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राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान : 3 लाख बच्चों को खिलाई जाएंगी एल्बेंडाजोल
Tue, 21 Apr 2026 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 21 Apr 2026 11:24 PM IST
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फतेहाबाद में बच्चों को कृमिनाशक दवा खिलाकर अभियान की शुरुआत करते हुए डीसी डॉ. विवेक भारती।
फतेहाबाद। जिले में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान की शुरुआत करते हुए उपायुक्त डॉ. विवेक भारती ने राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बच्चों को एल्बेंडाजोल टेबलेट खिलाई। इसी के साथ जिलेभर में 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों और किशोरों को कृमिनाशक दवा देने का अभियान शुरू हो गया है। इस अभियान में तीन लाख से अधिक बच्चों को शामिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
डीसी ने कहा कि कृमि संक्रमण बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर नकारात्मक असर डालता है, इसलिए समय पर उपचार बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें और लक्ष्य की पूर्ण प्राप्ति सुनिश्चित करें, ताकि कोई भी बच्चा इस पहल से वंचित न रहे।
स्वास्थ्य विभाग ने दवा वितरण के दौरान आवश्यक सावधानियों पर भी जोर दिया है। बच्चों को भोजन के बाद ही दवा देने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रतिकूल प्रभाव की स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
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अभियान के बाद 5 मई को मॉप-अप दिवस आयोजित होगा, जिसमें छूटे हुए बच्चों को दवा दी जाएगी। आशा कार्यकर्ताओं को स्कूल से बाहर रहने वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें भी शामिल करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी ब्लॉकों में माइक्रोप्लानिंग, समन्वय बैठकें और दैनिक रिपोर्टिंग की व्यवस्था लागू की गई है।
इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. बुधराम, जिला शिक्षा अधिकारी संगीता बिश्नोई, डीआईपीआरओ दिनेश कुमार और विद्यालय प्राचार्य हरमिंदर सिंह उपस्थित रहे।
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डीसी ने कहा कि कृमि संक्रमण बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर नकारात्मक असर डालता है, इसलिए समय पर उपचार बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें और लक्ष्य की पूर्ण प्राप्ति सुनिश्चित करें, ताकि कोई भी बच्चा इस पहल से वंचित न रहे।
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स्वास्थ्य विभाग ने दवा वितरण के दौरान आवश्यक सावधानियों पर भी जोर दिया है। बच्चों को भोजन के बाद ही दवा देने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रतिकूल प्रभाव की स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
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अभियान के बाद 5 मई को मॉप-अप दिवस आयोजित होगा, जिसमें छूटे हुए बच्चों को दवा दी जाएगी। आशा कार्यकर्ताओं को स्कूल से बाहर रहने वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें भी शामिल करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी ब्लॉकों में माइक्रोप्लानिंग, समन्वय बैठकें और दैनिक रिपोर्टिंग की व्यवस्था लागू की गई है।
इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. बुधराम, जिला शिक्षा अधिकारी संगीता बिश्नोई, डीआईपीआरओ दिनेश कुमार और विद्यालय प्राचार्य हरमिंदर सिंह उपस्थित रहे।