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परीक्षाओं से 25 दिन पहले शिक्षा विभाग अधिकारियों ने ली स्कूल मुखियाओं की बैठक
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सीधा संवाद कार्यक्रम में स्कूल मुखियाओं को संबोधित करते डीसी
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। बोर्ड की दसवीं और बारहवीं कक्षाओं की परीक्षाएं शुरू होने से 25 दिन पहले शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के मुखियाओं की बैठक ली। सोमवार को आयोजित बैैठक में मुख्य रूप से उपायुक्त रवि प्रकाश गुप्ता और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र कूंडू मौजूद रहे। उन्होंने स्कूल मुखियाओं को परीक्षा के दौरान प्रदर्शन सुधारने के निर्देश दिए।
मीटिंग में अधिकारियों ने स्कूल मुखियाओं को कहा कि हिंदी को सभी आसान विषय समझते हैं लेकिन उसकी तैयारी छोड़ देते हैं। नतीजा यह है कि पिछले साल से इसका परिणाम नीचे जा रहा है। स्कूल मुखिया लक्ष्य को देखते हुए परिणाम सुधार लें। इस पर स्कूल मुखिया भी बिफर गए और बोले कि परीक्षा नजदीक हैै तो मीटिंग ली जा रही है, टारगेट देना था तो नवंबर माह में देते। इस दौरान उपायुक्त ने कहा कि जो लक्ष्य दिया गया है उसे हर हाल में पूरा करना है। सीनियर मॉडल स्कूल में आयोजित हुई मीटिंग में प्रोजेक्टर के द्वारा स्कूल मुखियाओं को बताया गया कि उनके स्कूल का कौन से विषय का परिणाम गिर रहा है और कौन से विषय का सुधर रहा है। इसके अलावा मीटिंग में परिणाम सुधारने के लिए टिप्स दिए गए।
रतिया खंड का दसवीं कक्षा का परिणाम रहा कमजोर
मीटिंग के दौरान प्रोजेक्टर द्वारा आंकड़े प्रस्तुत किए गए, जिसमें सामने आया कि दसवीं कक्षा का प्रदर्शन खराब है। 2019 में दसवीं का परिणाम भट्टू का 50, भूना का 57, फतेहाबाद 51, जाखल का 59, रतिया का 41 तथा टोहाना का 54 प्रतिशत रहा था। बारहवीं का भट्टू का 68, भूना का 77, फतेहाबाद का 70, जाखल का 76, रतिया का 74 तथा टोहाना का 75 प्रतिशत परिणाम रहा है।
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शिक्षकों की कमी से पूरा नहीं होता सिलेबस
मीटिंग में स्कूल मुखिया बोले कि टीचरों की कमी है, सिलेबस ही पूरा नहीं हुआ। इस पर जिला मौलिक शिक्षा देवेंद्र कुंडू बोले कि शिक्षकों की कमी को बीआरपी और एबीआरसी पूरी करेंगे। ये वहां पर जाकर सिलेबस पूरा करवाएंगे। स्कूल मुखिया शिक्षकों की डिमांड भेजें। मीटिंग के दौरान स्कूल मुखियाओं के जब विचार लिए गए तो एक स्कूल के प्रिंसिपल ने कहा कि लक्ष्य पूरा करने के लिए अकेला शिक्षक कुछ नहीं कर सकता, अभिभावक साथ नहीं देते हैं। यहां तक कि पीटीएम में नहीं आते हैं। इसके बाद दूसरे स्कूल मुखिया ने कहा कि अब मीटिंग बुलाकर समय खराब किया जा रहा है, अगर इतनी लगन से नवंबर में लक्ष्य दिए जाते तो अच्छा प्रदर्शन रहता।
पंचायत सहयोग से मना करें तो बताएं : डीसी
मीटिंग के दौरान उपायुक्त रवि प्रकाश गुप्ता ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य मात्र परीक्षा पास करना नहीं है, परीक्षा तो केवल एक पड़ाव है इसलिए अनुकूल परिणाम ना आने पर हमें निराश नहीं होना चाहिए। विद्यार्थियों को उनके लर्निंग लेवल के आधार पर समूह में बांटना एवं प्रत्येक विद्यार्थी का व्यक्तिगत शैक्षणिक कार्यक्रम बनाकर आगे बढ़ना, दैनिक लक्ष्य बनाना और उसे प्राप्त करना जरूरी है। प्रत्येक जिले को परिणाम क्षमता को बढ़ाने के लिए एक लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके तहत फतेहाबाद जिला को दसवीं की परीक्षा के लिए 70 प्रतिशत और 12वीं की परीक्षा के लिए 90 प्रतिशत परिणाम प्राप्त करवाने का लक्ष्य दिया गया है। अगर किसी स्कूल को पंचायत किसी तरह का सहयोग देने से मना करती है तो वह शिक्षा विभाग के साथ-साथ जिला प्रशासन को भी अवगत करवाएं। कार्यक्रम में स्कूल मुखियाओं के अलावा डाइट प्रिंसिपल संगीता बिश्नोई, उप जिला शिक्षा अधिकारी वेद दहिया, मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी मोनिका हेमराजनी, जिला सक्षम संयोजक अनुराग धारीवाल, एपीसी नरेश तेतरवाल, खंड शिक्षा अधिकारी, विभाग के सभी एबीआरसी, बीआरपी मौजूद रहे।
दसवीं की हिंदी का परिणाम गिरा
वर्ष परिणाम (प्रतिशत में)
2017 91.64
2018 84
2019 82.87
बारहवीं साइंस विषय का परिणाम
वर्ष परिणाम (प्रतिशत में)
2017 43
2018 38
2019 42
यह रहा जिले का बोर्ड परिणाम
वर्ष दसवीं बारहवीं
2017 44 67
2018 40 64
2019 49 77
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मीटिंग में अधिकारियों ने स्कूल मुखियाओं को कहा कि हिंदी को सभी आसान विषय समझते हैं लेकिन उसकी तैयारी छोड़ देते हैं। नतीजा यह है कि पिछले साल से इसका परिणाम नीचे जा रहा है। स्कूल मुखिया लक्ष्य को देखते हुए परिणाम सुधार लें। इस पर स्कूल मुखिया भी बिफर गए और बोले कि परीक्षा नजदीक हैै तो मीटिंग ली जा रही है, टारगेट देना था तो नवंबर माह में देते। इस दौरान उपायुक्त ने कहा कि जो लक्ष्य दिया गया है उसे हर हाल में पूरा करना है। सीनियर मॉडल स्कूल में आयोजित हुई मीटिंग में प्रोजेक्टर के द्वारा स्कूल मुखियाओं को बताया गया कि उनके स्कूल का कौन से विषय का परिणाम गिर रहा है और कौन से विषय का सुधर रहा है। इसके अलावा मीटिंग में परिणाम सुधारने के लिए टिप्स दिए गए।
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रतिया खंड का दसवीं कक्षा का परिणाम रहा कमजोर
मीटिंग के दौरान प्रोजेक्टर द्वारा आंकड़े प्रस्तुत किए गए, जिसमें सामने आया कि दसवीं कक्षा का प्रदर्शन खराब है। 2019 में दसवीं का परिणाम भट्टू का 50, भूना का 57, फतेहाबाद 51, जाखल का 59, रतिया का 41 तथा टोहाना का 54 प्रतिशत रहा था। बारहवीं का भट्टू का 68, भूना का 77, फतेहाबाद का 70, जाखल का 76, रतिया का 74 तथा टोहाना का 75 प्रतिशत परिणाम रहा है।
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शिक्षकों की कमी से पूरा नहीं होता सिलेबस
मीटिंग में स्कूल मुखिया बोले कि टीचरों की कमी है, सिलेबस ही पूरा नहीं हुआ। इस पर जिला मौलिक शिक्षा देवेंद्र कुंडू बोले कि शिक्षकों की कमी को बीआरपी और एबीआरसी पूरी करेंगे। ये वहां पर जाकर सिलेबस पूरा करवाएंगे। स्कूल मुखिया शिक्षकों की डिमांड भेजें। मीटिंग के दौरान स्कूल मुखियाओं के जब विचार लिए गए तो एक स्कूल के प्रिंसिपल ने कहा कि लक्ष्य पूरा करने के लिए अकेला शिक्षक कुछ नहीं कर सकता, अभिभावक साथ नहीं देते हैं। यहां तक कि पीटीएम में नहीं आते हैं। इसके बाद दूसरे स्कूल मुखिया ने कहा कि अब मीटिंग बुलाकर समय खराब किया जा रहा है, अगर इतनी लगन से नवंबर में लक्ष्य दिए जाते तो अच्छा प्रदर्शन रहता।
पंचायत सहयोग से मना करें तो बताएं : डीसी
मीटिंग के दौरान उपायुक्त रवि प्रकाश गुप्ता ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य मात्र परीक्षा पास करना नहीं है, परीक्षा तो केवल एक पड़ाव है इसलिए अनुकूल परिणाम ना आने पर हमें निराश नहीं होना चाहिए। विद्यार्थियों को उनके लर्निंग लेवल के आधार पर समूह में बांटना एवं प्रत्येक विद्यार्थी का व्यक्तिगत शैक्षणिक कार्यक्रम बनाकर आगे बढ़ना, दैनिक लक्ष्य बनाना और उसे प्राप्त करना जरूरी है। प्रत्येक जिले को परिणाम क्षमता को बढ़ाने के लिए एक लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके तहत फतेहाबाद जिला को दसवीं की परीक्षा के लिए 70 प्रतिशत और 12वीं की परीक्षा के लिए 90 प्रतिशत परिणाम प्राप्त करवाने का लक्ष्य दिया गया है। अगर किसी स्कूल को पंचायत किसी तरह का सहयोग देने से मना करती है तो वह शिक्षा विभाग के साथ-साथ जिला प्रशासन को भी अवगत करवाएं। कार्यक्रम में स्कूल मुखियाओं के अलावा डाइट प्रिंसिपल संगीता बिश्नोई, उप जिला शिक्षा अधिकारी वेद दहिया, मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी मोनिका हेमराजनी, जिला सक्षम संयोजक अनुराग धारीवाल, एपीसी नरेश तेतरवाल, खंड शिक्षा अधिकारी, विभाग के सभी एबीआरसी, बीआरपी मौजूद रहे।
दसवीं की हिंदी का परिणाम गिरा
वर्ष परिणाम (प्रतिशत में)
2017 91.64
2018 84
2019 82.87
बारहवीं साइंस विषय का परिणाम
वर्ष परिणाम (प्रतिशत में)
2017 43
2018 38
2019 42
यह रहा जिले का बोर्ड परिणाम
वर्ष दसवीं बारहवीं
2017 44 67
2018 40 64
2019 49 77