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Fatehabad News: किसान सभा ने बैठक कर बनाई रणनीति, किसानों के समर्थन में सौंपा ज्ञापन
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भट्टूकलां। ताऊ देवीलाल टाऊन पार्क में संयुक्त किसान माेर्चा के आह्वान पर अखिल भारतीय किसान सभा, सीटू व खेत मजदूर युनियन की सांझी बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का अध्यक्षता मास्टर हुनमान सिंह ने की। संचालन रोहतास डूडी ने किया।
बैठक को संबोधित करते हुए किसान सभा जिला प्रधान कामरेड़ विष्णुदत्त शर्मा व खेत मजदूर युनियन नेता रामकुमार बहबलपुरिया ने शंभू बाॅर्डर पर किसानों के दमन पर कड़ी निंदा की और 16 फरवरी को ग्रामीण भारत बंद में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हम एसकेएम द्वारा अपनाई गई लाइन के अनुसार मांग करते हैं कि किसान आंदोलन अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए जो लड़ाई लड़ रहा है, उसमें सरकार के दमन का प्रतिरोध करते हैं। हम किसान संगठनों के दिल्ली चलो मार्च को रोकने के लिए राज्य शक्ति के अति प्रयोग और लाठी चार्ज, रबर बुलेट, आसू गैस के गोले और सामुहिक गिरफ्तारी का सहारा लेने के लिए मोदी सरकार का कड़ा विरोध और निंदा करते हैं। यह आश्चर्य की बात है कि प्रशासन द्वारा किसानों के उपर आसू गैस के गोले गिराने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। किसानों के शांतिपूर्ण संघर्ष पर हमला करने के लिए पुलिस और सशस्त्र पुलिस बलों को तैनात करने से पता चलता है कि सरकार ने लोगों का विश्वास खो दिया है। लोकतांत्रित सामाज में प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्वक विरोध करने का अधिकार है।
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बैठक को संबोधित करते हुए किसान सभा जिला प्रधान कामरेड़ विष्णुदत्त शर्मा व खेत मजदूर युनियन नेता रामकुमार बहबलपुरिया ने शंभू बाॅर्डर पर किसानों के दमन पर कड़ी निंदा की और 16 फरवरी को ग्रामीण भारत बंद में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हम एसकेएम द्वारा अपनाई गई लाइन के अनुसार मांग करते हैं कि किसान आंदोलन अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए जो लड़ाई लड़ रहा है, उसमें सरकार के दमन का प्रतिरोध करते हैं। हम किसान संगठनों के दिल्ली चलो मार्च को रोकने के लिए राज्य शक्ति के अति प्रयोग और लाठी चार्ज, रबर बुलेट, आसू गैस के गोले और सामुहिक गिरफ्तारी का सहारा लेने के लिए मोदी सरकार का कड़ा विरोध और निंदा करते हैं। यह आश्चर्य की बात है कि प्रशासन द्वारा किसानों के उपर आसू गैस के गोले गिराने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। किसानों के शांतिपूर्ण संघर्ष पर हमला करने के लिए पुलिस और सशस्त्र पुलिस बलों को तैनात करने से पता चलता है कि सरकार ने लोगों का विश्वास खो दिया है। लोकतांत्रित सामाज में प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्वक विरोध करने का अधिकार है।
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