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Fatehabad News: सांसारिक मोह-माया को त्याग अध्यात्म की राह चलीं काशवी जैन

Mon, 25 Nov 2024 02:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Mon, 25 Nov 2024 02:49 AM IST
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Kashvi Jain left worldly attachments and followed the path of spirituality.
रतिया में जैन स्थानक में तिलक रस्म प्रक्रिया पूरी करती जैन समाज की महिलाएं। 
रतिया (फतेहाबाद)। जिस उम्र में लोग भविष्य के सपने संजोते हैं, सैर सपाटा और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स में मन रमाते हैं। उस उम्र में जींद की रहने वाली दसवीं पास काशवी मोह-माया को त्याग कर तप और संयम की राह पर निकल पड़ी हैं। रतिया के जैन स्थानक में रविवार को साध्वी शिवा की शिष्या वैरागन काशवी जैन का तिलक रस्म समारोह भव्य रूप से मनाया गया। इस दौरान उन्हें दुल्हन की तरह सजाया गया। बबीता जिंदल, अनीता जैन ने वैरागन की तिलक रस्म प्रक्रिया पूरी कराई और साध्वी शिवा ने तिलक लगाकर आशीर्वाद दिया। अब दो 2 फरवरी को दिल्ली में दीक्षा समारोह आयोजित किया जाएगा। इसके बाद भौतिक दुनिया से नाता तोड़ अध्यात्म की दुनिया में बढ़ेंगी और प्राणी जगत के कल्याण के काम करेंगी।
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सरकारी नौकरी करने वाले अमित जैन और गृहिणी सीमा की पुत्री काशवी जैन दीक्षा के लिए पिछले दो साल से वैरागन की तरह रह रही हैं। काशवी का एक भाई और एक एक बहन भी है। सुख-सुविधाओं को त्यागकर वे सांसरिक दुनिया से दूर ज्ञान पाने की राह पर चल पड़ी हैं। इस दौरान लाल रंग की चादर ओढ़े हाथ जोड़े काशवी भगवान महावीर और जय जिनेंद्र का गुणगान करती रहीं।
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काशवी बोलीं- बचपन से जैन दीक्षा अंगीकार करने का मन था
रतिया के जैन स्थानक में साध्वी ज्ञान प्रभा, सुचारू, सुब्रत प्रभा ने प्रवचन करते हुए कहा कि काशवी ने दीक्षा ग्रहण करने का जो फैसला किया है वह जैन समाज की प्रतिष्ठा को और बढ़ाएगा। वहीं इस मौके पर वैरागन काशवी ने बताया कि बचपन से ही वह जैन दीक्षा अंगीकार करना चाहती थी। अब उनकी इच्छा पूरी हो रही है। इसके लिए उन्होंने जैन साध्वी शिवा के चरणों में वैरागन का मार्ग अपनाया है।
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16 साल की उम्र में लिया संन्यास
10वीं कक्षा पास काशवी की उम्र 16 साल है। वह पिछले दो साल से वैरागन का जीवन जी रही थी। अक्सर वह जैन समाज के कार्यक्रम में भाग लेती थी। वहीं से उसके मन में जैन धर्म के प्रति अगाध आस्था होती चली गई।



जैन धर्म की महिमा का किया गुणगान
कार्यक्रम के दौरान टोहाना से आए हुए जैन श्रद्धालुओं ने संक्षिप्त नाटक का मंचन किया और जैन धर्म की महिमा का गुणगान किया। अपने संबोधन में प्रधान संजू जिंदल ने बताया कि दिल्ली में दीक्षा समारोह में रतिया से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे। कार्यक्रम के दौरान अनिल जैन, सुरेश जिंदल, राजेंद्र मित्तल, राजेश जैन, निर्मल जैन, चंद्र सेन जैन, मोहन जैन, अमरनाथ जैन, अश्विनी जैन, मोनू जिंदल, राजकुमार जिंदल मौजूद रहे।
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