फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   hepititis c, patient, test coupne short, doctor transfer, hospital, fatehabad

टेस्ट कूपन नहीं आने से तीन माह से रुका हेपेटाइटिस सी का इलाज, अब फीजिशियन का तबादला

Sat, 25 Jan 2020 11:48 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jan 2020 11:48 PM IST
विज्ञापन
hepititis c, patient, test coupne short, doctor transfer, hospital, fatehabad
नागरिक अस्पताल में इमरजेंसी के बाहर लगी मरीजों की भीड़ - फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। हेपेटाइटिस सी के मरीजों को स्वास्थ्य विभाग ने दोहरा झटका दिया है। एक तरफ तो पिछले तीन महीने से टेस्ट कूपन खत्म होने से इलाज रुका हुआ है वहीं नागरिक अस्पताल के फीजिशियन और हेपेटाइटिस सी के नोडल अधिकारी डॉ. अजय चुघ का हिसार तबादला हो गया है। टेस्ट कूपन न होने के कारण करीब 150 मरीजों का उपचार रुका हुआ था और 200 मरीजों का उपचार चल रहा था। फीजिशियन के तबादले के बाद फिलहाल मरीजों का उपचार पूरी तरह से प्रभावित होगा, जब तक दूसरे फीजिशियन की नियुक्ति यहां पर नहीं होती है। हालांकि एक फीजिशियन पहले है लेकिन उसके पास टीबी का चार्ज है। वहीं अधिकारियों की माने तो अभी टेस्ट कूपन आने में समय लग सकता है, हालांकि एजेंसी को टेंडर हो चुका है।
विज्ञापन

इसलिए जरूरी है फीजिशियन और टेस्ट कूपन
जिला में हेपेटाइटिस सी के करीब पांच हजार लोग प्रभावित हैं। स्वास्थ्य विभाग के पास 4200 मरीज रजिस्टर्ड भी हैं, इसमें से 3500 मरीजों का उपचार हो चुका है। काला पीलिया के प्रभाव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने करीब तीन साल पहले फीजिशियन की नियुक्ति यहां पर की थी। फरवरी 2017 में विभाग ने प्रोजेक्ट शुरू करके जिला अस्पताल में काला पीलिया का उपचार शुरू किया था। पहले मरीजों को रोहतक पीजीआई भेजा जाता था। विभाग मरीज को कूपन उपलब्ध करवाता है जिससे मरीज के टेस्ट निशुल्क होते हैं और दवाईयां मिलती है। लेकिन पिछली एजेंसी का टेंडर खत्म होने के कारण टेस्ट कूपन खत्म थे और मरीज का उपचार शुरू नहीं हो पा रहा है। अब स्पेशलिस्ट डॉ. अजय चुघ का भी तबादला हो गया है।
विज्ञापन

इसलिए जरूरी है टेस्ट
स्वास्थ्य विभाग उपचार शुरू करने से पहले वायरस लोड व जिनोटाइप टेस्ट करवाता है। जांच रिपोर्ट में पुष्टि के बाद मरीज का उपचार शुरू किया जाता। मरीज का तीन माह तक उपचार चलता है, अगर लीवर खराब है तो मरीज को छह माह तक दवाई खानी पड़ती है। मुख्यालय ने टेस्ट के लिए कंपनी के साथ अनुबंध कर रखा है, ये कंपनी मरीज का टेस्ट निशुल्क करती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वर्जन
काला पीलिया के टेस्ट कूपन को लेकर एजेंसी को टेंडर जारी हो गया है। जल्द ही कूपन अस्पताल में पहुंच जाएंगे। जहां तक फीजिशियन की बात है, इसकी भी व्यवस्था की जाएगी।
- डॉ. सूरजभान कंबोज, स्वास्थ्य महानिदेशक, पंचकूला
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed