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आठ में से चार शिकायतकर्ता ही नहीं पहुंचे, एक का हुआ निपटान
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कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हरियाणा के बिजली मंत्री चौधरी रणजीत सिंह चौटाला, साथ
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। जिले में पांच महीने के बाद कष्ट निवारण समिति की बैठक शुक्रवार को हुई। बिजली मंत्री रणजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में महज आठ शिकायतें रखी गईं जिसमें से एक ही शिकायत का निपटान हो सका। आठ में से चार शिकायतों के शिकायतकर्ता ही बैठक में शामिल नहीं हुए, जिसके चलते इन शिकायतों को भी लंबित रखना पड़ा।
बैठक के एजेंडे में शामिल की गई 8 में से चार शिकायतकर्ता नहीं आने से जिला प्रशासन को भी मंत्री के सामने किरकिरी का सामना करना पड़ा। बाद में मंत्री ने भी माना कि आज की बैठक सैरेमोनियल बैठक ज्यादा लगी। बैठक में फतेहाबाद के विधायक दुड़ा राम, रतिया के विधायक लक्ष्मण नापा, टोहाना के विधायक देवेंद्र सिंह बबली, पुलिस अधीक्षक विजय प्रताप सिंह, एडीसी महाबीर प्रसाद सहित जिला प्रशासन के सभी अधिकारी एवं गैर सरकारी सदस्य मौजूद रहे। बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश के बिजली मंत्री चौधरी रणजीत सिंह चौटाला ने कहा कि जिन किसानों ने ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए आवेदन के बाद सिक्योरिटी भरी है, उनको नियमानुसार फरवरी 2020 तक ट्यूबवेल कनेक्शन दे दिए जाएंगे।
डीसी की अध्यक्षता वाली डीआईटीएस में धांधली की शिकायत, डीसी को ही सौंपी जांच
एडवोकेट सुशील बिश्नोई ने जिला आईटी सोसायटी (डीआईटीएस) में धांधली की शिकायत करते हुए कहा कि यह कमेटी लोगों से विभिन्न सर्विस के नाम पर पैसे वसूल रही है और इसके बावजूद लोगों को फरद आदि निकलवाने के लिए पटवारियों के धक्के खाने पड़ते हैं। इसके अलावा सुशील बिश्नोई ने ये भी कहा कि डीआईटीएस प्रतिवर्ष पांच करोड़ के आसपास कमाती है, लेकिन इसे कहां खर्च किया जाता है, इसकी जानकारी किसी को नहीं है। उन्होंने ऑडिट रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाए कि डीआईटीएस ने डीसी के लिए इन पैसों से एक इनोवा गाड़ी खरीदी, इसके तीन साल के डीजल पर सात लाख रुपये उड़ा दिए। इसके अलावा एसडीएम, डीआरओ, सीटीएम कार्यालय आदि के फर्नीचर, पर्दों और कंप्यूटर पर लाखों रुपये उड़ा दिए गए हैं। हैरानी की बात ये रही कि जिस जिला आईटी सोसाइटी (डीआईटीएस) पर धांधली के आरोप लगाए गए हैं, उसके अध्यक्ष डीसी हैं और मंत्री ने जांच के आदेश भी डीसी को ही दे दिए कि वो कमेटी बनाकर इसकी जांच करें।
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लेन-देन विवाद में भूख हड़ताल पर बैठा था व्यापारी, अब एडीसी करेंगे जांच
जाखल निवासी ओमप्रकाश सिंगला की शिकायत थी कि उनके साथ वर्ष 2016 में करोड़ों रुपये धोखाधड़ी की शिकायत दी थी, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ओमप्रकाश इस मामले को लेकर चुनावों से पहले भूख हड़ताल पर भी बैठे थे, लेकिन उनका कहना है कि बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष के आश्वासन पर उन्होंने भूख हड़ताल खत्म की थी। उन्होंने भरी बैठक में ये भी आरोप जड़े कि क्षेत्र के कुछ प्रभावशाली लोग उनसे रिश्वत मांग रहे हैं। समय आने पर वो उनके नामों का खुलासा करेंगे। सिंगला ने मंत्री रणजीत सिंह से मांग रखी कि इस मामले की जांच आईएएस अधिकारी या सीबीआई से करवाई जाए क्योंकि पुलिस प्रशासन पर उन्हें भरोसा नहीं है। इस पर मंत्री ने मामले की जांच अतिरिक्त उपायुक्त महाबीर प्रसाद को सौंप दी।
एफडी की बजाये बैंककर्मी पर बीमा पॉलिसी करने का आरोप
गोविंद निवासी ढाणी चानन की शिकायत थी कि उसने बैंक में एफडी करवाने के लिए पैसे दिए थे, परंतु बैंक ने एफडी की बजाय टाटा कंपनी की पॉलिसी कर दी। इस शिकायत पर मंत्री ने एलडीएम फतेहाबाद व कष्ट निवारण समिति के सदस्य एडवोकेट प्रवीण जोड़ा की कमेटी बनाकर प्रार्थी को ब्याज सहित पैसे दिलवाने के आदेश जारी किए।
बिजली के खंभों से जुड़ी शिकायत आई तो तीनों विधायकों ने भी रखी अपनी समस्याएं
नागपुर निवासी पुष्पा रानी की शिकायत थी कि उसका योगनगर फतेहाबाद में मकान है और उसके घर के आगे बिजली निगम ने ट्रांसफार्मर लगाया हुआ है, जिसमें हाई वोल्टेज के तार लगे हुए हैं। इस मामले की सुनवाई करते हुए बिजली मंत्री ने नगर परिषद के बिल्डिंग इंस्पेक्टर को आदेश दिए कि मकान का नक्शा पास हुआ है या नहीं, इसकी रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करें। इस दौरान जिले के तीनों विधायकों ने भी इस बारे में अपने अपने इलाके की समस्याएं रखी। शहर फतेहाबाद में बिजली के खंभों की दिक्कत बारे बिजली मंत्री ने तीनों विधायकों दुड़ा राम, लक्ष्मण नापा, देवेंद्र सिंह बबली, अतिरिक्त उपायुक्त महाबीर प्रसाद, कार्यकारी अभियंता शमशेर सिंह व कष्ट निवारण समिति सदस्य प्रवीण जोड़ा की कमेटी बनाकर उन्हें इस समस्या के निवारण का रास्ता तलाशने के लिए दूसरे जिलों में बनाए गए प्रस्ताव का मूल्यांकन करने के निर्देश दिए। बिजली मंत्री ने कहा कि दूसरे जिलों में शहर के बीचोंबीच खड़े बिजली के खंभों के निवारण के लिए कोई योजना क्रियान्वित है तो उस योजना का अध्ययन किया जाए तथा प्रस्तावित बजट सहित रिपोर्ट दी जाए।
बैठक में ये अधिकारी व नेता रहे मौजूद
बैठक में एसडीएम सुरेंद्र सिंह बेनीवाल, संजय बिश्नोई, सीटीएम राहुल मित्तल, जिप चेयरमैन राजेश कसवां, नप चेयरमैन दर्शन नागपाल, नपा चेयरमैन बलजिंद्र कौर, राजपाल बेनीवाल, रामराज मेहता, भीम लाम्बा, डॉ. आत्म प्रकाश मेहता, बलदेव ग्रोहा, प्रमोद बेनीवाल, वेद जांगड़ा, एडवोकेट प्रवीण जोड़ा, विजय गोयल, विनोद जग्गा, सीमा दत्ता, सरदारी लाल, टेकचंद मिढ्डा, रमेश गोदारा, राधे बिश्रोई, अजय नापा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा कमेटी सदस्यगण मौजूद रहे।
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बैठक के एजेंडे में शामिल की गई 8 में से चार शिकायतकर्ता नहीं आने से जिला प्रशासन को भी मंत्री के सामने किरकिरी का सामना करना पड़ा। बाद में मंत्री ने भी माना कि आज की बैठक सैरेमोनियल बैठक ज्यादा लगी। बैठक में फतेहाबाद के विधायक दुड़ा राम, रतिया के विधायक लक्ष्मण नापा, टोहाना के विधायक देवेंद्र सिंह बबली, पुलिस अधीक्षक विजय प्रताप सिंह, एडीसी महाबीर प्रसाद सहित जिला प्रशासन के सभी अधिकारी एवं गैर सरकारी सदस्य मौजूद रहे। बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश के बिजली मंत्री चौधरी रणजीत सिंह चौटाला ने कहा कि जिन किसानों ने ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए आवेदन के बाद सिक्योरिटी भरी है, उनको नियमानुसार फरवरी 2020 तक ट्यूबवेल कनेक्शन दे दिए जाएंगे।
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डीसी की अध्यक्षता वाली डीआईटीएस में धांधली की शिकायत, डीसी को ही सौंपी जांच
एडवोकेट सुशील बिश्नोई ने जिला आईटी सोसायटी (डीआईटीएस) में धांधली की शिकायत करते हुए कहा कि यह कमेटी लोगों से विभिन्न सर्विस के नाम पर पैसे वसूल रही है और इसके बावजूद लोगों को फरद आदि निकलवाने के लिए पटवारियों के धक्के खाने पड़ते हैं। इसके अलावा सुशील बिश्नोई ने ये भी कहा कि डीआईटीएस प्रतिवर्ष पांच करोड़ के आसपास कमाती है, लेकिन इसे कहां खर्च किया जाता है, इसकी जानकारी किसी को नहीं है। उन्होंने ऑडिट रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाए कि डीआईटीएस ने डीसी के लिए इन पैसों से एक इनोवा गाड़ी खरीदी, इसके तीन साल के डीजल पर सात लाख रुपये उड़ा दिए। इसके अलावा एसडीएम, डीआरओ, सीटीएम कार्यालय आदि के फर्नीचर, पर्दों और कंप्यूटर पर लाखों रुपये उड़ा दिए गए हैं। हैरानी की बात ये रही कि जिस जिला आईटी सोसाइटी (डीआईटीएस) पर धांधली के आरोप लगाए गए हैं, उसके अध्यक्ष डीसी हैं और मंत्री ने जांच के आदेश भी डीसी को ही दे दिए कि वो कमेटी बनाकर इसकी जांच करें।
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लेन-देन विवाद में भूख हड़ताल पर बैठा था व्यापारी, अब एडीसी करेंगे जांच
जाखल निवासी ओमप्रकाश सिंगला की शिकायत थी कि उनके साथ वर्ष 2016 में करोड़ों रुपये धोखाधड़ी की शिकायत दी थी, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ओमप्रकाश इस मामले को लेकर चुनावों से पहले भूख हड़ताल पर भी बैठे थे, लेकिन उनका कहना है कि बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष के आश्वासन पर उन्होंने भूख हड़ताल खत्म की थी। उन्होंने भरी बैठक में ये भी आरोप जड़े कि क्षेत्र के कुछ प्रभावशाली लोग उनसे रिश्वत मांग रहे हैं। समय आने पर वो उनके नामों का खुलासा करेंगे। सिंगला ने मंत्री रणजीत सिंह से मांग रखी कि इस मामले की जांच आईएएस अधिकारी या सीबीआई से करवाई जाए क्योंकि पुलिस प्रशासन पर उन्हें भरोसा नहीं है। इस पर मंत्री ने मामले की जांच अतिरिक्त उपायुक्त महाबीर प्रसाद को सौंप दी।
एफडी की बजाये बैंककर्मी पर बीमा पॉलिसी करने का आरोप
गोविंद निवासी ढाणी चानन की शिकायत थी कि उसने बैंक में एफडी करवाने के लिए पैसे दिए थे, परंतु बैंक ने एफडी की बजाय टाटा कंपनी की पॉलिसी कर दी। इस शिकायत पर मंत्री ने एलडीएम फतेहाबाद व कष्ट निवारण समिति के सदस्य एडवोकेट प्रवीण जोड़ा की कमेटी बनाकर प्रार्थी को ब्याज सहित पैसे दिलवाने के आदेश जारी किए।
बिजली के खंभों से जुड़ी शिकायत आई तो तीनों विधायकों ने भी रखी अपनी समस्याएं
नागपुर निवासी पुष्पा रानी की शिकायत थी कि उसका योगनगर फतेहाबाद में मकान है और उसके घर के आगे बिजली निगम ने ट्रांसफार्मर लगाया हुआ है, जिसमें हाई वोल्टेज के तार लगे हुए हैं। इस मामले की सुनवाई करते हुए बिजली मंत्री ने नगर परिषद के बिल्डिंग इंस्पेक्टर को आदेश दिए कि मकान का नक्शा पास हुआ है या नहीं, इसकी रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करें। इस दौरान जिले के तीनों विधायकों ने भी इस बारे में अपने अपने इलाके की समस्याएं रखी। शहर फतेहाबाद में बिजली के खंभों की दिक्कत बारे बिजली मंत्री ने तीनों विधायकों दुड़ा राम, लक्ष्मण नापा, देवेंद्र सिंह बबली, अतिरिक्त उपायुक्त महाबीर प्रसाद, कार्यकारी अभियंता शमशेर सिंह व कष्ट निवारण समिति सदस्य प्रवीण जोड़ा की कमेटी बनाकर उन्हें इस समस्या के निवारण का रास्ता तलाशने के लिए दूसरे जिलों में बनाए गए प्रस्ताव का मूल्यांकन करने के निर्देश दिए। बिजली मंत्री ने कहा कि दूसरे जिलों में शहर के बीचोंबीच खड़े बिजली के खंभों के निवारण के लिए कोई योजना क्रियान्वित है तो उस योजना का अध्ययन किया जाए तथा प्रस्तावित बजट सहित रिपोर्ट दी जाए।
बैठक में ये अधिकारी व नेता रहे मौजूद
बैठक में एसडीएम सुरेंद्र सिंह बेनीवाल, संजय बिश्नोई, सीटीएम राहुल मित्तल, जिप चेयरमैन राजेश कसवां, नप चेयरमैन दर्शन नागपाल, नपा चेयरमैन बलजिंद्र कौर, राजपाल बेनीवाल, रामराज मेहता, भीम लाम्बा, डॉ. आत्म प्रकाश मेहता, बलदेव ग्रोहा, प्रमोद बेनीवाल, वेद जांगड़ा, एडवोकेट प्रवीण जोड़ा, विजय गोयल, विनोद जग्गा, सीमा दत्ता, सरदारी लाल, टेकचंद मिढ्डा, रमेश गोदारा, राधे बिश्रोई, अजय नापा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा कमेटी सदस्यगण मौजूद रहे।