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Fatehabad News: जमीन विवाद में चाचा की हत्या करने का आरोपी भतीजा भेजा जेल
Fri, 07 Nov 2025 11:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 07 Nov 2025 11:51 PM IST
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भूना। गोरखपुर गांव के लक्ष्मण सिंह की जहां रस्सी से गला घोटकर हत्या की गई वह भवन। संवाद
भूना। गोरखपुर गांव में जमीन हड़पने की नीयत से सगे चाचा की हत्या करने के आरोपी विजेंद्र उर्फ बीजू को पुलिस ने शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में हिसार जेल भेज दिया गया। पुलिस ने आरोपी के पास से हत्या में इस्तेमाल की गई करीब तीन फुट लंबी रस्सी भी बरामद कर ली है। ये रस्सी नहर विभाग के खंडहर रेस्ट हाउस भवन से मिली है।
पुलिस के अनुसार, विजेंद्र उर्फ बीजू के पास 10 से अधिक बकरियां हैं। वह रोजाना उन्हें चराने के लिए नहर की पटरी और नहर विभाग के रेस्ट हाउस के आसपास ले जाता था। इसी दौरान उसने अपने 60 वर्षीय अविवाहित चाचा लक्ष्मण सिंह को ठिकाने लगाने की योजना बनाई, ताकि बस स्टैंड के पास स्थित करीब डेढ़ एकड़ जमीन पर कब्जा कर सके।
31 अक्तूबर की दोपहर को वह अपने चाचा को नहर विभाग के रेस्ट हाउस के पास बरगद के पेड़ के नीचे सफाई करने के बहाने ले गया। वहां उसने पहले चाचा को शराब पिलाई। नशे में धुत होने के बाद विजेंद्र ने तीन फुट लंबी रस्सी से चाचा का गला घोटकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी घर लौट आया।
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रात को आरोपी फिर से मौके पर पहुंचा और शव को पल्ली में बांधकर भाखड़ा नहर में फेंक दिया। पांच दिन बाद नहर में शव मिलने की सूचना पर जांच अधिकारी सब-इंस्पेक्टर रामपाल खिलेरी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। मृतक के भाई दिलबाग सिंह की शिकायत पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया। जांच के दौरान शक के आधार पर पुलिस ने भतीजे विजेंद्र उर्फ बीजू को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था।
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पुलिस के अनुसार, विजेंद्र उर्फ बीजू के पास 10 से अधिक बकरियां हैं। वह रोजाना उन्हें चराने के लिए नहर की पटरी और नहर विभाग के रेस्ट हाउस के आसपास ले जाता था। इसी दौरान उसने अपने 60 वर्षीय अविवाहित चाचा लक्ष्मण सिंह को ठिकाने लगाने की योजना बनाई, ताकि बस स्टैंड के पास स्थित करीब डेढ़ एकड़ जमीन पर कब्जा कर सके।
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31 अक्तूबर की दोपहर को वह अपने चाचा को नहर विभाग के रेस्ट हाउस के पास बरगद के पेड़ के नीचे सफाई करने के बहाने ले गया। वहां उसने पहले चाचा को शराब पिलाई। नशे में धुत होने के बाद विजेंद्र ने तीन फुट लंबी रस्सी से चाचा का गला घोटकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी घर लौट आया।
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रात को आरोपी फिर से मौके पर पहुंचा और शव को पल्ली में बांधकर भाखड़ा नहर में फेंक दिया। पांच दिन बाद नहर में शव मिलने की सूचना पर जांच अधिकारी सब-इंस्पेक्टर रामपाल खिलेरी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। मृतक के भाई दिलबाग सिंह की शिकायत पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया। जांच के दौरान शक के आधार पर पुलिस ने भतीजे विजेंद्र उर्फ बीजू को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था।