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Fatehabad News: धुंध में काल बनकर घूम रहे बेसहारा पशु
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फतेहाबाद। धुंध का मौसम गहरा चुका है और रात में सड़कों पर बेसहारा पशु काल बनकर घूम रहे हैं। इन दिनों रात को कोहरा घना हो जाता है, इस दौरान पशु वाहन चालकों को दिखाई नहीं देते और हादसे हो जाते हैं। ऐसे में न तो प्रशासन ने पशुओं के सींगों पर रेडियम टेप लगाया है और न ही नगर परिषद ने इन्हें पकड़ने की कोई योजना बनाई है।
फतेहाबाद में पिछले करीब एक सप्ताह से धुंध का रात व दिन के समय में भारी प्रकोप बना हुआ है। बेसहारा पशुओं के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। बड़ी बात है कि यह पशु खुले में किसी मैदान आदि में न बैठकर रात व सुबह शहर की सड़कों व गलियों में ही घूमते रहते हैं। धुंध के समय में अक्सर प्रशासन की ओर से लावारिस पशुओं पर रेडियम टेप लगाई जाती है, ताकि नजदीक आने पर लाइट पड़ने से वाहन चालकों को इसका पता चल जाए। लेकिन फिलहाल शहर की मुख्य सड़कों पर घूम रहे बेसहारा पशुओं पर कहीं भी रेडियम टेप दिखाई नहीं दे रही है। हालांकि नगर परिषद ने बेसहारा पशुओं के पकड़ने का टेंडर भी लगाया था, लेकिन इस पर भी अभी तक टेंडर जारी नहीं हो पाया है।
शहर के पुरानी तहसील चौक निवासी विनोद गर्ग नानू का कहना है कि उनका बेकरी का काम है। सुबह 4 बजे बैकरी पर आना पड़ता है, सुबह इतनी धुंध होती है कि कुछ दिखाई नहीं देता। जवाहर चौक में पीपल के पेड़ के नीचे बेसहारा पशु बैठे रहते हैं, बड़ी मुश्किल से इधर-उधर होकर निकलना पड़ता है। टैक्सी चालक धर्मपाल ने बताया कि कई बार अलसुबह 4 या 5 बजे उनको सवारियां लेकर जाना पड़ता है। शहर से होकर गुजरते हैं तो धुंध के समय कुछ दिखाई नहीं दे रहा होता, ऐसे में बेसहारा पशु भी आगे आ जाते हैं। अगर इनको रेडियम टेप लगा दी जाए, तो पहले से पता चल सकता है और हादसे बच सकते हैं।
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दो दोस्तों की जा चुकी है जान
बेसहारा पशुओं के कारण हादसों में जान जाने व लोगों के घायल होने के अनेक मामले आते रहते हैं, लेकिन सर्दी के मौसम में करीब 4 साल पहले जन्मदिन मनाकर लौट रहे दो युवाओं की बेसहारा पशु से टकराने के कारण मौत हो गई थी। कुछ मामले तो ऐसे होते हैं, जिसमें वाहन चालक टकराने के बाद आगे चले जाते हैं।
कोट
शहर में घूम रहे बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए टेंडर जारी किया गया है। बेसहारा पशुओं के सींगों पर रेडियम टेप लगाने का काम भी करवाएंगे।
महेश कुमार, सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर परिषद फतेहाबाद
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फतेहाबाद में पिछले करीब एक सप्ताह से धुंध का रात व दिन के समय में भारी प्रकोप बना हुआ है। बेसहारा पशुओं के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। बड़ी बात है कि यह पशु खुले में किसी मैदान आदि में न बैठकर रात व सुबह शहर की सड़कों व गलियों में ही घूमते रहते हैं। धुंध के समय में अक्सर प्रशासन की ओर से लावारिस पशुओं पर रेडियम टेप लगाई जाती है, ताकि नजदीक आने पर लाइट पड़ने से वाहन चालकों को इसका पता चल जाए। लेकिन फिलहाल शहर की मुख्य सड़कों पर घूम रहे बेसहारा पशुओं पर कहीं भी रेडियम टेप दिखाई नहीं दे रही है। हालांकि नगर परिषद ने बेसहारा पशुओं के पकड़ने का टेंडर भी लगाया था, लेकिन इस पर भी अभी तक टेंडर जारी नहीं हो पाया है।
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शहर के पुरानी तहसील चौक निवासी विनोद गर्ग नानू का कहना है कि उनका बेकरी का काम है। सुबह 4 बजे बैकरी पर आना पड़ता है, सुबह इतनी धुंध होती है कि कुछ दिखाई नहीं देता। जवाहर चौक में पीपल के पेड़ के नीचे बेसहारा पशु बैठे रहते हैं, बड़ी मुश्किल से इधर-उधर होकर निकलना पड़ता है। टैक्सी चालक धर्मपाल ने बताया कि कई बार अलसुबह 4 या 5 बजे उनको सवारियां लेकर जाना पड़ता है। शहर से होकर गुजरते हैं तो धुंध के समय कुछ दिखाई नहीं दे रहा होता, ऐसे में बेसहारा पशु भी आगे आ जाते हैं। अगर इनको रेडियम टेप लगा दी जाए, तो पहले से पता चल सकता है और हादसे बच सकते हैं।
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दो दोस्तों की जा चुकी है जान
बेसहारा पशुओं के कारण हादसों में जान जाने व लोगों के घायल होने के अनेक मामले आते रहते हैं, लेकिन सर्दी के मौसम में करीब 4 साल पहले जन्मदिन मनाकर लौट रहे दो युवाओं की बेसहारा पशु से टकराने के कारण मौत हो गई थी। कुछ मामले तो ऐसे होते हैं, जिसमें वाहन चालक टकराने के बाद आगे चले जाते हैं।
कोट
शहर में घूम रहे बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए टेंडर जारी किया गया है। बेसहारा पशुओं के सींगों पर रेडियम टेप लगाने का काम भी करवाएंगे।
महेश कुमार, सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर परिषद फतेहाबाद