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Fatehabad News: बैजलपुर के सरपंच पर लगे आरोपों को महापंचायत ने बताया निराधार
Mon, 19 May 2025 12:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 19 May 2025 12:06 AM IST
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बैजलपुर गांव के चौक में हुई महापंचायत में पहुंचे ग्रामीण।
भूना। बैजलपुर गांव में रविवार को महापंचायत हुई। इसमें काफी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। इस महापंचायत की अध्यक्षता 72 वर्षीय दयानंद ओला ने की। पंचायत का मुद्दा सरपंच हेमंत सिंह बैजलपुरिया पर मनरेगा के कामों में भष्ट्राचार के आरोप लगे थे।
महापंचायत में मौजूद लोगों ने सभी आरोपों को झूठा बताया और कहा कि यह गांव की राजनीति से प्रेरित हैं। इसका मकसद सरपंच की छवि खराब करना है। सरपंच ने गांव में काफी विकास कार्य करवाए हैं।
गांव की राजनीति से ऊपर उठकर पंचायत का साथ देना चाहिए : ग्रामीणों ने बताया कि हेमंत सिंह बैजलपुरिया के नेतृत्व में ढाई साल में करीब 20 करोड़ रुपये के विकास कार्य हुए हैं। इससे गांव की तस्वीर बदल गई है। दूसरे जिलों में बैजलपुर का उदाहरण दिया जा रहा है।
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विरोधी राजनीतिक लोग इससे परेशान हैं। महापंचायत में पूर्व दंपती सरपंच के दस साल के कार्यकाल की तुलना वर्तमान सरपंच के ढाई साल से की गई। लोगों ने कहा कि हेमंत सिंह ने विकास के साथ सामाजिक कार्यों में भी बढ़-चढ़कर भाग लिया है। गांव की पहचान दूर-दूर तक बनी है। महापंचायत में दयानंद ओला ने कहा कि भाईचारा बना रहना चाहिए।
विकास की दृष्टि से गांव का रूप बदल गया, इसलिए विरोधी हताश : सरपंच :
सरपंच हेमंत सिंह बैजलपुरिया ने कहा कि गांव में करीब 20 करोड़ रुपये खर्च कर विकास कार्य हुए हैं। इसमें सरकार, प्रशासन और न्यूक्लियर पावर प्लांट गोरखपुर का सहयोग रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को यह बात रास नहीं आ रही। महापंचायत में पूर्व दंपती सरपंच के कार्यकाल की सच्चाई भी सामने आई है।
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महापंचायत में मौजूद लोगों ने सभी आरोपों को झूठा बताया और कहा कि यह गांव की राजनीति से प्रेरित हैं। इसका मकसद सरपंच की छवि खराब करना है। सरपंच ने गांव में काफी विकास कार्य करवाए हैं।
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गांव की राजनीति से ऊपर उठकर पंचायत का साथ देना चाहिए : ग्रामीणों ने बताया कि हेमंत सिंह बैजलपुरिया के नेतृत्व में ढाई साल में करीब 20 करोड़ रुपये के विकास कार्य हुए हैं। इससे गांव की तस्वीर बदल गई है। दूसरे जिलों में बैजलपुर का उदाहरण दिया जा रहा है।
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विरोधी राजनीतिक लोग इससे परेशान हैं। महापंचायत में पूर्व दंपती सरपंच के दस साल के कार्यकाल की तुलना वर्तमान सरपंच के ढाई साल से की गई। लोगों ने कहा कि हेमंत सिंह ने विकास के साथ सामाजिक कार्यों में भी बढ़-चढ़कर भाग लिया है। गांव की पहचान दूर-दूर तक बनी है। महापंचायत में दयानंद ओला ने कहा कि भाईचारा बना रहना चाहिए।
विकास की दृष्टि से गांव का रूप बदल गया, इसलिए विरोधी हताश : सरपंच :
सरपंच हेमंत सिंह बैजलपुरिया ने कहा कि गांव में करीब 20 करोड़ रुपये खर्च कर विकास कार्य हुए हैं। इसमें सरकार, प्रशासन और न्यूक्लियर पावर प्लांट गोरखपुर का सहयोग रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को यह बात रास नहीं आ रही। महापंचायत में पूर्व दंपती सरपंच के कार्यकाल की सच्चाई भी सामने आई है।