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पशु तो बचा लिया, बाप बेटे की चली गई जान
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद
Updated Wed, 14 Oct 2015 12:05 AM IST
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घायलों में एक की हालत गंभीर बनी हुई है जिसे जयपुर के अस्पताल में
भर्ती किया गया है। मृतकों के शव को गमगीन माहौल के बीच गांव झलनियां लाया
गया। जहां उन्हें दफना दिया गया।
परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक झलनियां से शुक्रवार को 6 श्रद्धालु मुकाम धाम के लिए रवाना हुए थे। जिसमें 45 वर्षीय इंद्राज पुत्र हनुमान, बेटा 23 वर्षीय सतीश, 16 वर्षीय कर्ण सिंह पुत्र बहादुर, 45 वर्षीय उग्रसैन पुत्र बनवारी, 22 वर्षीय विकास पुत्र सतपाल तथा डोगर पुत्र मोहनलाल शामिल थे।
सभी लोग सोमवार दोपहर को मत्था टेकने के बाद वापस घर के लिए रवाना हुए। बीकानेर व डुमरगढ़ के बीच सेरूणा क्षेत्र में कार के आगे अचानक पशु आ गया। पशु को बचाने के चक्कर में चालक ने जैसे ही ब्रेक लगाया तो गाड़ी अनियंत्रित हो गई और सड़क पर ही पलट गई। घटना के बाद सभी कार सवार गाड़ी में बुरी तरह फंस गए।
बुरी तरह क्षतिग्रस्त कार के अंदर से आस पास को लोगों ने मशक्कत के बाद घायलों को बाहर निकाला। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और कार सवार घायलों को नजदीकी अस्पताल में पहुंचाकर परिजनों को सूचना दी।
उपचार के दौरान इंद्राज तथा सतीश ने देर रात दम तोड़ दिया। गंभीर रूप से घायल कर्णसिंह को जयपुर रेफर कर दिया गया। अन्य घायलों उग्रसैन, विकास व डोगर की हालत ठीक बताई जा रही है।
खबर लगते ही गांव झलनियां में सन्नाटा पसर गया। बाप बेटे की मौत की सूचना से माहौल गमगीन हो गया। देर रात ही परिवार के लोग स्थानीय अस्पताल पहुंचे। जहां मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम करवाकर फतेहाबाद के लिए रवाना हुए। दोपहर बाद परिवार के लोग शव लेकर गांव में पहुंचे। जहां उनके शवों को दफनाया गया।
डेढ़ साल पहले हुई थी शादी, जल्द पिता बनने वाला था सतीश
हंसते खेलते हुए मुकाम धाम के लिए रवाना हुए इंद्राज व सतीश ने कभी सोचा नहीं होगा कि यह उसकी आखिरी यात्रा होगी। इस घटना के बाद इंद्राज के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है।
सतीश की डेढ़ साल पहले हिसार जिले के गांव धानसुख की लड़की के साथ शादी हुई थी। उसकी पत्नी गर्भवती है। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। सतीश ने हाल ही में विकास के साथ मिलकर अग्रोहा में रेडीमेड का काम शुरू किया था।
सब लोग खुशी खुशी आ रहे थे घर अचानक....
घायलों के अनुसार गाड़ी की गति अधिक तेज नहीं थी। सभी आराम से मुकाम धाम का दर्शन करके घर की ओर लौट रहे थे। सब कुछ ठीक था। इसी दौरान काल बनकर अचानक लावारिस पशु गाड़ी के सामने आ गया।
चालक ने पशु को बचाने के लिए हार्ड ब्रेक लगा दी। पशु तो बच गया लेकिन गाड़ी वहीं पलट गई। जिसमें सभी बुरी तरह फंस गए। बुरी तरह घायल इंद्राज तथा सतीश ने सोमवार देर को दम तोड़ दी।
परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक झलनियां से शुक्रवार को 6 श्रद्धालु मुकाम धाम के लिए रवाना हुए थे। जिसमें 45 वर्षीय इंद्राज पुत्र हनुमान, बेटा 23 वर्षीय सतीश, 16 वर्षीय कर्ण सिंह पुत्र बहादुर, 45 वर्षीय उग्रसैन पुत्र बनवारी, 22 वर्षीय विकास पुत्र सतपाल तथा डोगर पुत्र मोहनलाल शामिल थे।
सभी लोग सोमवार दोपहर को मत्था टेकने के बाद वापस घर के लिए रवाना हुए। बीकानेर व डुमरगढ़ के बीच सेरूणा क्षेत्र में कार के आगे अचानक पशु आ गया। पशु को बचाने के चक्कर में चालक ने जैसे ही ब्रेक लगाया तो गाड़ी अनियंत्रित हो गई और सड़क पर ही पलट गई। घटना के बाद सभी कार सवार गाड़ी में बुरी तरह फंस गए।
बुरी तरह क्षतिग्रस्त कार के अंदर से आस पास को लोगों ने मशक्कत के बाद घायलों को बाहर निकाला। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और कार सवार घायलों को नजदीकी अस्पताल में पहुंचाकर परिजनों को सूचना दी।
उपचार के दौरान इंद्राज तथा सतीश ने देर रात दम तोड़ दिया। गंभीर रूप से घायल कर्णसिंह को जयपुर रेफर कर दिया गया। अन्य घायलों उग्रसैन, विकास व डोगर की हालत ठीक बताई जा रही है।
खबर लगते ही गांव झलनियां में सन्नाटा पसर गया। बाप बेटे की मौत की सूचना से माहौल गमगीन हो गया। देर रात ही परिवार के लोग स्थानीय अस्पताल पहुंचे। जहां मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम करवाकर फतेहाबाद के लिए रवाना हुए। दोपहर बाद परिवार के लोग शव लेकर गांव में पहुंचे। जहां उनके शवों को दफनाया गया।
डेढ़ साल पहले हुई थी शादी, जल्द पिता बनने वाला था सतीश
हंसते खेलते हुए मुकाम धाम के लिए रवाना हुए इंद्राज व सतीश ने कभी सोचा नहीं होगा कि यह उसकी आखिरी यात्रा होगी। इस घटना के बाद इंद्राज के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है।
सतीश की डेढ़ साल पहले हिसार जिले के गांव धानसुख की लड़की के साथ शादी हुई थी। उसकी पत्नी गर्भवती है। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। सतीश ने हाल ही में विकास के साथ मिलकर अग्रोहा में रेडीमेड का काम शुरू किया था।
सब लोग खुशी खुशी आ रहे थे घर अचानक....
घायलों के अनुसार गाड़ी की गति अधिक तेज नहीं थी। सभी आराम से मुकाम धाम का दर्शन करके घर की ओर लौट रहे थे। सब कुछ ठीक था। इसी दौरान काल बनकर अचानक लावारिस पशु गाड़ी के सामने आ गया।
चालक ने पशु को बचाने के लिए हार्ड ब्रेक लगा दी। पशु तो बच गया लेकिन गाड़ी वहीं पलट गई। जिसमें सभी बुरी तरह फंस गए। बुरी तरह घायल इंद्राज तथा सतीश ने सोमवार देर को दम तोड़ दी।