{"_id":"66e788c00eb539be900e7368","slug":"husband-and-wife-agree-to-live-together-fatehabad-news-c-127-1-shsr1017-122375-2024-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: बेटे का जन्मदिन आया और 10 साल से अलग रह रहे पति-पत्नी साथ रहने पर सहमत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: बेटे का जन्मदिन आया और 10 साल से अलग रह रहे पति-पत्नी साथ रहने पर सहमत
Mon, 16 Sep 2024 06:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 16 Sep 2024 06:54 AM IST
विज्ञापन
फतेहाबाद के न्यायिक परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में दंपती के बेटे के जन्मदिन पर केक कट
फतेहाबाद। न्यायिक परिसर में हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें तीन मामले तलाक, खर्च और बच्चे की कस्टडी लेने के बारे में था। इन्हीं में एक मामला ऐसे दंपती का रखा गया जो कि दोनों ही बैंक में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं।
दोनों पति-पत्नी मामूली कहासुनी व गलतफहमी की वजह से पिछले 10 साल से अलग-अलग रह रहे थे। प्रधान न्यायाधीश नताशा शर्मा के प्रयास से राष्ट्रीय लोक अदालत में दोनों साथ रहने पर सहमत हुए व न्यायालय में ही बेटे के जन्मदिन की खुशी में केक काटकर खुशी मनाई गई।
बता दें कि अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिखा, पारिवारिक न्यायालय प्रधान न्यायाधीश नताशा शर्मा, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी राजीव व न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी जोगेंद्र जांगड़ा की कोर्ट में लोक अदालत आयोजित हुई। लोक अदालत में 22,797 मामलों का निपटारा किया गया। लोक अदालत में आपराधिक जटिल मामलों, एनआई एक्ट 138, एमएसीटी जिसमें एआईआर तथा ट्रांसपोर्ट केस, वैवाहिक, श्रम, भूमि अधिग्रहण, किराया, बैंक रिकवरी, राजस्व, मनरेगा, बिजली व पानी बिल, वन अधिनियम, आपदा मुआवजा आदि अन्य मामलों का निपटारा आपसी सहमति के आधार पर किया गया।
विज्ञापन
लोक अदालत में रखे गए 29,113 मामले
राष्ट्रीय लोक अदालत में 29,113 मामलों में से 22,797 मामलों का निपटारा किया गया और 2 करोड़ 45 लाख 7467 रुपये का जुर्माना अवार्ड के रूप में पास की गई। जिसमें प्री लिटिगेशन के 20,216 में से 17,142 मामलों का निपटान करते हुए 43 लाख 74 हजार 635 रुपये की राशि का अवॉर्ड पास किया गया तथा कोर्ट में लंबित 8,897 मामलों में से 5,655 मामलों का निपटारा करते हुए 2 करोड़ 1 लाख 32 हजार 832 रुपये की राशि अवार्ड व जुर्माना के रूप में पास की गई। प्रीलिफिकेशन के 20216 मामलों में से 670 मामलों में बैंक रिकवरी संबंधित मामलों की सुनवाई करते हुए 670 में से 12 मामलों का निपटान व 27 लाख 87 हजार 500 रुपये का जुर्माना अवार्ड पास किया गया। इसी प्रकार राजस्व सहित अन्य मामलों जिसमें वैवाहिक के 11 हजार 956 मामलों में से 10 हजार 40 मामले सहित श्रम, बिजली संबंधी मामलों की सुनवाई की गई। कोर्ट में लंबित 8897 मामलों में से 5655 मामलों में आपराधिक के 373 में से 148 व 2 लाख 41 हजार 678 रुपये का जुर्माना हुआ है। एनआई एक्ट के 1294 मामलों में से 148 तथा 6 लाख 46 हजार रुपये का अवार्ड, एमएसीटी के 306 मामलों में से 30 व एक करोड़ 26 लाख 5 हजार रुपये का अवार्ड व बैंक रिकवरी के 142 में से 17, वैवाहिक मामलों के 299 में से 111 व समरी चालान के 591 में से 320 और 58 हजार 100 रुपये का जुर्माना व अवार्ड पास किया गया।
विज्ञापन
दोनों पति-पत्नी मामूली कहासुनी व गलतफहमी की वजह से पिछले 10 साल से अलग-अलग रह रहे थे। प्रधान न्यायाधीश नताशा शर्मा के प्रयास से राष्ट्रीय लोक अदालत में दोनों साथ रहने पर सहमत हुए व न्यायालय में ही बेटे के जन्मदिन की खुशी में केक काटकर खुशी मनाई गई।
विज्ञापन
बता दें कि अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिखा, पारिवारिक न्यायालय प्रधान न्यायाधीश नताशा शर्मा, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी राजीव व न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी जोगेंद्र जांगड़ा की कोर्ट में लोक अदालत आयोजित हुई। लोक अदालत में 22,797 मामलों का निपटारा किया गया। लोक अदालत में आपराधिक जटिल मामलों, एनआई एक्ट 138, एमएसीटी जिसमें एआईआर तथा ट्रांसपोर्ट केस, वैवाहिक, श्रम, भूमि अधिग्रहण, किराया, बैंक रिकवरी, राजस्व, मनरेगा, बिजली व पानी बिल, वन अधिनियम, आपदा मुआवजा आदि अन्य मामलों का निपटारा आपसी सहमति के आधार पर किया गया।
विज्ञापन
लोक अदालत में रखे गए 29,113 मामले
राष्ट्रीय लोक अदालत में 29,113 मामलों में से 22,797 मामलों का निपटारा किया गया और 2 करोड़ 45 लाख 7467 रुपये का जुर्माना अवार्ड के रूप में पास की गई। जिसमें प्री लिटिगेशन के 20,216 में से 17,142 मामलों का निपटान करते हुए 43 लाख 74 हजार 635 रुपये की राशि का अवॉर्ड पास किया गया तथा कोर्ट में लंबित 8,897 मामलों में से 5,655 मामलों का निपटारा करते हुए 2 करोड़ 1 लाख 32 हजार 832 रुपये की राशि अवार्ड व जुर्माना के रूप में पास की गई। प्रीलिफिकेशन के 20216 मामलों में से 670 मामलों में बैंक रिकवरी संबंधित मामलों की सुनवाई करते हुए 670 में से 12 मामलों का निपटान व 27 लाख 87 हजार 500 रुपये का जुर्माना अवार्ड पास किया गया। इसी प्रकार राजस्व सहित अन्य मामलों जिसमें वैवाहिक के 11 हजार 956 मामलों में से 10 हजार 40 मामले सहित श्रम, बिजली संबंधी मामलों की सुनवाई की गई। कोर्ट में लंबित 8897 मामलों में से 5655 मामलों में आपराधिक के 373 में से 148 व 2 लाख 41 हजार 678 रुपये का जुर्माना हुआ है। एनआई एक्ट के 1294 मामलों में से 148 तथा 6 लाख 46 हजार रुपये का अवार्ड, एमएसीटी के 306 मामलों में से 30 व एक करोड़ 26 लाख 5 हजार रुपये का अवार्ड व बैंक रिकवरी के 142 में से 17, वैवाहिक मामलों के 299 में से 111 व समरी चालान के 591 में से 320 और 58 हजार 100 रुपये का जुर्माना व अवार्ड पास किया गया।