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स्मोग के चलते सेहत के लिए सुरक्षित नहीं मार्निंग वॉक
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हिसार रोड स्थित सोमा सिटी पार्क, जो धीरे-धीरे लोगों का पसंदीदा होता जा रहा है।
- फोटो : Fatehabad
अगर आप सुबह सैर के शौकीन हैं और ये सोचते हैं कि इससे आपकी सेहत बनेगी, तो आप गलत हैं। बेशक सामान्य दिनों में सैर एक बेहतर व्यायाम हो सकता है लेकिन इन दिनों स्मॉग के चलते सुबह की सैर बीमारियों को न्यौता देने वाला व्यायाम साबित हो सकता है। दरअसल इन दिनों फतेहाबाद का प्रदूषण स्तर इतने खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है कि सामान्य दिनों के मुकाबले इन दिनों इस हवा में बाहर निकलना सेहत के लिहाज से खतरनाक हो सकता है। ‘अमर उजाला’ ने प्रदूषण मापक यंत्र की मदद से रविवार सुबह हर उस जगह का प्रदूषण स्तर की जांच की, जहां पर शहर के लोग सुबह सैर के लिए जाते हैं। नतीजे चौंकाने वाले निकले।
समय : सुबह साढ़े छह बजे
स्थान : पपीहा पार्क
हालात : एअर क्वालिटी इंडेक्स का स्तर 599। पपीहा पार्क में रोजाना सुबह की सैर के लिए कई लोग आते हैं और शहर का सबसे प्रमुख पार्क है। लेकिन आजकल सुबह सवेरे यहां भी आसमान में धुएं की एक परत देखी जा सकती है और आंखों में जलन महसूस हो रही है। सुबह सैर के दौरान धुएं व जलने जैसी बदबू को आसानी से महसूस किया जा सकता है।
समय : सुबह पौने सात बजे
स्थान : सोमा सिटी पार्क, हिसार रोड़
हालात : एअर क्वालिटी इंडैक्स का स्तर 490 है और सामान्य से तकरीबन 10 गुणा ज्यादा प्रदूषण इस समय इस पार्क के आसपास है। सूर्योेदय होने के बावजूद सूरज के खुलकर दर्शन नहीं हो पा रहे। धुएं की चादर ने सूरज की रोशनी को बीच रास्ते में रोक रखा है। आंखों में जलन व शरीर बंधा हुआ सा लग रहा है।
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समय : सुबह सात बजकर 10 मिनट
स्थान : पुरानी तहसील स्थित रामा हेरीटेज पार्क
हालात : एअर क्वालिटी इंडैक्स का स्तर 506 है जो सामान्य से तकरीबन 10 गुणा अधिक है। इस पार्क में इंद्रपुरा मोहल्ला, वाल्मीकि चौक, पुरानी तहसील चौक, धर्मशाला रोड से रोजाना अनेक लोग नियमित रूप से इस पार्क में सुबह की सैर के लिए आते हैं लेकिन प्रदूषण का स्तर खराब होने के चलते यहां पर सुबह से लेकर दोपहर तक आंखों को जलन भरी चुभन होती रही।
ये है स्मॉग बनने का सबसे बड़ा कारण
पराली जलाने के कारण निकलने वाला धुआं आसमान में जाने के बाद सर्दी के दिनों में ऊपर स्थित कोहरे की परत में मिक्स हो जाता है और इसके कारण कोहरा और धुआं नीचे की ओर आने लगते हैं। धुएं में मौजूद विषैले तत्वों का तीखापन आंखों और अंदरूनी हिस्सों को प्रभावित करता है।
सिर्फ पराली जलाना ही कारण नहीं, कचरा जलने से भी बढ़ता है प्रदूषण
‘अमर उजाला’ के कैमरे ने रविवार को लगातार दूसरे दिन शहर में कचरा जलाए जाने की घटना को कैद किया। शनिवार को जहां नई सब्जी मंडी के बाहर कचरे के ढेर में आग लगाई गई थी तो रविवार को सिरसा रोड पर रेहड़ी मार्केट के सामने पड़े कचरे के ढेर में आग लगाई गई थी।
ये हैं हवा में गुणवत्ता का स्तर
हवा की गुणवत्ता एक्यूआई इंडेक्स का स्तर
अच्छा 50
संतोषजनक 31-60
हलका प्रदूषण 61-90
खराब 91-120
बहुत खराब 121-250
खतरनाक स्तर 250 से अधिक
फतेहाबाद शहर में पिछले चार दिनों में प्रदूषण का स्तर
तारीख औसत एक्यूआई स्तर
31 अक्तूबर 470
1 नवंबर 595
2 नवंबर 705
3 नवंबर 625
स्मॉग के दौरान इन बातों का रखना चाहिए ध्यान
-हर घंटे में दो गिलास पीने का प्रयास करें।
-सुबह-शाम की ठंड से बचाव रखें।
-आंखों के बचाव के लिए अच्छी क्वालिटी का चश्मा पहनें।
- बहुत ज्यादा जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलें
-नियमित रूप से अपनी आंखें और चेहरा धोते रहना चाहिए ।
ये है चिकित्सक की सलाह
‘इस मौसम में बाहर घूमने पर स्मॉग सांस के साथ शरीर के अंदर प्रवेश करती है और फेफड़ों के रास्ते शरीर के बाकी हिस्सों को भी नुकसान पहुंचा सकती है। इसके लिए शरीर को लगातार पानी के संपर्क में लाते रहना चाहिए। दमा के मरीज खासतौर पर ध्यान रखें कि इस मौसम में बाहर न निकले और अगर जाना जरूरी हो तो इन्हेलर व अन्य जरूरी दवाएं हर वक्त अपने साथ रखें। ’ -डॉ. रमनीता बतरा, स्किन स्पेशलिस्ट फतेहाबाद।
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समय : सुबह साढ़े छह बजे
स्थान : पपीहा पार्क
हालात : एअर क्वालिटी इंडेक्स का स्तर 599। पपीहा पार्क में रोजाना सुबह की सैर के लिए कई लोग आते हैं और शहर का सबसे प्रमुख पार्क है। लेकिन आजकल सुबह सवेरे यहां भी आसमान में धुएं की एक परत देखी जा सकती है और आंखों में जलन महसूस हो रही है। सुबह सैर के दौरान धुएं व जलने जैसी बदबू को आसानी से महसूस किया जा सकता है।
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समय : सुबह पौने सात बजे
स्थान : सोमा सिटी पार्क, हिसार रोड़
हालात : एअर क्वालिटी इंडैक्स का स्तर 490 है और सामान्य से तकरीबन 10 गुणा ज्यादा प्रदूषण इस समय इस पार्क के आसपास है। सूर्योेदय होने के बावजूद सूरज के खुलकर दर्शन नहीं हो पा रहे। धुएं की चादर ने सूरज की रोशनी को बीच रास्ते में रोक रखा है। आंखों में जलन व शरीर बंधा हुआ सा लग रहा है।
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समय : सुबह सात बजकर 10 मिनट
स्थान : पुरानी तहसील स्थित रामा हेरीटेज पार्क
हालात : एअर क्वालिटी इंडैक्स का स्तर 506 है जो सामान्य से तकरीबन 10 गुणा अधिक है। इस पार्क में इंद्रपुरा मोहल्ला, वाल्मीकि चौक, पुरानी तहसील चौक, धर्मशाला रोड से रोजाना अनेक लोग नियमित रूप से इस पार्क में सुबह की सैर के लिए आते हैं लेकिन प्रदूषण का स्तर खराब होने के चलते यहां पर सुबह से लेकर दोपहर तक आंखों को जलन भरी चुभन होती रही।
ये है स्मॉग बनने का सबसे बड़ा कारण
पराली जलाने के कारण निकलने वाला धुआं आसमान में जाने के बाद सर्दी के दिनों में ऊपर स्थित कोहरे की परत में मिक्स हो जाता है और इसके कारण कोहरा और धुआं नीचे की ओर आने लगते हैं। धुएं में मौजूद विषैले तत्वों का तीखापन आंखों और अंदरूनी हिस्सों को प्रभावित करता है।
सिर्फ पराली जलाना ही कारण नहीं, कचरा जलने से भी बढ़ता है प्रदूषण
‘अमर उजाला’ के कैमरे ने रविवार को लगातार दूसरे दिन शहर में कचरा जलाए जाने की घटना को कैद किया। शनिवार को जहां नई सब्जी मंडी के बाहर कचरे के ढेर में आग लगाई गई थी तो रविवार को सिरसा रोड पर रेहड़ी मार्केट के सामने पड़े कचरे के ढेर में आग लगाई गई थी।
ये हैं हवा में गुणवत्ता का स्तर
हवा की गुणवत्ता एक्यूआई इंडेक्स का स्तर
अच्छा 50
संतोषजनक 31-60
हलका प्रदूषण 61-90
खराब 91-120
बहुत खराब 121-250
खतरनाक स्तर 250 से अधिक
फतेहाबाद शहर में पिछले चार दिनों में प्रदूषण का स्तर
तारीख औसत एक्यूआई स्तर
31 अक्तूबर 470
1 नवंबर 595
2 नवंबर 705
3 नवंबर 625
स्मॉग के दौरान इन बातों का रखना चाहिए ध्यान
-हर घंटे में दो गिलास पीने का प्रयास करें।
-सुबह-शाम की ठंड से बचाव रखें।
-आंखों के बचाव के लिए अच्छी क्वालिटी का चश्मा पहनें।
- बहुत ज्यादा जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलें
-नियमित रूप से अपनी आंखें और चेहरा धोते रहना चाहिए ।
ये है चिकित्सक की सलाह
‘इस मौसम में बाहर घूमने पर स्मॉग सांस के साथ शरीर के अंदर प्रवेश करती है और फेफड़ों के रास्ते शरीर के बाकी हिस्सों को भी नुकसान पहुंचा सकती है। इसके लिए शरीर को लगातार पानी के संपर्क में लाते रहना चाहिए। दमा के मरीज खासतौर पर ध्यान रखें कि इस मौसम में बाहर न निकले और अगर जाना जरूरी हो तो इन्हेलर व अन्य जरूरी दवाएं हर वक्त अपने साथ रखें। ’ -डॉ. रमनीता बतरा, स्किन स्पेशलिस्ट फतेहाबाद।