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एसएमओ ः सीएमओ को जांच रिपोर्ट सौंपी, सीएमअाे ः नहीं मिली
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद
Updated Fri, 18 Mar 2016 12:44 AM IST
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रिपोर्ट
- फोटो : getty images
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फतेहाबाद में सड़क किनारे सिविल अस्पताल की दवाइयां फेंकने के मामले की जांच रिपोर्ट को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी डिस्क्लोज करने से बच रहे हैं। वीरवार सुबह एसएमओ ने जांच रिपोर्ट तैयार करके सीएमओ को सौंप दी। वहीं, सीएमओ डॉ. अशोक चौधरी ने अभी रिपोर्ट आने से इंकार किया है। एसएमओ कार्यालय से सिविल सर्जन कार्यालय की 100 फुट दूरी के बीच आखिर रिपोर्ट कहां गायब हो गई यह सवाल उठ रहा है।
पिछले वीरवार को सिरसा रोड पर दवाइयों का जखीरा मिला था। सिविल सर्जन की जांच कमेटी ने दवाइयों की जांच की तो वह सिविल अस्पताल फतेहाबाद की मिली। सिविल सर्जन ने इसकी जांच एसएमओ को सौंप दी थी। जांच में 89 प्रकार की दवाइयां पाई गईं। शनिवार से जांच कमेटी मामले की जांच करने में जुटी हुई थी।
वीरवार को एसएमओ डॉ. ओपी दहमीवाल ने बयान देकर कहा कि उन्होंने जांच रिपोर्ट सिविल सर्जन को सौंप दी है। लेकिन सिविल सर्जन ने रिपोर्ट आने से इंकार किया है। हालांकि, कहा गया है कि रिपोर्ट आने के बाद तथा तह तक जाकर फिर रिपोर्ट को डिस्क्लोज करेंगे।
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अपनों को बचाने की कोशिश
दवाइयों के मामले में जांच कमेटी ने सात फार्मासिस्टों व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के बयान दर्ज किए हैं। सूत्रों के अनुसार, दवाइयों में गड़बड़झाले व लापरवाही का काम लंबे समय से चलता आ रहा है। स्टाफ चेंज होने के बावजूद पुराने पैटर्न पर काम होता रहा। जांच रिपोर्ट में हो रही देरी के पीछे अपनों को बचाने की कोशिश की जा रही है।
मैंने जांच रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी है। इस रिपोर्ट के बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता। सीएमओ ने डिस्कलोज कर सकते हैं।
डॉ.ओपी दहमीवाल, एसएमओ फतेहाबाद
अभी तक मेरे पास जांच रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद मैं खुद रिपोर्ट को पढूंगा। कोई कमी पेशी होगी तो उसे दूर किया जाएगा। उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
डॉ. अशोक चौधरी, सिविल सर्जन फतेहाबाद
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पिछले वीरवार को सिरसा रोड पर दवाइयों का जखीरा मिला था। सिविल सर्जन की जांच कमेटी ने दवाइयों की जांच की तो वह सिविल अस्पताल फतेहाबाद की मिली। सिविल सर्जन ने इसकी जांच एसएमओ को सौंप दी थी। जांच में 89 प्रकार की दवाइयां पाई गईं। शनिवार से जांच कमेटी मामले की जांच करने में जुटी हुई थी।
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वीरवार को एसएमओ डॉ. ओपी दहमीवाल ने बयान देकर कहा कि उन्होंने जांच रिपोर्ट सिविल सर्जन को सौंप दी है। लेकिन सिविल सर्जन ने रिपोर्ट आने से इंकार किया है। हालांकि, कहा गया है कि रिपोर्ट आने के बाद तथा तह तक जाकर फिर रिपोर्ट को डिस्क्लोज करेंगे।
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अपनों को बचाने की कोशिश
दवाइयों के मामले में जांच कमेटी ने सात फार्मासिस्टों व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के बयान दर्ज किए हैं। सूत्रों के अनुसार, दवाइयों में गड़बड़झाले व लापरवाही का काम लंबे समय से चलता आ रहा है। स्टाफ चेंज होने के बावजूद पुराने पैटर्न पर काम होता रहा। जांच रिपोर्ट में हो रही देरी के पीछे अपनों को बचाने की कोशिश की जा रही है।
मैंने जांच रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी है। इस रिपोर्ट के बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता। सीएमओ ने डिस्कलोज कर सकते हैं।
डॉ.ओपी दहमीवाल, एसएमओ फतेहाबाद
अभी तक मेरे पास जांच रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद मैं खुद रिपोर्ट को पढूंगा। कोई कमी पेशी होगी तो उसे दूर किया जाएगा। उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
डॉ. अशोक चौधरी, सिविल सर्जन फतेहाबाद