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Fatehabad News: बबली के बूथ पर बराला के बूथ से ज्यादा मतदान
Tue, 28 May 2024 04:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 28 May 2024 04:49 AM IST
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कपिल शर्मा
फतेहाबाद। टोहाना में पूर्व मंत्री देवेंद्र सिंह बबली के बूथ पर सबसे अधिक मतदान हुआ है। मतदान के लिहाज से बबली का बूथ भाजपा से राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला के बूथ से मजबूत रहा। बबली के गांव बिढ़ाईखेड़ा स्थित बूथ नंबर 154 पर 380 में से 318 वोट पड़े। यहां वोट प्रतिशत 83.68 रहा। वहीं, राज्यसभा सांसद सुभाष बराला के गांव डांगरा के बूथ नंबर 143 पर 1,187 वोटों में से 886 वोट पोल हुए, जिनका प्रतिशत 74.64 रहा।
जजपा से विधायक होने के बावजूद बबली तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर सिंह के करीबी बने रहे। समय-समय पर उनका साथ भी दिया लेकिन लोकसभा चुनाव के ठीक पहले बबली ने कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान कर दिया। चुनाव में उनका प्रबंधन बेहतर रहा। अनुमान लगाया जा रहा है कि देवेंद्र बबली के बूथ पर अधिक मतदान का फायदा कांग्रेस प्रत्याशी कुमारी सैलजा को मिलेगा।
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भी इस बूथ पर कांग्रेस प्रत्याशी को ही अधिक वोट मिला था। तब कांग्रेस के प्रत्याशी रहे अशोक तंवर को 327 वोटों में से 189 वोट मिले थे। बबली और बराला में लंबे समय राजनीतिक खींचतान चलते रहा है और दोनों एक दूसरे के खिलाफ लगातार मोर्चा खोलते रहे हैं। इस चुनाव में भी बराला भाजपा प्रत्याशी अशोक तंवर के साथ मजबूती के साथ खड़े दिखाई दिए थे।
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फतेहाबाद। टोहाना में पूर्व मंत्री देवेंद्र सिंह बबली के बूथ पर सबसे अधिक मतदान हुआ है। मतदान के लिहाज से बबली का बूथ भाजपा से राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला के बूथ से मजबूत रहा। बबली के गांव बिढ़ाईखेड़ा स्थित बूथ नंबर 154 पर 380 में से 318 वोट पड़े। यहां वोट प्रतिशत 83.68 रहा। वहीं, राज्यसभा सांसद सुभाष बराला के गांव डांगरा के बूथ नंबर 143 पर 1,187 वोटों में से 886 वोट पोल हुए, जिनका प्रतिशत 74.64 रहा।
जजपा से विधायक होने के बावजूद बबली तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर सिंह के करीबी बने रहे। समय-समय पर उनका साथ भी दिया लेकिन लोकसभा चुनाव के ठीक पहले बबली ने कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान कर दिया। चुनाव में उनका प्रबंधन बेहतर रहा। अनुमान लगाया जा रहा है कि देवेंद्र बबली के बूथ पर अधिक मतदान का फायदा कांग्रेस प्रत्याशी कुमारी सैलजा को मिलेगा।
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वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भी इस बूथ पर कांग्रेस प्रत्याशी को ही अधिक वोट मिला था। तब कांग्रेस के प्रत्याशी रहे अशोक तंवर को 327 वोटों में से 189 वोट मिले थे। बबली और बराला में लंबे समय राजनीतिक खींचतान चलते रहा है और दोनों एक दूसरे के खिलाफ लगातार मोर्चा खोलते रहे हैं। इस चुनाव में भी बराला भाजपा प्रत्याशी अशोक तंवर के साथ मजबूती के साथ खड़े दिखाई दिए थे।
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