{"_id":"577564f34f1c1b454879b56d","slug":"kamboj-minister-harayana-35-coror-loss-fatehabad-harayana","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली बोर्ड 35 हजार करोड़ से अधिक घाटे के कारण निजीकरण का फैसला लिया : कंबोज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली बोर्ड 35 हजार करोड़ से अधिक घाटे के कारण निजीकरण का फैसला लिया : कंबोज
fatehabad
Updated Thu, 30 Jun 2016 11:59 PM IST
विज्ञापन
मंत्री कंबाोज
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल विपक्ष की भी साजिश है। ताकि सरकार को षडयंत्र के द्वारा बदनाम किया जा सके। यह बात खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के मंत्री कर्ण देव कंबोज ने वीरवार को भाजपा नेता नंदलाल कंबोज की पाइप फैक्टरी में प्रीतिभोज समारोह में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। मंत्री कंबोज ने कहा कि बिजली बोर्ड 35 हजार करोड़ से भी अधिक घाटे में होने के कारण निजीकरण किया जाने का फैसला लिया गया है। निजीकरण से आम लोगों को बिजली पर्याप्त मात्रा मिलेगी। उन्होंने कहा कि निजीकरण होने के बाद बिजली के रेटों की मनमानी किए जाने के आरोप विपक्ष अपनी राजनैतिक रोटियां सेकने के लिए लगा रहा है।
मगर ऐसा नहीं है। कंबोज ने कहा कि हड़ताल को लेकर एस्मा कर्मचारियों पर लगाया जाना जनता हित में था। कोई भी हड़ताल के दौरान बिजली पानी बाधित न करे, इसके लिए एस्मा लगाना जरूरी था। जो लोग आज एस्मा लगाए जाने को लेकर विरोध कर रहे हैं। उन्होंने अपने शासनकाल में ऐसा क्यों किया। उन्होंने भी अपनी सत्ता के दौरान एस्मा लगाया था। कंबोज ने कहा कि कर्मचारियों के साथ सरकार ने कई समझौते के लिए वार्तालाप की, मगर कुछ कर्मचारी विपक्ष के हाथों में खेल रहे हैं। इसलिए समझौते को सिरे नहीं चढ़ने दिया।
इस अवसर पर अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग वित आयोग की चेयरपर्सन सुनीता दुग्गल, नंद लाल कंबोज, गुलशन हंस, कैलाश बसंल, सरपंच सुरेश कंबोज, जितेेंद्र बंसल, बलजीत सोनी, रमेश कंबोज, श्याम लाल कंबोज, बनवारी लाल कंबोज, साइदित्ता पंजाबी अरोड़ा, बिट्टू कंबोज, कशमीरी लाल कंबोज, विंकल कंबोज, मदन लाल कंबोज, दिनेश जैन, पवन कुमार, हरदेश कंबोज, चंद्रप्रकाश बोस्ती, ओमप्रकाश ग्रोवर रतिया, दर्शन नागपाल फतेहाबाद, विनोद जग्गा रतिया, हुकम चंद गर्ग, ईश कुमार सेठी, डॉ. दीनानाथ गोस्वामी, राजू गिरधर, नायब तहसीलदार होशियार सिंह जांगड़ा, एसडीओ विद्युत निगम दलबीर सिंह, बीडीपीओ रविंद्र कुमार दलाल, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक राजेंद्र शर्मा, नगरपालिका चेयरमैन राखी वाल्मीकि, एमसी सरोज बाला सोनी, शिव लाल गर्ग आदि गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मगर ऐसा नहीं है। कंबोज ने कहा कि हड़ताल को लेकर एस्मा कर्मचारियों पर लगाया जाना जनता हित में था। कोई भी हड़ताल के दौरान बिजली पानी बाधित न करे, इसके लिए एस्मा लगाना जरूरी था। जो लोग आज एस्मा लगाए जाने को लेकर विरोध कर रहे हैं। उन्होंने अपने शासनकाल में ऐसा क्यों किया। उन्होंने भी अपनी सत्ता के दौरान एस्मा लगाया था। कंबोज ने कहा कि कर्मचारियों के साथ सरकार ने कई समझौते के लिए वार्तालाप की, मगर कुछ कर्मचारी विपक्ष के हाथों में खेल रहे हैं। इसलिए समझौते को सिरे नहीं चढ़ने दिया।
विज्ञापन
इस अवसर पर अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग वित आयोग की चेयरपर्सन सुनीता दुग्गल, नंद लाल कंबोज, गुलशन हंस, कैलाश बसंल, सरपंच सुरेश कंबोज, जितेेंद्र बंसल, बलजीत सोनी, रमेश कंबोज, श्याम लाल कंबोज, बनवारी लाल कंबोज, साइदित्ता पंजाबी अरोड़ा, बिट्टू कंबोज, कशमीरी लाल कंबोज, विंकल कंबोज, मदन लाल कंबोज, दिनेश जैन, पवन कुमार, हरदेश कंबोज, चंद्रप्रकाश बोस्ती, ओमप्रकाश ग्रोवर रतिया, दर्शन नागपाल फतेहाबाद, विनोद जग्गा रतिया, हुकम चंद गर्ग, ईश कुमार सेठी, डॉ. दीनानाथ गोस्वामी, राजू गिरधर, नायब तहसीलदार होशियार सिंह जांगड़ा, एसडीओ विद्युत निगम दलबीर सिंह, बीडीपीओ रविंद्र कुमार दलाल, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक राजेंद्र शर्मा, नगरपालिका चेयरमैन राखी वाल्मीकि, एमसी सरोज बाला सोनी, शिव लाल गर्ग आदि गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।
विज्ञापन