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Fatehabad News: ओएसटी में जांच दौरान मिलने वाले हेपेटाइटिस मरीजों का फॉलोअप लेने के दिए निर्देश
Thu, 20 Nov 2025 11:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 20 Nov 2025 11:23 PM IST
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में केंद्र से आई टीम जांच करते हुए संवाद
फतेहाबाद। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की दो सदस्यीय टीम ने वीरवार को नागरिक अस्पताल का निरीक्षण किया। टीम ने वहां पर हेपेटाइटिस सी और बी के मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का निरीक्षण और करीब तीन घंटे तक रिकॉर्ड जांचा।
टीम में सीनियर कंसलटेंट डॉ. शुभाज्याति और कंसलटेंट डॉ. नरोत्तम शामिल रहे। इस कार्रवाई के दौरान अस्पताल के टीबी रोग विशेषज्ञ एवं नोडल अधिकारी डॉ. मनीष टुटेजा, जिला महामारी रोकथाम विशेषज्ञ डॉ. विष्णु मित्तल शामिल रहे। टीम निरीक्षण दौरान ये देखकर हैरान हुई कि यहां पर मरीजों की संख्या ज्यादा है बावजूद इसके न माइक्रोबायोलॉजिस्ट है और न ही फिजिशियन है, फिर भी मरीजों के सैंपल हो रहे हैं और मरीजों को उपचार भी मिल रहा है।
टीम ने कहा कि इस बारे में मुख्यालय में रिपोर्ट की जाएगी कि यहां पर माइक्रोबायोलॉजिस्ट और फिजिशियन उपलब्ध करवाए जाएं। टीम ने डायलिसिस सेंटर, एनसीडी क्लीनिक और नशा मुक्ति केंद्र में ओएसटी रिकॉर्ड जांचा जो कि ठीक मिला। परंतु ओएसटी में कई मरीज ऐसे पॉजिटिव मिले जिनका फॉलोअप नहीं हो रहा है। वजह ये है कि कई मरीज ऐसे हैं जिनके मोबाइल फोन नंबर बंद है या फिर दूसरे प्रदेश में जा चुके हैं।
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सैंपलिंग के ब्रेक पर मांगा जवाब
नागरिक अस्पताल में करीब 450 मरीज अभी सैंपल रिपोर्ट का इंतजार कर रहे है। सैंपल जांच के लिए सिरसा भेजे जा रहे हैं। इससे पहले करीब दो माह सैंपल लेने की प्रक्रिया बंद रही। इस पर टीम ने जवाब मांगा तो अधिकारियों ने बताया कि यहां पर माइक्रोबायोलॉजिस्ट नहीं है। इसके चलते सैंपलों की जांच नहीं हो रही है। सैंपल जांच के लिए कभी अग्रोहा तो कभी रोहतक, बहादुरगढ़, अंबाला भेजे जा रहे हैं। बजट न होने के चलते सैंपल प्रक्रिया बंद रही और अब सिरसा भेजे जा रहे हैं।
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जिले में मरीजों की स्थिति
वर्ष 2017 से 2025 तक मरीजों का पंजीकरण - 8868
उपचार के लिए चिह्नित मरीज - 6871
उपचार प्रक्रिया पूरी - 6520
उपचार जारी - 351
नोट से आंकड़ा जुलाई 2025 तक है
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टीम में सीनियर कंसलटेंट डॉ. शुभाज्याति और कंसलटेंट डॉ. नरोत्तम शामिल रहे। इस कार्रवाई के दौरान अस्पताल के टीबी रोग विशेषज्ञ एवं नोडल अधिकारी डॉ. मनीष टुटेजा, जिला महामारी रोकथाम विशेषज्ञ डॉ. विष्णु मित्तल शामिल रहे। टीम निरीक्षण दौरान ये देखकर हैरान हुई कि यहां पर मरीजों की संख्या ज्यादा है बावजूद इसके न माइक्रोबायोलॉजिस्ट है और न ही फिजिशियन है, फिर भी मरीजों के सैंपल हो रहे हैं और मरीजों को उपचार भी मिल रहा है।
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टीम ने कहा कि इस बारे में मुख्यालय में रिपोर्ट की जाएगी कि यहां पर माइक्रोबायोलॉजिस्ट और फिजिशियन उपलब्ध करवाए जाएं। टीम ने डायलिसिस सेंटर, एनसीडी क्लीनिक और नशा मुक्ति केंद्र में ओएसटी रिकॉर्ड जांचा जो कि ठीक मिला। परंतु ओएसटी में कई मरीज ऐसे पॉजिटिव मिले जिनका फॉलोअप नहीं हो रहा है। वजह ये है कि कई मरीज ऐसे हैं जिनके मोबाइल फोन नंबर बंद है या फिर दूसरे प्रदेश में जा चुके हैं।
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सैंपलिंग के ब्रेक पर मांगा जवाब
नागरिक अस्पताल में करीब 450 मरीज अभी सैंपल रिपोर्ट का इंतजार कर रहे है। सैंपल जांच के लिए सिरसा भेजे जा रहे हैं। इससे पहले करीब दो माह सैंपल लेने की प्रक्रिया बंद रही। इस पर टीम ने जवाब मांगा तो अधिकारियों ने बताया कि यहां पर माइक्रोबायोलॉजिस्ट नहीं है। इसके चलते सैंपलों की जांच नहीं हो रही है। सैंपल जांच के लिए कभी अग्रोहा तो कभी रोहतक, बहादुरगढ़, अंबाला भेजे जा रहे हैं। बजट न होने के चलते सैंपल प्रक्रिया बंद रही और अब सिरसा भेजे जा रहे हैं।
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जिले में मरीजों की स्थिति
वर्ष 2017 से 2025 तक मरीजों का पंजीकरण - 8868
उपचार के लिए चिह्नित मरीज - 6871
उपचार प्रक्रिया पूरी - 6520
उपचार जारी - 351
नोट से आंकड़ा जुलाई 2025 तक है