिंदगी संस्था के अध्यक्ष हरदीप सिंह को उनकी सामाजिक पकड़ और वर्षों के अनुभव के आधार पर चयनित किया गया। हरदीप सिंह, नशा मुक्ति, महिला सशक्तिकरण और विधिक जागरूकता जैसे विषयों पर निरंतर कार्य करते रहे हैं। इसके अतिरिक्त, भारत विकास परिषद की सक्रिय सदस्य अल्का ग्रोवर को महिला प्रतिनिधि के रूप में शामिल किया गया, वहीं गांव धारनिया के पंच संजय शर्मा ने ग्राम पंचायत प्रतिनिधि के रूप में चंडीगढ़ ज्युडीशियल अकेडमी से प्रशिक्षण प्राप्त किया है।

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न्यायालयों पर बोझ होगा कम
राज्यस्तरीय कैंप में प्रशिक्षण लेने वाले हरदीप सिंह ने बताया कि यह सामाजिक न्याय की दिशा में मजबूत कदम है। कैंप से मिली सीख के बाद वे कह सकते हैं कि कम्युनिटी मीडिएशन का उद्देश्य न्यायालयों पर बोझ कम करते हुए समाज के भीतर ही विवादों का समाधान खोजना है। उन्होंने बताया कि इस पहल के माध्यम से प्रशिक्षित प्रतिनिधि अपने-अपने जिलों में सामुदायिक स्तर पर मीडिएशन को बढ़ावा देंगे, जिससे न्याय प्रक्रिया अधिक सुलभ, त्वरित और सौहार्दपूर्ण हो सकेगी।
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