Fatehabad Flood: फतेहाबाद की 50 से ज्यादा ढाणियां डूबीं, शहर को हाईवे ने बचाया
बाढ़ राहत कार्यों को लेकर जिला प्रशासन और आर्मी अधिकारियों के बीच बैठक हुई। डीसी मनदीप कौर, एसपी आस्था मोदी, कर्नल सौरभ सिंह सहित अधिकारियों ने राहत कार्यों के लिए प्लान तैयार किया।
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हरियाणा के फतेहाबाद जिले के कई गांवों को चपेट में लेने के बाद बाढ़ ने आखिरकार शहर की सीमा तक प्रवेश कर दिया है। शहर फतेहाबाद से गुजर रहे फोरलेन हाईवे के किनारों तक मंगलवार देर रात 12 बजे चार से पांच फुट तक पानी पहुंच गया। माजरा रोड स्थित दि आर्यन स्कूल को बाढ़ ने पूरी तरह से चपेट में ले लिया है। शहर फतेहाबाद को बाढ़ से बचाने के लिए प्रशासन रात से ही जुटा है और माजरा रोड पर बने अंडर ब्रिज और रतिया रोड पर बने ओवर ब्रिज के नीचे के रास्ते को दीवार चुनवाकर और मिट्टी के बैग लगाकर बंद किया गया।
जिला मुख्यालय का रतिया का संपर्क टूट गया है और भूना रोड को भी बंद करने की तैयारी है। फतेहाबाद में पुल के नीचे आधे रास्ते को बंद कर दिया गया है। ये ही नहीं पानी के तेज बहाव को देखते हुए ओवरब्रिज लेकर रतिया रोड पर आधे किलोमीटर तक दो जगह सड़क को तोड़कर दूसरी तरफ पानी निकाला गया।

लोगों को सुरक्षित निकाल कर ले जाते सैनिक व बचाव दल के सदस्य।
बुधवार दोपहर को माजरा रोड बाइपास पर पानी का बहाव तेज होने पर अंडर ब्रिज पर पक्की दीवार बनाकर बंद कर दिया गया। इसके अलावा भूना रोड पर ओवर ब्रिज के नीचे के रास्ते को मिट्टी डालकर बंद किया जा रहा है ताकि शहर के अंदर पानी प्रवेश न कर सकें।
बाढ़ को देखते हुए एडीजीपी श्रीकांत जाधव ने पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी के साथ निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। पानी के तेज बहाव को देखते हुए प्रशासन ने फतेहाबाद खंड के भी स्कूलों को अगामी आदेशों तक बंद कर दिया है। रतिया, जाखल खंड में स्कूल पहले से बंद है और टोहाना खंड के करीब 17 गांवों के स्कूलों को भी पहले से बंद किया जा चुका है।
शहर में पानी जाने से रोकने के लिए हाईवे किनारे बने साइफन को किया गया बंद
शहर फतेहाबाद के अंदर पानी को जाने से रोकने के लिए अंडर ब्रिज बंद करने के साथ अब साइफन को ईंटें लगाकर बंद किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग इन साइफनों को बंद करवा रहा है ताकि बाढ़ की चपेट में आए गांवों का पानी शहर की तरफ न आ सकें। नेशनल हाईवे अथाॅरिटी की तरफ से एक तरफ से दूसरी तरफ पानी निकालने के लिए सड़क के नीचे पाइपें दबाई गई हैं। इन पाइपों को बंद करवाया जा रहा है।
बाढ़ देखने के लिए लोगों का हाईवे पर लगा जमावड़ा
हाईवे के किनारों तक आई बाढ़ को लेकर जहां ढाणियों में रह रहे लोग और किसान परेशान हैं वहीं शहर के लोगों का इसे देखने के लिए जमावड़ लग रहा है। ओवरब्रिज और हाईवे किनारे पर पहुंचकर लोग बाढ़ को देख रहे हैं। ये ही यहां से सेल्फी भी ली जा रही है। हाईवे पर लोगों के लगे जमावड़े को हटाने के लिए पुलिस को भी मशक्कत करनी पड़ रही है।
गांव अयाल्की में तटबंध बनाने में जुटे ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स विंग के सेवादार।
अयाल्की में सड़क तोड़ने का नहीं हुआ फायदा, शहर की तरफ पहुंचा पानी
रंगोई नाला ओवरफ्लो होने के बाद शहर को बचाने के लिए प्रशासन ने गांव अयाल्की के पास फतेहाबाद-रतिया रोड को तोड़कर दूसरी तरफ पानी निकाला, इसको लेकर पत्थरबाजी भी हुई। लेकिन बावजूद इसके रात 12 बजे तक शहर फतेहाबाद में हाईवे किनारे तक पानी पहुंच गया। इससे पहले रंगोई नाले से फतेहाबाद शहर तक बनी ढाणी मसीतांवाली, टाली वाली ढाणी, ढाणी सज्जन सिंह, ढाणी कुंदन सिंह, ढाणी बीकानेरी, गांव बोसवाल, रूपनगर, ढाणी ज्वालामुखी में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। पानी का बहाव इतना तेज है कि गांव खान मोहम्मद, ढाणी छततिरयां, मल्लड़, ढाणी ठोबा, ढाणी ढाका के खेतों में पानी भर गया है। ढाणी ठोबा में सड़क को तोड़ दिया गया है। बुधवार शाम को गांव मल्लड़ के अंदर तक पानी प्रवेश कर गया।
अशोक नगर, शास्त्री नगर में बढ़ा खतरा
हाईवे तक पानी आने के बाद शहर के अशोक नगर, शास्त्री नगर, इंद्रपुरा, चिल्ली क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। अगर बंद किए गए साइफन कामयाब नहीं होते है या फिर पानी का बहाव बढ़ता है तो इन कॉलोनियों में खतरा बढ़ सकता है।
मेडिकल सुविधा के लिए 01667-226024 या 9996255002 पर करें संपर्क
बाढ़ के दौरान लोगों की सहायता के लिए जिला नागरिक अस्पताल में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। किसी भी मेडिकल इमरजेंसी के लिए कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर 01667-226024 तथा मोबाइल नंबर 99962-55002 पर संपर्क कर सकते हैं। डॉ. राशीद को कंट्रोल रूम का नोडल अधिकारी बनायाहै। स्वास्थ्य विभाग ने आठ आपदा प्रबंधन टीम का गठन किया है, जिसमें एक जिला स्तर व सात खंड स्तर पर बनी है। 137 स्वास्थ्य टीमें गांवों व वार्डों में राहत कार्यों में जुटी हुई है। विभाग की चार मोबाइल टीमें फील्ड में मौके पर ही स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवा रही है। बाढ़ग्रस्त इलाकों में विभाग द्वारा 236 चिकित्सा शिविरों में 2686 लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर उन्हें जरूरत अनुसार दवाइयां उपलब्ध करवाई गई है। बाढ़ ग्रस्त इलाकों में 11 एंबुलेंस कार्य कर रही है तथा आपात स्थिति में लोगों के लिए 116 बेड की सुविधा भी दी गई है।
फतेहाबाद उपमंडल को चार सेक्टरों में बांटा, आर्मी की टीमें लगाई
बाढ़ राहत कार्यों को लेकर जिला प्रशासन और आर्मी अधिकारियों के बीच बैठक हुई। डीसी मनदीप कौर, एसपी आस्था मोदी, कर्नल सौरभ सिंह सहित अधिकारियों ने राहत कार्यों के लिए प्लान तैयार किया। जिला परिषद के सीईओ कुलभूषण बंसल को आर्मी कोऑर्डिनेशन के लिए नोडल अधिकारी लगाया गया है। फतेहाबाद उपमंडल को चार सेक्टर में बांटा गया है। आर्मी की टीमें गठित की गई है। आर्मी की टीमों के साथ सिंचाई, बिजली, जनस्वास्थ्य, स्वास्थ्य, पीडब्ल्यूडी, यूएलबी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी लगाए गए हैं। फतेहाबाद में बनाए गए 13 रिलीफ केंद्रों पर सभी प्रकार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। रिलीफ केंद्रों पर बिजली, पानी, दवाई, खाद्य सामग्री के लिए विभागों के अधिकारी व कर्मचारी तैनात किए गए हैं।
नागरिकों से अपील की है कि प्रशासन का पूरा सहयोग करें। अफवाहों पर भरोसा न करें। इस संवेदनशील समय में शांति बनाएं रखें। अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और सड़कों पर न घूमें। हम सब का उद्देश्य आपात स्थिति में अधिक से अधिक लोगों की मदद करना है। -मनदीप कौर, डीसी, फतेहाबाद