{"_id":"646d06d92da43686da03b579","slug":"negligence-college-students-took-blood-samples-of-pregnant-women-in-the-light-of-mobile-fatehabad-news-c-21-1-140816-2023-05-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"लापरवाही : मोबाइल की रोशनी में गर्भवती के ब्लड सैंपल कॉलेज छात्रों ने लिए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लापरवाही : मोबाइल की रोशनी में गर्भवती के ब्लड सैंपल कॉलेज छात्रों ने लिए
Wed, 24 May 2023 12:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 24 May 2023 12:02 AM IST
विज्ञापन
लापरवाही:नागरिक अस्पताल में कैंप के दौरान मोबाइल टॉर्च जलाकर महिला का ब्लड सैंपल लेते ट्रेनिंग
फतेहाबाद। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत मंगलवार को नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में गर्भवती के लिए जांच कैंप लगाया गया। कैंप में ब्लड सैंपल लेने को लेकर अस्पताल प्रशासन की लापरवाही देखने को मिली। ब्लड सैंपल लेने के लिए ट्रेनिंग पर आए कॉलेज छात्रों की ड्यूटी लगा दी गई। बिजली सप्लाई न होने के चलते छात्र मोबाइल टॉर्च में गर्भवती के ब्लड सैंपल लेते हुए नजर आए। जबकि एलटी द्वारा सैंपल लिए जाने चाहिए थे।
वहीं दो दिन ओपीडी बंद रहने के चलते जांच कैंप में गर्भवतियों की संख्या ज्यादा रही। कैंप को लेकर नागरिक अस्पताल के अंदर व्यवस्था की गई लेकिन बिजली सप्लाई बाधित होने के चलते गर्भवती को परेशानी उठानी पड़ी। अस्पताल में मंगलवार को कैंप के दौरान गर्भवती को ग्लूकोज पिलाया गया और डाइट सामान दिया गया। कैंप में करीब 150 गर्भवती की जांच की गई।
हाई रिस्क प्रेग्नेंसी जांच के लिए तीन दिन लगता है कैंप
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत कैंप पहले हर माह की 9 तारीख का लगाया जाता था लेकिन विभाग ने इसे बढ़ाकर तीन दिन कर दिया है। अब ये कैंप 9,10 और 23 तारीख को लगाया जा रहा है। इस कैंप का मकसद हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान करके उपचार शुरू करना है। जिले में आठ स्वास्थ्य केंद्रों पर कैंप लगाए जा रहे हैं। जिसमें नागरिक अस्पताल फतेहाबाद, उप नागरिक अस्पताल टोहाना, रतिया और पांच सीएचसी शामिल है।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत स्वास्थ्य केंद्रों पर कैंप लगाए गए हैं। यहां पर गर्भवती की जांच की गई। कैंप में व्यवस्था को लेकर अस्पताल प्रशासन को निर्देश जारी कर रखे है, अगर कहीं फिर भी दिक्कत आ रही है तो व्यवस्था को ठीक करवाया जाएगा।
- डॉ.हमेश बंसल, उप सिविल सर्जन
विज्ञापन
वहीं दो दिन ओपीडी बंद रहने के चलते जांच कैंप में गर्भवतियों की संख्या ज्यादा रही। कैंप को लेकर नागरिक अस्पताल के अंदर व्यवस्था की गई लेकिन बिजली सप्लाई बाधित होने के चलते गर्भवती को परेशानी उठानी पड़ी। अस्पताल में मंगलवार को कैंप के दौरान गर्भवती को ग्लूकोज पिलाया गया और डाइट सामान दिया गया। कैंप में करीब 150 गर्भवती की जांच की गई।
विज्ञापन
हाई रिस्क प्रेग्नेंसी जांच के लिए तीन दिन लगता है कैंप
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत कैंप पहले हर माह की 9 तारीख का लगाया जाता था लेकिन विभाग ने इसे बढ़ाकर तीन दिन कर दिया है। अब ये कैंप 9,10 और 23 तारीख को लगाया जा रहा है। इस कैंप का मकसद हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान करके उपचार शुरू करना है। जिले में आठ स्वास्थ्य केंद्रों पर कैंप लगाए जा रहे हैं। जिसमें नागरिक अस्पताल फतेहाबाद, उप नागरिक अस्पताल टोहाना, रतिया और पांच सीएचसी शामिल है।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत स्वास्थ्य केंद्रों पर कैंप लगाए गए हैं। यहां पर गर्भवती की जांच की गई। कैंप में व्यवस्था को लेकर अस्पताल प्रशासन को निर्देश जारी कर रखे है, अगर कहीं फिर भी दिक्कत आ रही है तो व्यवस्था को ठीक करवाया जाएगा।
- डॉ.हमेश बंसल, उप सिविल सर्जन