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Fatehabad News: एक माह से अधिक समय से पंजाब के मुख्य रास्ते बंद
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रतिया के गांव रोझांवाली के पास लगाया गया नाका।
फतेहाबाद। 13 फरवरी को किसानों ने अपनी मांगों को लेकर दिल्ली कूच की घोषणा की थी और 10 फरवरी से ही फतेहाबाद प्रशासन ने पंजाब के किसानों को रोकने के लिए पंजाब की सीमाओं पर बैरिकेडिंग लगाकर नाकाबंदी कर दी। एक माह बीत जाने के बाद भी बैरिकेडिंग को नहीं हटाया गया है, जिस कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रास्ते न खुलने के कारण पंजाब की ओर रोडवेज की बसों का संचालन भी नहीं हो पा रहा है।
संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक ने 13 फरवरी को अपनी मांगों को लेकर दिल्ली कूच का ऐलान किया था। पंजाब के कई इलाके फतेहाबाद से जुड़े हुए हैं। इसी के चलते फतेहाबाद के प्रशासन ने पहले से ही पंजाब के किसानों को फतेहाबाद सीमा में घुसने से रोकने के लिए पंजाब सीमा पर बैरिकेडिंग लगानी आरंभ कर दी थी। 10 फरवरी को प्रशासन ने टोहाना के नेशनल हाईवे 148बी, रतिया के गांव रोझांवाली के सेम नाले, फतेहाबाद के गांव हांसपुर तथा जाखल की म्योंदकलां नहर पर बैरिकेडिंग करके नाके लगा दिए थे। हालांकि पंजाब के किसान फतेहाबाद की सीमा में तो नहीं घुसे, लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी इन नाकों को नहीं खोला गया है।
पंजाब जाने वाले लोगों को हो रही परेशानी
फतेहाबाद से बुढ़लाडा व वाया पंजाब चंडीगढ़ जाने वाली रोडवेज की बसें इन नाकों के कारण नहीं चल पा रही हैं। कटरा को भी फतेहाबाद से रोडवेज की बसें नहीं चल रही। परेशान लोगों को पहले नाकों तक जाना पड़ता है और उसके बाद पैदल चलकर पंजाब रोडवेज की बसें पकड़नी पड़ रही हैं। म्योंदकलां के पास नाका लगा होने के कारण कुलां से जाखल का सीधा रास्ता बंद है और लोगों को लिंक मार्गों से कुलां या जाखल जाना पड़ रहा है। इसके अलावा हांसपुर नाके की वजह से सरदूलगढ़ व बठिंडा भी लोग नहीं जा पा रहे। उनको सिरसा से बसें और ट्रेन पकड़नी पड़ रही है।
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रास्ते खुलवाने की मांग
एक ओर किसान पूरी तरह से शांत हैं, लेकिन नाके न खुलने के कारण लोग काफी परेशान हैं। हाल ही में जाखल के लोगों ने डीएसपी से मिलकर म्योंदकलां नाका खोलने की मांग की थी। वहीं किसान नेता राम जाट ने भी कहा है कि किसानों का आंदोलन शांतिपूर्वक चल रहा है, इसलिए आम जनता की सहूलियत के लिए सभी नाकों को खोल देना चाहिए। अब तो वैसे भी आचार संहिता लग गई है, ऐसे में प्रशासन को तुरंत यह नाके खोलने चाहिएं।
कोट
फिलहाल हमारे पास कोई प्रशासनिक आदेश नहीं आया है कि नाकों को खोला जाए। हालांकि 1 या 2 दो दिन में ऐसे आदेश आ सकते हैं।
जयसिंह, थाना प्रभारी रतिया।
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संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक ने 13 फरवरी को अपनी मांगों को लेकर दिल्ली कूच का ऐलान किया था। पंजाब के कई इलाके फतेहाबाद से जुड़े हुए हैं। इसी के चलते फतेहाबाद के प्रशासन ने पहले से ही पंजाब के किसानों को फतेहाबाद सीमा में घुसने से रोकने के लिए पंजाब सीमा पर बैरिकेडिंग लगानी आरंभ कर दी थी। 10 फरवरी को प्रशासन ने टोहाना के नेशनल हाईवे 148बी, रतिया के गांव रोझांवाली के सेम नाले, फतेहाबाद के गांव हांसपुर तथा जाखल की म्योंदकलां नहर पर बैरिकेडिंग करके नाके लगा दिए थे। हालांकि पंजाब के किसान फतेहाबाद की सीमा में तो नहीं घुसे, लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी इन नाकों को नहीं खोला गया है।
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पंजाब जाने वाले लोगों को हो रही परेशानी
फतेहाबाद से बुढ़लाडा व वाया पंजाब चंडीगढ़ जाने वाली रोडवेज की बसें इन नाकों के कारण नहीं चल पा रही हैं। कटरा को भी फतेहाबाद से रोडवेज की बसें नहीं चल रही। परेशान लोगों को पहले नाकों तक जाना पड़ता है और उसके बाद पैदल चलकर पंजाब रोडवेज की बसें पकड़नी पड़ रही हैं। म्योंदकलां के पास नाका लगा होने के कारण कुलां से जाखल का सीधा रास्ता बंद है और लोगों को लिंक मार्गों से कुलां या जाखल जाना पड़ रहा है। इसके अलावा हांसपुर नाके की वजह से सरदूलगढ़ व बठिंडा भी लोग नहीं जा पा रहे। उनको सिरसा से बसें और ट्रेन पकड़नी पड़ रही है।
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रास्ते खुलवाने की मांग
एक ओर किसान पूरी तरह से शांत हैं, लेकिन नाके न खुलने के कारण लोग काफी परेशान हैं। हाल ही में जाखल के लोगों ने डीएसपी से मिलकर म्योंदकलां नाका खोलने की मांग की थी। वहीं किसान नेता राम जाट ने भी कहा है कि किसानों का आंदोलन शांतिपूर्वक चल रहा है, इसलिए आम जनता की सहूलियत के लिए सभी नाकों को खोल देना चाहिए। अब तो वैसे भी आचार संहिता लग गई है, ऐसे में प्रशासन को तुरंत यह नाके खोलने चाहिएं।
कोट
फिलहाल हमारे पास कोई प्रशासनिक आदेश नहीं आया है कि नाकों को खोला जाए। हालांकि 1 या 2 दो दिन में ऐसे आदेश आ सकते हैं।
जयसिंह, थाना प्रभारी रतिया।