विधायक रविंद्र बलियाला के भाजपा में जाने से बदला 'गणित', रतिया में टिकट की रेस हुई तेज
पिछले कई दिनों से रतिया विधायक रविंद्र बलियाला के इनेलो छोड़कर भाजपा में शामिल होने की चल रही अटकलों को वीरवार को विराम लग गया। रतिया से इनेलो विधायक रविंद्र बलियाला अन्तत: भाजपा में शामिल हो गए। उन्हें भाजपा कार्यालय में मुख्यमंत्री मनोहर लाल और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने विधिवत तौर पर पार्टी में शामिल किया।
बलियाला के भाजपा में आने से रतिया में भाजपा टिकट के लिए रेस और तेज हो गई है। इससे जहां इनेलो से रतिया के अन्य दावेदार खुश नजर आ रहे हैं, वहीं भाजपा के दावेदारों में कुछ मायूसी भी देखी जा रही है।
पार्टी के पुराने नेता बलदेव ग्रौहा का अब तक भाजपा प्रत्याशी के तौर पर सबसे ऊपर नाम गिना जा रहा था। पूर्व विधायक पीरचंद के बेटे महाबीर प्रसाद भी हिसार से अब रतिया में डेरा डाले हुए हैं। वह पहले भी भाजपा की टिकट पर रतिया विधानसभा से चुनाव लड़ चुके हैं।
रतिया सीट से ये दावेदार ठोक रहे हैं ताल
भाजपा के वरिष्ठ नेता लक्ष्मण नापा और कालूराम ओड भी इस बार रतिया क्षेत्र में ओड समाज की तरफ से मजबूत दावेदारी ठोक रहे हैं। इससे पूर्व रतिया क्षेत्र में सुभाष बराला का ही दबदबा माना जाता था। विकास मंच के नाम से बिजली निगम के अधिकारी दर्शन लाल हांसु भी अपनी ताल ठोक रहे हैं, तो रतन लाल बडगुज्जर जैसे चेहरों ने भी रतिया सीट पर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है।
रतिया भाजपा अध्यक्ष सुखविंद्र गोयल ने इनेलो विधायक के शामिल होने पर कहा कि पार्टी में शामिल होने वालों का स्वागत है। पार्टी में हर रोज अन्य पार्टियां छोड़कर लोग भाजपा की नीतियों को देखकर पार्टी ज्वाइन कर रहे हैं। इससे पार्टी क्षेत्र में पहले से ज्यादा मजबूत होगी। बलियाला के भाजपा में शामिल होने पर इनेलो शहरी प्रधान हरबंस खन्ना ने कहा कि चुनाव में इस तरह की हलचल होती रहती है। रतिया में इनेलो काफी मजबूत है। पार्टी जिसे भी उम्मीदवार बनाएगी, उसे जिता कर भेजेंगे।
बलियाला ने कांग्रेस से शुरू की थी राजनीति
प्रोफेसर रविंदर बलियाला का जन्म 12 जनवरी 1969 को गांव बलियाला में मजहबी सिख परिवार में हुआ। पीएचडी तक शिक्षित प्रोफेसर रविंद्र बलियाला ने शुरू में कांग्रेस पार्टी से राजनीति शुरू की थी और 2005 में कांग्रेस ज्वाइन कर रतिया क्षेत्र में युवा वर्ग को कांग्रेस के साथ जोड़ने में काफी सहयोग किया था। हालांकि बाद में 2007 में रविंदर बलियाला ने इनेलो पार्टी ज्वाइन की थी और 15 अक्तूबर 2014 को हुए चुनावों में इनेलो ने उन्हें टिकट दे दी।
उनका मुख्य मुकाबला भाजपा की टिकट से चुनाव लड़ रही मौजूदा सांसद सुनीता दुग्गल से था। रविंद्र बलियाला चुनावी रिजल्ट में 51462 वोट लेकर मात्र 457 वोटों से सुनीता दुग्गल को पछाड़कर विधायक बने थे। इससे पूर्व वह कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र के एसोसिएट प्रोफेसर थे ।
बिना शर्त भाजपा में हुआ हूं शामिल: बलियाला
इस बारे में रविन्द्र बलियाला से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वह बगैर किसी शर्त के भाजपा में शामिल हुए हैं तथा भाजपा पार्टी में शामिल होने का कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री मनोहर लाल की ईमानदारी और विकास कार्यों की नीतियां है। रविंद्र बलियाला ने बताया कि वह कार्यकर्ता की हैसियत से पार्टी में शामिल हुए हैं और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेंगे।