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हुडा और किसान अडिग
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद
Updated Mon, 06 Oct 2014 12:30 AM IST
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हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) द्वारा शहर में सेक्टर विकसित करने के लिए 755 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई है।
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इसके एवज में हुडा प्रशासन को किसानों को करीब साढ़े आठ सौ करोड़ रुपये का भुगतान करना है। भुगतान की मांग को लेकर किसान करीब डेढ़ महीने से लघु सचिवालय के बाहर धरनारत हैं, लेकिन हुडा प्रशासन किसानों की भूमि का मुआवजा नहीं दे रहा है। जबकि करीब दस माह पहले अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने हुडा प्रशासन को मुआवजे की राशि किसानों को शीघ्र भुगतान करने का फैसला सुनाया था।
हुडा ने 2008 में लघु सचिवालय के सामने और मताना ग्राम पंचायत की 755 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था ताकि यहां पर सेक्टर 9, 10, 11 और 11ए काटकर कॉलोनी विकसित की जा सके। हुडा ने इसके लिए फतेहाबाद के किसानों को 12 लाख रुपये प्रति एकड़ और मताना के किसानों को 9 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिया था। ग्राम पंचायत बस्ती भीमां के 90, ग्राम पंचायत मताना के 60 और फतेहाबाद शहर के 70 किसानों की जमीन का अधिग्रहण हुआ था।
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24 दिसंबर 2013 को अदालत ने सुनाया था फैसला
किसानों ने भूमि का मुआवजा कम मिलने और मुआवजा बढ़ाने की मांग को लेकर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्वनी कुमार की अदालत में याचिका दायर की थी। इस पर अदालत ने 24 दिसंबर 2013 को फैसला सुनाया कि सभी किसानों को एक समान मुआवजा राशि मिले। अदालत ने 965 रुपये प्रति गज की दर निर्धारित की थी, जिसके हिसाब से 47 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा बनता है। साथ में 15 फीसदी ब्याज और 30 फीसदी बोनस देने का प्रावधान रखा था। उस हिसाब से किसानों को करीब-करीब एक करोड़ रुपये प्रति एकड़ मुआवजा राशि मिलनी तय है। लेकिन हुडा ने किसानों को मुआवजा राशि देने में आनाकानी की। 10 महीने बीत जाने पर भी किसानों को संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस पर सभी 220 किसान और उनके परिवार पिछले डेढ़ माह से लघु सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे हैं। किसान संघर्ष समिति के प्रधान महेश नागपाल का कहना है कि हुडा कोर्ट के आदेशों को भी नहीं मान रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक उन्हें पूरा मुआवजा नहीं मिल जाता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।
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13,640 रुपये की दर से प्लाट के आवेदन आमंत्रित किए
पिछले दिनों हुडा ने सेक्टर 9, 10, 11 व 11ए के लिए 13,640 रुपये की दर से प्लाट खरीदने के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। जमीन मालिकों का मानना है कि हुडा स्वयं 13,640 के दर से प्रति गज प्लॉट बेच रहा है, जबकि उन्हें 965 रुपये प्रति गज के हिसाब से भी राशि नहीं दी जा रही है।
प्लॉट भी नहीं मिला
जिन किसानों की जमीन अधिग्रहीत होती है, उनको हुडा न्यूनतम दर पर प्लॉट आवंटित करता है। यहां 220 किसानों को न्यूनतम दर 13,340 रुपये प्रति गज 10 प्लाट निकाल रखे हैं। उनमें भी इन जमीन मालिकों को प्लॉट नहीं दिए जा रहे हैं। हुडा के अधिकारियों का कहना है कि जिन जमीन मालिकों की शत प्रतिशत जमीन अधिग्रहण हुई है। उन्हें ही प्लॉट दिए जाऐंगे।