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Fatehabad News: महापंचायत में भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष पर लगे आरोपों को नकारा

Wed, 02 Apr 2025 11:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Wed, 02 Apr 2025 11:16 PM IST
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In Mahapanchayat, the allegations against the state president of Bhim Army were denied
ढाणी भोजराज में सर्वजातीय महापंचायत में मौजूद लोग।
भूना । ढाणी भोजराज गांव में हुई सर्वजातीय महापंचायत मेंं अंतरजातीय प्रेम विवाह के बाद वंचित अनुसूचित जाति के एक परिवार के सामाजिक बहिष्कार के मामले में आरोपी पक्ष से भीम आर्मी के प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप भानखुड़ पर लगे मिलीभगत के आरोप को निराधार बताया गया। इसको लेकर एक ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। पीड़ित परिवार ने साजिश के तहत आरोप लगाए थे।
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बता दें कि आरोपों के बाद जय भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय चौहान ने प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप भानखुड़ को पद से हटा दिया था। इस मामले की जांच के लिए वरिष्ठ नागरिकों की तीन सदस्यीय टीम बनाई गई थी। बुधवार को इसी मामले में ढाणी भोजराज में सर्वजातीय महापंचायत हुई। इसमें भीम आर्मी के जिन पदाधिकारियों पर मिलीभगत के आरोप लगे थे, उनके पक्ष में लोग जुटे। महापंचायत में आरोपों को सिरे से खारिज किया गया। इसमें राजेंद्र सिंह नेहरा लहरिया, राममेहर सिवाच गोरखपुर, भागुराम बेरा, सतबीर गोदारा, ढाणी भोजराज के सरपंच प्रतिनिधि राजेश कुमार, ढाणी सांचला के सरपंच राजेंद्र सिंह, बलवंत सिंह पूनिया जांडलीखुर्द, पवन कुमार पारता, अजमेर सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
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प्रदीप भानखुड़ ने बताया कि ढाणी भोजराज के सरपंच प्रतिनिधि राजेश कुमार उनसे हिसार में मिले थे। उन्होंने बताया था कि साधुराम के परिवार का गांव में कोई सामाजिक बहिष्कार नहीं हुआ। इसी के बाद वह गांव में जांच के लिए पहुंचे। वहां अधिकतर लोगों ने एकतरफा बयान दिए और बहिष्कार के आरोपों को नकारा। भानखुड़ ने कहा कि पीड़ित परिवार ने साजिश के तहत उन पर मिलीभगत के आरोप लगाए। उन्होंने शुरुआत में पीड़ित पक्ष का समर्थन किया था। आरोपी पक्ष के खिलाफ सामाजिक बहिष्कार का विरोध भी किया था। तीन दुकानदारों को गिरफ्तार कर जेल भिजवाया गया था। लेकिन जब सच्चाई सामने आई तो वह पीछे हट गए। वायरल ऑडियो के बाद समाज में उनका अपमान किया गया। इसी कारण सच्चाई सामने लाने के लिए महापंचायत बुलाई गई थी। इसमें लोगों ने उनके खिलाफ लगे आरोपों को गलत बताया।
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ये था मामला



ढाणी भोजराज गांव में 31 जनवरी की रात 26 वर्षीय युवती और 22 वर्षीय युवक घर से भाग गए थे। चार फरवरी को दोनों ने अंतरजातीय प्रेम विवाह कर लिया। इसी मामले में पीड़ित साधुराम ने आरोप लगाया कि उसका सामाजिक बहिष्कार किया गया। दुकानदारों ने सामान देने से मना कर दिया। 14 फरवरी को साधुराम की शिकायत पर पुलिस ने 9 नामजद और 50 अन्य के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट में केस दर्ज किया।
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