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कैसे उठे डोर टू डोर कचरा, टेंडर खोल रेट की नहीं दी अनुमति, छह माह बाद अब होगा रद्द
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नगर परिषद में खड़ी कचरा उठाने वाली गाड़ियां।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। शहर वासियों को कचरे से निजात मिलती नजर नहीं आ रही। इसके पीछे एक बड़ा कारण उच्च अधिकारियों की लचर कार्यप्रणाली भी है। इसका ताजा उदाहरण है डोर टू डोर कचरा एकत्र करने का टेंडर। टेंडर करीब छह माह पहले खोला गया और रेट की अनुमति के लिए प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया। अभी तक भी रेट की अनुमति नहीं मिली है। साथ ही छह माह के दौरान डीजल के दाम बढ़ने के कारण खर्च भी 15 से 20 फीसदी तक बढ़ गया है। अब टेंडर रद्द करने की तैयारी हो गई है। टेंडर लेने वाला एजेंसी संचालक ने पत्र लिखकर बढ़े हुए रेट की मांग की है। शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय ने जिला नगर आयुक्त को एजेंसी के पत्र का हवाला देकर कहा कि वह टेंडर रद्द करने का फैसला अपने स्तर पर ले सकते हैं। हालांकि अभी तक जिला नगर आयुक्त कार्यालय ने टेंडर रद्द नहीं किया है।
690 रुपये प्रति टन के हिसाब से एजेंसी ने लिया था टेंडर
नगर परिषद ने शहर में घर-घर से कचरा एकत्र करने और उसे मुख्य कचरा संग्रह स्थल पर पहुंचा उसमें से गीला-सूखा अलग-अलग करने को लेकर टेंडर जारी किया था। ये टेंडर करीब 6 माह पहले जारी हुआ था। सिरसा की एजेंसी दि सिरसा भोले शंकर को-ऑप्रेटिव सोसायटी को ये टेंडर जारी हुआ था। एजेंसी ने 690 रुपये प्रति टन के हिसाब से रेट दिया था। नगर परिषद कार्यालय ने जिला नगर आयुक्त कार्यालय के मार्फत निदेशालय में फाइल रेट अनुमति के लिए भेजी थी। 6 माह तक फाइल अटकी रही और एजेंसी को वर्क ऑर्डर जारी नहीं हुआ। 9 सितंबर को एजेंसी ने ईओ को पत्र लिखा और कहा कि 6 माह हो चुके हैं, लेकिन वर्क ऑर्डर जारी नहीं हुआ।
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रोजाना शहर से निकलता है 40 टन कचरा
शहर से रोजाना 40 टन कचरा निकलता है। डोर टू डोर कचरा एकत्र करने और उसे कचरा संग्रह स्थल तक पहुंचाने के लिए नप के पास 13 गाड़ियां है। ये ही नहीं नाममात्र सफाई कर्मचारी हैं। इसके अलावा कचरा संग्रह स्थल भर चुका है। एजेंसी आने के बाद शहर में घर-घर से कचरा एकत्र करने और उसे संग्रह स्थल तक पहुंचाने और उसे नष्ट करने की जिम्मेदारी थी। एजेंसी न आने से सफाई व्यवस्था सुधरने की जो उम्मीद जगी थी वह अब खत्म हो गई है।
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डोर टू डोर टेंडर रेट मंजूरी के लिए निदेशालय में भेजा गया था। निर्देश आए हैं कि अपने स्तर पर रद्द किया जाए। टेंडर को नए सिरे से लगाया जाएगा।
- ऋषिकेश वर्मा, ईओ नगर परिषद
डोर टू डोर कचरा इक्ट्ठा करने का नगर परिषद द्वारा टेंडर लगाया गया था। एजेंसी ने आवेदन किया था। रेट सबसे कम रहा था। 6 माह हो चुके है लेकिन वर्क ऑर्डर नहीं हुआ। इस दौरान डीजल और अन्य सामान के रेट 15 से 20 फीसदी तक बढ़ चुके है। टेंडर के वर्क ऑर्डर को लेकर हम चंडीगढ़ तक जा चुके है।
- विजय कुमार, एजेंसी संचालक
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690 रुपये प्रति टन के हिसाब से एजेंसी ने लिया था टेंडर
नगर परिषद ने शहर में घर-घर से कचरा एकत्र करने और उसे मुख्य कचरा संग्रह स्थल पर पहुंचा उसमें से गीला-सूखा अलग-अलग करने को लेकर टेंडर जारी किया था। ये टेंडर करीब 6 माह पहले जारी हुआ था। सिरसा की एजेंसी दि सिरसा भोले शंकर को-ऑप्रेटिव सोसायटी को ये टेंडर जारी हुआ था। एजेंसी ने 690 रुपये प्रति टन के हिसाब से रेट दिया था। नगर परिषद कार्यालय ने जिला नगर आयुक्त कार्यालय के मार्फत निदेशालय में फाइल रेट अनुमति के लिए भेजी थी। 6 माह तक फाइल अटकी रही और एजेंसी को वर्क ऑर्डर जारी नहीं हुआ। 9 सितंबर को एजेंसी ने ईओ को पत्र लिखा और कहा कि 6 माह हो चुके हैं, लेकिन वर्क ऑर्डर जारी नहीं हुआ।
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रोजाना शहर से निकलता है 40 टन कचरा
शहर से रोजाना 40 टन कचरा निकलता है। डोर टू डोर कचरा एकत्र करने और उसे कचरा संग्रह स्थल तक पहुंचाने के लिए नप के पास 13 गाड़ियां है। ये ही नहीं नाममात्र सफाई कर्मचारी हैं। इसके अलावा कचरा संग्रह स्थल भर चुका है। एजेंसी आने के बाद शहर में घर-घर से कचरा एकत्र करने और उसे संग्रह स्थल तक पहुंचाने और उसे नष्ट करने की जिम्मेदारी थी। एजेंसी न आने से सफाई व्यवस्था सुधरने की जो उम्मीद जगी थी वह अब खत्म हो गई है।
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डोर टू डोर टेंडर रेट मंजूरी के लिए निदेशालय में भेजा गया था। निर्देश आए हैं कि अपने स्तर पर रद्द किया जाए। टेंडर को नए सिरे से लगाया जाएगा।
- ऋषिकेश वर्मा, ईओ नगर परिषद
डोर टू डोर कचरा इक्ट्ठा करने का नगर परिषद द्वारा टेंडर लगाया गया था। एजेंसी ने आवेदन किया था। रेट सबसे कम रहा था। 6 माह हो चुके है लेकिन वर्क ऑर्डर नहीं हुआ। इस दौरान डीजल और अन्य सामान के रेट 15 से 20 फीसदी तक बढ़ चुके है। टेंडर के वर्क ऑर्डर को लेकर हम चंडीगढ़ तक जा चुके है।
- विजय कुमार, एजेंसी संचालक