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Fatehabad News: कछुए को पकड़ना भारी पड़ा, अदालत ने 28 अगस्त तक भेजा हिरासत में
Thu, 17 Aug 2023 11:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 17 Aug 2023 11:25 PM IST
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फतेहाबाद। बैग में कछुआ डालकर बस में यात्रा करना एक व्यक्ति को महंगा पड़ गया। उक्त व्यक्ति के साथ यात्रा कर रहे गांव धांगड़ निवासी युवक ने इसकी सूचना अखिल भारतीय जीव रक्षा बिश्नोई सभा के प्रदेश अध्यक्ष विनोद कड़वासरा को दी। कड़वासरा के निर्देश पर वन्य प्राणी विभाग व जीव रक्षा की टीम मौके पर पहुंच और कछुए सहित सिरसा जिले के गांव केलनियां निवासी उक्त व्यक्ति को धरदबोचा। वन्य प्राणी विभाग की टीम ने उसे कुरुक्षेत्र स्थित अदालत में पेश किया, जहां अदालत ने उसे 28 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
विनोद कड़वासरा ने बताया कि कछुआ भारतीय फ्लेपशैल प्रजाति का है,जो वन्यप्राणी संरक्षण कानून 1972 के अनुसार अनुसूची एक का है। जिसे मारना/पालना आदि गंभीर गैर जमानती अपराध है। इस अपराध में सात साल तक की सजा का प्रावधान है। गौरतलब है कि बहुत से लोग अंधविश्वास के चलते कछुओं को पालते हैं और कुछ लोग इलाज के लिए कछुओं को मारते भी हैं। कुछ दुर्लभ प्रजाति के कछुओं की चीन जैसे देशों में तस्करी भी की जाती है। केंद्र सरकार ने 20 दिसंबर 2022 को वन्य प्राणी संरक्षण कानून 1972 में संशोधन करते हुए अधिकतर वन्य जीवों को अनुसूची एक व दो में शामिल करते हुए सख्त सजा व एक लाख रुपये से अधिक जुर्माने का प्रावधान किया हुआ है।
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विनोद कड़वासरा ने बताया कि कछुआ भारतीय फ्लेपशैल प्रजाति का है,जो वन्यप्राणी संरक्षण कानून 1972 के अनुसार अनुसूची एक का है। जिसे मारना/पालना आदि गंभीर गैर जमानती अपराध है। इस अपराध में सात साल तक की सजा का प्रावधान है। गौरतलब है कि बहुत से लोग अंधविश्वास के चलते कछुओं को पालते हैं और कुछ लोग इलाज के लिए कछुओं को मारते भी हैं। कुछ दुर्लभ प्रजाति के कछुओं की चीन जैसे देशों में तस्करी भी की जाती है। केंद्र सरकार ने 20 दिसंबर 2022 को वन्य प्राणी संरक्षण कानून 1972 में संशोधन करते हुए अधिकतर वन्य जीवों को अनुसूची एक व दो में शामिल करते हुए सख्त सजा व एक लाख रुपये से अधिक जुर्माने का प्रावधान किया हुआ है।
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