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लड़खड़ा रहे शिक्षा के शुरुआती कदम, प्राइमरी स्कूलों में गुरुजी कम

Mon, 25 Jul 2016 01:01 AM IST
fatehabad
fatehabad Updated Mon, 25 Jul 2016 01:01 AM IST
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nominal teachers in primary school, school condition in fatehabad
प्राथमिक पाठशाला - फोटो : demo
शिक्षा के क्षेत्र में उच्चतम स्तर प्राप्त करने के लिए प्रदेश सरकार भले ही लाख दावे कर ले लेकिन जमीनी सच्चाई ना केवल इससे उलट है बल्कि हैरानीजनक भी है। शिक्षा विभाग सफलता के रास्ते पर पहले कदम में लड़खड़ाता नजर आ रहा है। कम से कम जिले के प्राइमरी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के आंकड़े तो यही कहानी कह रहे हैं। जिले भर के 25 से ज्यादा प्राइमरी स्कूल ऐसे हैं जो केवल एक अध्यापक के सहारे चल रहे हैं। खुद शिक्षा विभाग का नियम है कि एक प्राइमरी स्कूल में कम से कम दो अध्यापकों का होना अनिवार्य है। वहीं, टोहाना ब्लॉक के दो प्राइमरी स्कूलों में तो एक भी शिक्षक नहीं है और विभाग के अधिकारी इस ओर आंखें मूंदे बैठे हैं।
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पौने तीन सौ अध्यापकों की कमी
जिले के प्राइमरी स्कूलों में कम से कम पौने तीन सौ अध्यापकों की कमी है। इसी कारण जिले के कुल 388 स्कूलों में से 100 स्कूल ऐसे हैं, जिनमें महज दो अध्यापक हैं। हालांकि, विभाग के मुताबिक इनमें 35 स्कूलों में दो अध्यापकों की ही पोस्ट हैं, लेकिन बाकी 65 स्कूलों में हालात दयनीय है। शिक्षा विभाग के औपचारिक आंकड़ों की मानें तो जिले में इस समय प्राइमरी विभाग में 1613 पोस्ट हैं, लेकिन महज 981 ही स्थायी अध्यापक हैं। इनके अलावा 356 प्राइमरी गेस्ट टीचर नियुक्त हैं। इन पर भी सुप्रीम कोर्ट की तलवार लटक ही रही है। इनके अलावा जिले में 276 पद खाली हैं, जिन्हें भरने की कोई गुंजाइश फिलहाल नजर नहीं आ रही।
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26 स्कूलों में सरेआम उड़ रही नियमों की धज्जियां
जिले के 26 प्राइमरी स्कूल ऐसे हैं जिनमें शिक्षा विभाग खुद अपने ही बनाए नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है। शिक्षा विभाग के नियमानुसार किसी भी प्राइमरी स्कूल में कम से दो अध्यापकों का होना अनिवार्य है लेकिन जिले के 26 स्कूलों में ये नियम भी फॉलो नहीं किया जा रहा है। अब पूरे जिले में ही अध्यापकों का टोटा है तो शिक्षा विभाग के पास इन स्कूलों को भगवान भरोसे छोडने के अलावा कोई चारा भी नहीं है। इन 26 स्कूलों में महज एक ही अध्यापक के सहारे पूरा स्कूल चलाया जा रहा है।
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एक ही अध्यापक को करने पड़ते हैं ये सारे काम
1. सुबह की प्रार्थना सभा
2. मिड-डे मील की निगरानी
3. सिविल कार्य (कमरे बनवाना, राशन लेकर आना)
4. सभी कक्षाओं के बच्चे को एक साथ पढ़ाना

फतेहाबाद फैक्ट्स
जिले में कुल प्राइमरी स्कूल : 388
प्राइमरी अध्यापकों की कुल स्वीकृत पद : 1613
कार्यरत प्राइमरी स्थायी अध्यापक : 981
कार्यरत प्राइमरी गेस्ट टीचर    : 356
कार्यरत कुल प्राइमरी टीचर : 1337
प्राइमरी टीचर के रिक्त पद : 276
शून्य टीचर संख्या वाले स्कूल     : 02
एक टीचर वाले स्कूल        : 26
दो टीचर वाले स्कूल        : 100

प्राइमरी अध्यापकों की कमी के चलते बच्चों की शिक्षा का नुकसान तो होता ही है, साथ ही स्कूल संचालन में भी परेशानी होती है। राजकीय प्राइमरी शिक्षक संघ इसी कारण से प्रत्येक प्राइमरी स्कूल में हैड टीचर और अनुपात के अनुसार अध्यापकों की नियुक्ति की मांग करता रहा है।

देवेंद्र सिंह दहिया, प्रदेश संगठन सचिव, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा

अध्यापकों की कमी के बारे में सरकार को पूरी रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। जैसे ही नई नियुक्तियां होंगी, उम्मीद है कि फतेहाबाद जिले में भी प्राइमरी अध्यापकों सहित सभी अध्यापकों की कमी दूर हो जाएगी। फिलहाल डेपुटेशन के जरिए बच्चों की शिक्षा को प्रभावित होने से बचाने के प्रयास निरंतर करते हैं।
कृष्णा सिहाग, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, फतेहाबाद
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