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ससुरालियों ने 1.50 लाख रुपये के बदले बच्चा रखा गिरवी
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फतेहाबाद में एसडीएम दफ्तर के बाहर धरना देता सूरज ।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद निवासी एक युवक सूरज ने एसडीएम के सामने पेश होकर अपने ससुरालजनों पर उसके बेटे को डेढ़ लाख रुपये के बदले गिरवी रखने का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं, पुलिस और प्रशासन द्वारा इस मामले में कोई कार्रवाई न किए जाने से आहत युवक ने एसडीएम दफ्तर के बाहर कुछ देर के लिए धरना भी दिया। सूरज का कहना है कि उसने अपने ससुरालजनों से कोई पैसे उधार नहीं लिए बल्कि ये डेढ़ लाख रुपये उसके ससुरालजनों ने उसकी पत्नी की डिलिवरी पर खर्च किए थे और अब बच्चा देने के लिए पैसे मांग रहे हैं।
फतेहाबाद एसडीएम दफ्तर के बाहर धरना देने के दौरान सूरज ने बताया कि उसकी पत्नी की डिलीवरी राजस्थान में उसके मायके घर गंगानगर में हुई थी। ससुरालवालों ने डिलिवरी पर करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च किया था। अब ससुरालवाले डिलिवरी के बाद उसका बेटा देने से मना कर रहे हैं और डिलिवरी पर खर्च हुआ डेढ़ लाख रुपये की मांग कर रहे हैं। सूरज ने बताय कि रुपये की एवज में इस तरह गलत तरीके से बेटे को अपने कब्जे में लिए बैठे ससुरालजनों के खिलाफ शिकायत पुलिस को दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद अब एसडीएम को शिकायत दी गई लेकिन फिर भी कुछ नहीं हुआ। सूरज का आरोप है कि पुलिस ने कार्रवाई के लिए 10 हजार रुपये की मांग की है जो कि हम नहीं दे सकते।
हमारे सामने यह मामला आया था, उस समय हमने सूरज व उसकी पत्नी को अपने रिश्तेदारों के साथ जाकर बच्चा लाने के लिए कहा था। लेकिन बच्चा इनको नहीं दिया गया। मुझे जो अब तक रिपोर्ट मिली है उसमें सामने आया है कि शादी के समय शिकायतकर्ता और उसकी पत्नी नाबालिग थे। जिसके चलते हमें कुछ कानूनी दिक्कत बच्चा दिलाने में आ रही है। मैंने अब पुलिस से पूरी रिपोर्ट मांगी है और पुलिस रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगामी कार्रवाई कर बच्चा दिलाने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
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- सुरजीत नैन, एसडीएम, फतेहाबाद।
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फतेहाबाद एसडीएम दफ्तर के बाहर धरना देने के दौरान सूरज ने बताया कि उसकी पत्नी की डिलीवरी राजस्थान में उसके मायके घर गंगानगर में हुई थी। ससुरालवालों ने डिलिवरी पर करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च किया था। अब ससुरालवाले डिलिवरी के बाद उसका बेटा देने से मना कर रहे हैं और डिलिवरी पर खर्च हुआ डेढ़ लाख रुपये की मांग कर रहे हैं। सूरज ने बताय कि रुपये की एवज में इस तरह गलत तरीके से बेटे को अपने कब्जे में लिए बैठे ससुरालजनों के खिलाफ शिकायत पुलिस को दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद अब एसडीएम को शिकायत दी गई लेकिन फिर भी कुछ नहीं हुआ। सूरज का आरोप है कि पुलिस ने कार्रवाई के लिए 10 हजार रुपये की मांग की है जो कि हम नहीं दे सकते।
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हमारे सामने यह मामला आया था, उस समय हमने सूरज व उसकी पत्नी को अपने रिश्तेदारों के साथ जाकर बच्चा लाने के लिए कहा था। लेकिन बच्चा इनको नहीं दिया गया। मुझे जो अब तक रिपोर्ट मिली है उसमें सामने आया है कि शादी के समय शिकायतकर्ता और उसकी पत्नी नाबालिग थे। जिसके चलते हमें कुछ कानूनी दिक्कत बच्चा दिलाने में आ रही है। मैंने अब पुलिस से पूरी रिपोर्ट मांगी है और पुलिस रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगामी कार्रवाई कर बच्चा दिलाने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
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- सुरजीत नैन, एसडीएम, फतेहाबाद।