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भारत बंद के दौरान बाजार, मंडी बंद रहेंगे और रोड करेंगे जाम
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केंद्र सरकार द्वारा तीन अध्यादेशों के खिलाफ आढ़तियों व किसानों के धरने को समाप्त करने के लिए मुख्यमंत्री ने हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन को आश्वासन देने के बाद आढ़तियों धरना समाप्त करने को लेकर फतेहाबाद अनाज मंडी के व्यापारियों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। अनेक आढ़ती व किसान संगठनों ने इसे व्यापार मंडल का किसानों के साथ धोखा बताया है। आढ़तियों व किसानों का कहना है कि किसानों ने उनका जीजान से साथ दिया था तो मुख्यमंत्री के मौखिक आश्वासन पर धरना खत्म नहीं करना चाहिए था। अनेक आढ़तियों ने यह भी कहा कि यह अल्पकालीन आश्वासन है। अगली फसल में सरकार फिर यही रवैया अपनाएंगी। अनेक ने तो इसे विधायकों के दबाव में आढ़ती एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष के साथ ‘सेटिंग’ बताया है। आढ़तियों व किसानों ने कहा है कि 25 को भारत बंद में उनका भरपूर समर्थन रहेगा। 25 सितंबर को न केवल बाजार बंद रहेंगे, बल्कि रोड भी जाम किए जाएंगे। उधर, विभिन्न संगठन ने बुधवार को भारत बंद को सफल बनाने के लिए किसानों को अपने समर्थन की घोषणा की है।
-किसान संघर्ष समिति 25 सितंबर को भारत बंद के तहत जिला के बाजार बंद रखेगी। रोड जाम किया जायेगा। अनाज मंडी भी बंद करवाई जाएगी। जब तक सरकार अध्यादेश वापिस नहीं लेती व खराब हुई फसलों का मुआवजा नहीं देती उनका आंदोलन जारी रहेगा। 25 सितंबर को सरकार से जवाब मांगा जायेगा। -ओमप्रकाश हंसगा, प्रधान किसान संघर्ष समिति।
किसानों के सहयोग से हमारी आधी अधूरी लड़ाई पूरी हुई है। आढ़ती एसोसिएशन की मुख्यमंत्री के साथ बैठक में तीन अध्यादेशों का कोई जिक्र नहीं आया। विधायकों के दबाव के कारण मुख्यमंत्री ने अल्पकालीन राहत प्रधान की है। हमारे आंदोलन व किसानों की मेहनत का ही नतीजा है कि मुख्यमंत्री को नामात्र ही सही लेकिन आश्वासन देना पड़ा। बिना किसानों के सहयोग के हमें यह राहत नहीं मिलती। मंडी में चल रहा धरना 25 सितम्बर तक तो जारी रहना चाहिए था। 25 सितंबर के बंद को व्यापारी पूरा समर्थन करेंगे ताकि भविष्य में किसान उन पर विश्वास कर सके। -गुरदीप सिंह, पूर्व उप प्रधान व्यापार मंडल, फतेहाबाद।
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मुख्यमंत्री ने मीटिंग में न्यूनतम समर्थन मूूल्य का कहीं आश्वासन नहीं दिया। इस बात की क्या गारंटी है कि फसलों का एमएसपी पूरा मिलेगा। सरकार एक तय समय के लिए मंडियों में खरीद करने के बाद फिर किसान का आधे अधूरे दामों पर फसल बेचनी पड़ेगी। मंडियों के बाहर क्या गारंटी है कि एमएसपी के भाव मिलेंगे या नहीं। अभी तक इन अध्यादेशों मे तों जिक्र है नहीं। मात्र आश्वासन से धरना नहीं उठाना चाहिए था। हमें हर हालात में किसानों का समर्थन करना होगा। बिना किसी उचित आश्वासन के धरना खत्म करने का कोई औचित्य नहीं है। -गोपाल राय चौधरी, आढ़ती।
हमने धरना समाप्त करने में जल्दबाजी दिखाई। सीएम ने आश्वासन दिया और थोड़े से लालच में आढ़ती का जमीन मर गया। हमने यह नहीं देखा कि मजदूर-किसान उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहा है। अगर हमारा विश्वास खत्म हो गया तो किसान-मजदूर हमारा साथ नहीं देंगे। हमें अपने जमीर को कायम रखने के लिए 25 सितंबर के बंद में जीजान से किसानों का समर्थन करना पड़ेगा। -प्रेम मितल, जिला प्रधान हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन, फतेहाबाद।
हमें आढ़ती एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष अशोक गुप्ता ने आदेश दिया कि सीएम की उनके साथ बातचीत हो चुकी है। सीएम ने आढ़तियों की मांगे मान ली है। सरकार ने पहले ही मार्केट फीस व एचआरडीएफ फीस चार फीसदी से एक फीसदी कर दी है इसलिए हमने उनके कहे अनुसार ही धरना समाप्त कर दिया। -सुभाष मुंजाल अनाज मंडी प्रधान फतेहाबाद।
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-किसान संघर्ष समिति 25 सितंबर को भारत बंद के तहत जिला के बाजार बंद रखेगी। रोड जाम किया जायेगा। अनाज मंडी भी बंद करवाई जाएगी। जब तक सरकार अध्यादेश वापिस नहीं लेती व खराब हुई फसलों का मुआवजा नहीं देती उनका आंदोलन जारी रहेगा। 25 सितंबर को सरकार से जवाब मांगा जायेगा। -ओमप्रकाश हंसगा, प्रधान किसान संघर्ष समिति।
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किसानों के सहयोग से हमारी आधी अधूरी लड़ाई पूरी हुई है। आढ़ती एसोसिएशन की मुख्यमंत्री के साथ बैठक में तीन अध्यादेशों का कोई जिक्र नहीं आया। विधायकों के दबाव के कारण मुख्यमंत्री ने अल्पकालीन राहत प्रधान की है। हमारे आंदोलन व किसानों की मेहनत का ही नतीजा है कि मुख्यमंत्री को नामात्र ही सही लेकिन आश्वासन देना पड़ा। बिना किसानों के सहयोग के हमें यह राहत नहीं मिलती। मंडी में चल रहा धरना 25 सितम्बर तक तो जारी रहना चाहिए था। 25 सितंबर के बंद को व्यापारी पूरा समर्थन करेंगे ताकि भविष्य में किसान उन पर विश्वास कर सके। -गुरदीप सिंह, पूर्व उप प्रधान व्यापार मंडल, फतेहाबाद।
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मुख्यमंत्री ने मीटिंग में न्यूनतम समर्थन मूूल्य का कहीं आश्वासन नहीं दिया। इस बात की क्या गारंटी है कि फसलों का एमएसपी पूरा मिलेगा। सरकार एक तय समय के लिए मंडियों में खरीद करने के बाद फिर किसान का आधे अधूरे दामों पर फसल बेचनी पड़ेगी। मंडियों के बाहर क्या गारंटी है कि एमएसपी के भाव मिलेंगे या नहीं। अभी तक इन अध्यादेशों मे तों जिक्र है नहीं। मात्र आश्वासन से धरना नहीं उठाना चाहिए था। हमें हर हालात में किसानों का समर्थन करना होगा। बिना किसी उचित आश्वासन के धरना खत्म करने का कोई औचित्य नहीं है। -गोपाल राय चौधरी, आढ़ती।
हमने धरना समाप्त करने में जल्दबाजी दिखाई। सीएम ने आश्वासन दिया और थोड़े से लालच में आढ़ती का जमीन मर गया। हमने यह नहीं देखा कि मजदूर-किसान उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहा है। अगर हमारा विश्वास खत्म हो गया तो किसान-मजदूर हमारा साथ नहीं देंगे। हमें अपने जमीर को कायम रखने के लिए 25 सितंबर के बंद में जीजान से किसानों का समर्थन करना पड़ेगा। -प्रेम मितल, जिला प्रधान हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन, फतेहाबाद।
हमें आढ़ती एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष अशोक गुप्ता ने आदेश दिया कि सीएम की उनके साथ बातचीत हो चुकी है। सीएम ने आढ़तियों की मांगे मान ली है। सरकार ने पहले ही मार्केट फीस व एचआरडीएफ फीस चार फीसदी से एक फीसदी कर दी है इसलिए हमने उनके कहे अनुसार ही धरना समाप्त कर दिया। -सुभाष मुंजाल अनाज मंडी प्रधान फतेहाबाद।