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मॉडल संस्कृति स्कूलों का नाम बदला, पर सुविधाएं नहीं बढ़ाई, कैसे करेंगे निजी का मुकाबला

Sat, 10 Apr 2021 10:52 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 10 Apr 2021 10:52 PM IST
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Model Culture Schools renamed, but facilities are not increased, how will they compete against private
मॉडल संस्कृति विद्यालय में दाखिले के लिए पहुंचे विद्यार्थी। - फोटो : Fatehabad
शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों का मुकाबला करने के लिए प्रत्येक खंड में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर एक-एक राजकीय स्कूल को मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बनाया है। इन स्कूलों में विद्यार्थियों को सीबीएसई पैटर्न पर पढ़ाया जाएगा। दाखिला के लिए शनिवार को अंतिम तारीख थी, लेकिन यहां पर उम्मीद से कम विद्यार्थी पंजीकरण करवाने के लिए पहुंचे।
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पंजीकरण को लेकर मॉडल संस्कृति स्कूलों में स्पेशल डेस्क भी लगाए गए, लेकिन दाखिला के लिए नाममात्र विद्यार्थी ही पहुंचे। नौंवी कक्षा में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों का रुझान ज्यादा है। राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय फतेहाबाद में कक्षा छठी से आठवीं तक दाखिला के लिए 12 आवेदन आए हैं जबकि नौंवी कक्षा के लिए 17 आवेदन आ चुकी है। इसके अलावा कक्षा 11वीं में दाखिले की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। अधिकारियों का कहना है कि दसवीं की परीक्षा के बाद इन कक्षाओं में दाखिला प्रक्रिया शुरू होगी। कक्षा दसवीं और बारहवीं की कक्षाएं अभी फिलहाल शुरू नहीं हो रही है।
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जिले में 84 प्राइमरी स्कूलों को मॉडल संस्कृति का दर्जा
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में दो विंग चलेंगे। एक विंग पहले की तरह जारी रहेगा जबकि दूसरे विंग में सीबीएसई पैटर्न से विद्यार्थियों की पढ़ाई होगी। ऐसे में स्कूलों को अतिरिक्त कमरों की जरूरत पड़ेगी लेकिन शिक्षा विभाग ने स्कूलों में कमरे नहीं बढ़ाएं हैं, सिर्फ स्कूलों का नाम बदला गया है। अहम बात यह है कि स्कूलों को अतिरिक्त लिपिक तक नहीं दिए गए है। स्कूल प्रिंसिपलों का कहना है कि क्लर्क का काम दोगुना होगा लेकिन लिपिक नहीं बढ़ाएं गए हैं। अहम बात यह है कि निजी स्कूल स्तर पर अन्य मौलिक सुविधाएं भी नहीं दी गई है। बदलाव के नाम पर सिर्फ स्कूल प्रिंसिपल बदले गए हैं। इसके अलावा एक अन्य शिक्षक दिया गया है। ये ही हाल प्राइमरी स्कूलों में है। जिले में 84 प्राइमरी स्कूलों को मॉडल संस्कृति का दर्जा दिया गया है, यहां पर इंग्लिश मीडियम में पढ़ाई होगी। अहम बात यह है कि यहां भी सिर्फ नाम ही बदला गया है।
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जिले में ये स्कूल बनाए गए मॉडल संस्कृति
प्राइमरी - 84
सीनियर सेकेंडरी - 6
दसवीं और बारहवीं अभी हरियाणा बोर्ड से रहेगी
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक कक्षा दसवीं और बारहवीं के लिए सीटें तय नहीं की गई है। ये दोनों कक्षाएं इस साल हरियाणा बोर्ड से ही रहेंगी। अगले साल से दोनों कक्षाएं जुडे़ंगी। इसके अलावा मॉडल संस्कृति प्राइमरी स्कूलों में इस साल सिर्फ कक्षा पहली और दूसरी ही रहेगी।
ये रहेंगी स्कूलों में सीटें
कक्षा सीटें
9 वीं और 11वीं - 40
छठी से आठवीं तक - 35
पहली और दूसरी - 30
कोट
राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में सीबीएसई पैटर्न पर पढ़ाई होगी। नौंवी कक्षा में अच्छे आवेदन आए है। कक्षा छठी से आठवीं के बारे में काफी लोग पूछकर गए हैं। हम स्कूल में सुविधाएं बढ़ाने का प्रयास करेंगे।

- हरमिंद्र सिंह, प्रिंसिपल, राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय।
कोट
राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालयों में दाखिले के लिए आवेदन की तारीख को आगे बढ़ाने के अभी तक आदेश नहीं आए है। उम्मीद है सोमवार तक आदेश आ जाएं। अभी प्रक्रिया चल रही है।
- दयानंद सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी।
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