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शिव कथा श्रवण से जीवन में उतरता है शिवतत्व : स्वामी दिव्यानंद
Sun, 22 Feb 2026 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 22 Feb 2026 12:08 AM IST
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मॉडल टाउन स्थित श्री गीता भवन में वार्षिकोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित शिव पुराण कथा श्रद्धालुओं
फतेहाबाद। मॉडल टाउन स्थित गीता भवन में चल रही शिव पुराण कथा में डॉ. स्वामी दिव्यानंद महाराज ने कहा कि कथा श्रवण का वास्तविक लाभ तभी है, जब जीवन में शिवतत्व का अवतरण हो। नारद भगवान ब्रह्मा के मानस पुत्र थे। जब ब्रह्मा ने उन्हें अशांत देखा तो उन्होंने शिव पुराण का श्रवण कराया, जिससे उनका अवसाद दूर हुआ।
गुरुदेव की कृपा से अशांत मन भी शांत हो जाता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि गुरुदेव के पास तनावग्रस्त मन लेकर आएं, लेकिन यहां से तनावमुक्त होकर जाएं। स्वामी ने कहा कि परिवार को बोझ न समझें और न ही किसी के साथ भेदभाव का व्यवहार करें, अन्यथा जीवन में कलह से बच पाना कठिन होगा। यही सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की कथा का सार है।
उन्होंने कहा कि केवल तन से नहीं, बल्कि मन से भी गुरुदेव के सान्निध्य में रहना आवश्यक है। मन चंचल होता है और ज्ञान के प्रहार से अहंकार टूटता है, इसलिए मन भागने का प्रयास करता है, लेकिन साधक को स्थिर रहना चाहिए। कार्यक्रम के समापन अवसर पर ज्योतिर्लिंग महिमा का वर्णन एवं पूजा-अर्चना की गई। एनडी मित्तल, मधु जैन, राजीव बतरा, राजीव चौधरी, विजय निर्मोही, कृष्ण, पंकज कुक्कड़ आदि श्रद्धालुओं ने पूजा कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
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गुरुदेव की कृपा से अशांत मन भी शांत हो जाता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि गुरुदेव के पास तनावग्रस्त मन लेकर आएं, लेकिन यहां से तनावमुक्त होकर जाएं। स्वामी ने कहा कि परिवार को बोझ न समझें और न ही किसी के साथ भेदभाव का व्यवहार करें, अन्यथा जीवन में कलह से बच पाना कठिन होगा। यही सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की कथा का सार है।
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उन्होंने कहा कि केवल तन से नहीं, बल्कि मन से भी गुरुदेव के सान्निध्य में रहना आवश्यक है। मन चंचल होता है और ज्ञान के प्रहार से अहंकार टूटता है, इसलिए मन भागने का प्रयास करता है, लेकिन साधक को स्थिर रहना चाहिए। कार्यक्रम के समापन अवसर पर ज्योतिर्लिंग महिमा का वर्णन एवं पूजा-अर्चना की गई। एनडी मित्तल, मधु जैन, राजीव बतरा, राजीव चौधरी, विजय निर्मोही, कृष्ण, पंकज कुक्कड़ आदि श्रद्धालुओं ने पूजा कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
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