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Fatehabad News: मोबाइल फोन की लत बढ़ा रही तनाव, युवाओं में डिप्रेशन के मामले बढ़े

Mon, 21 Jul 2025 11:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Mon, 21 Jul 2025 11:33 PM IST
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Mobile phone addiction is increasing stress, cases of depression are increasing among the youth
फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में मनोरोग विभागसंवाद
फतेहाबाद। मोबाइल फोन का ज्यादा इस्तेमाल करने और अकेलापन बच्चे से लेकर युवा तक को तनावग्रस्त कर रहा है। वे नींद न आना और चिड़चिड़ापन के शिकार हो रहे हैं। मनोरोग विशेषज्ञ की ओपीडी में 47 फीसदी मामले डिप्रेशन के ही आ रहे हैं। जिसमें सबसे ज्यादा युवा शामिल हैं।
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इस समस्या का एक ही समाधान है कि मेल-जोल और संवाद को बढ़ावा मिले। काउंसिलिंग में सामने आ रहा है मोबाइल फोन के ज्यादा प्रयोग और किसी से बात साझा न करने से तनावग्रस्त हो रहे हैं। नागरिक अस्पताल में वर्ष 2024-25 में 3080 मरीजों की ओपीडी रहती है, इसमें 1470 मरीज डिप्रेशन का शिकार मिले हैं। हालांकि गंभीर तनाव के 9 मरीज मिले हैं। डॉक्टर इन्हें मोबाइल फोन छोड़ने और दोस्तों व करीबियों के साथ समय बिताने की सलाह दे रहे हैं। यही नहीं ओपीडी में ऐसे मरीज आ रहे है जो चिंताग्रस्त हो रहे हैं। ऐसे मरीजों की संख्या 602 रही है।
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14 से 25 आयु वर्ग के हो रहे डिप्रेशन शिकार

मनोचिकित्सकों के अनुसार बहुत कम उम्र के बच्चे मानसिक रोगी बन रहे हैं। बुजुर्गों की तुलना में 14 से 25 आयुवर्ग के ज्यादा लोग डिप्रेशन से पीड़ित हो रहे हैं। ऐसे मरीजों के समय पर उपचार न लेने से आत्महत्या करने तक के ख्याल आते हैं।
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तनाव से नशे की ओर जाते हैं युवा

नागरिक अस्पताल के विशेषज्ञ डॉ. गिरीश का कहना है कि तनाव का मुख्य कारण हमारी जीवनशैली, दिनचर्या, कार्यस्थल पर काम का बोझ, बच्चों में पढ़ाई व परीक्षा, वर्तमान परिवेश, मोबाइल फोन व इंटरनेट हैं। अधिकतर लोगों की दिनचर्या निर्धारित नहीं है। इस कारण उनके रोजमर्रा के काम प्रभावित होते हैं। युवा तनाव कम करने के लिए शराब, सिगरेट व नशा का सहारा लेते हैं। बाद में वे इसके आदी हो जाते हैं।


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यूं भी कम कर सकते हैं तनाव

-मोबाइल को छोड़कर अपने करीबी के साथ समय बिताएं।

-सुबह की सैर, योग, कसरत और प्राणायाम करें।

-कोई समस्या है तो अपने वरिष्ठ, परिजन और दोस्त के साथ बातचीत करें।

-अपनी दिनचर्या को निर्धारित करें। अच्छी जीवनशैली अपनाएं।

-काम के बीच में कुछ देर का ब्रेक जरूर लें, अच्छी किताबें पढ़े।

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ओपीडी में ज्यादा डिप्रेशन के मरीज आ रहे हैं। अकेले रहना, किसी से बात साझा न करने से डिप्रेशन के शिकार हो रहे हैं। इसमें ज्यादा युवा शामिल हैं। ऐसे मरीजों को राय है कि पौष्टिक आहार लें। अपनी करीबियों के साथ समय बिताएं और मोबाइल फोन का प्रयोग कम करें। व्यायाम करना सबसे ज्यादा फायदेमंद है।

- डॉ. गिरीश, मनोचिकित्सक, नागरिक अस्पताल
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