हरियाणा में जजपा का लगा बड़ा झटका: प्रदेशाध्यक्ष निशान सिंह ने पार्टी को कहा अलविदा, इस्तीफों की लगी झड़ी
लोससभा चुनाव से पहले जजपा का बड़ा झटका लगा है। प्रदेशाध्यक्ष निशान सिंह ने पार्टी को अलविदा कह दिया है। जिसके बाद फतेहाबाद जिले में कई पदाधिकारियों ने इस्तीफे देने शुरू कर दिए हैं। पूर्व विधायक सरदार निशान सिंह करीब साढ़े पांच साल से प्रदेशाध्यक्ष का पद संभाल रहे थे।
विस्तार
जननायक जनता पार्टी को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष निशान सिंह ने जजपा छोड़ दी है। उन्होंने मौखिक तौर पर इस्तीफा दे दिया है जबकि लिखित में एक-दो दिन में राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह चौटाला को सौंपेंगे। उनके भाजपा या कांग्रेस में जाने की अटकलें जोरों पर हैं। मीडिया से बातचीत में निशान सिंह ने कहा कि वह दो-चार दिनों में अपने समर्थकों के साथ सलाह-मशविरा करके आगामी फैसला लेंगे।
#WATCH | Fatehabad: On his resignation from the JJP party, Nishan Singh says, "I have resigned and there is no doubt about it...I will soon accord it in written form to the party's national president. I will decide the next step post meeting my friends...The decisions are not… pic.twitter.com/97W4AJrtp8
— ANI (@ANI) April 9, 2024
हालांकि, निशान सिंह के पार्टी छोड़ने के साथ ही फतेहाबाद जिले में कई पदाधिकारियों ने इस्तीफे देने शुरू कर दिए हैं। प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्र लेगा, महिला विंग की प्रदेश महासचिव ममता कटारिया, महिला नेत्री रेखा शाक्य ने पार्टी छोड़ने की घोषणा कर दी है। गौरतलब है साल 2018 में जननायक जनता पार्टी के गठन के बाद टोहाना के पूर्व विधायक सरदार निशान सिंह को प्रदेशाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वह लगातार करीब साढ़े पांच साल से प्रदेशाध्यक्ष का पद संभाल रहे थे।
2000 में इनेलो के टिकट पर जीतकर बने थे विधायक
सरदार निशान सिंह साल 2000 में इनेलो के टिकट पर जीतकर टोहाना से विधायक चुने गए थे। उन्हें तब 43,076 वोट मिले थे। हालांकि इसके बाद उन्होंने इनेलो के टिकट पर लगातार तीन चुनाव लड़े। मगर कोई भी चुनाव नहीं जीत पाए। हर बार दूसरे स्थान पर रहे। साल 2005 व 2009 में उन्हें कांग्रेस नेता एवं पूर्व कृषि मंत्री परमवीर सिंह ने जबकि 2014 में भाजपा नेता सुभाष बराला ने शिकस्त दी।
2019 में देवेंद्र बबली के कारण टोहाना सीट से नहीं लड़ पाए
साल 2019 के चुनाव में टोहाना विधानसभा क्षेत्र से सरदार निशान सिंह जजपा की टिकट के प्रमुख दावेदार थे। मगर ऐन वक्त पर कांग्रेस की टिकट नहीं मिलने पर देवेंद्र सिंह बबली ने जजपा का दामन थाम लिया। बबली के मजबूत दावेदार होने के चलते पार्टी नेताओं ने निशान सिंह के स्थान पर देवेंद्र बबली को प्रत्याशी बनाया। बाद में बबली टोहाना से जीते और साल 2021 में प्रदेश की गठबंधन सरकार में पंचायत मंत्री भी बने।
निशान सिंह का बेटा हार गया था सरपंच का चुनाव
जजपा प्रदेशाध्यक्ष निशान सिंह के बेटे तेजेंद्र सिंह ने उनके पैतृक गांव मामुपुर से पिछले साल हुए पंचायत चुनाव में किस्मत आजमाई। मगर वह जीत नहीं पाए। तेजेंद्र सिंह को अन्य उम्मीदवार गुरप्रीत सिंह ने 171 वोट से हरा दिया था।