फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   haryana assembly elections 2019, dera sacha sauda, fatehabad constituency

हरियाणा विस चुनाव: प्रचार का आधा समय बीता, अब तक सामने नहीं आया सिरसा डेरे का इफेक्ट

Sat, 12 Oct 2019 10:05 AM IST
रोहतक ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहाबाद Published by: रोहतक ब्यूरो Updated Sat, 12 Oct 2019 10:05 AM IST
विज्ञापन
haryana assembly elections 2019, dera sacha sauda, fatehabad constituency
सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय का मुख्यद्वार
फतेहाबाद में 21 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव होना है और चुनाव प्रचार का आधा समय बीत चुका है। पहली बार ऐसा हो रहा है कि विधानसभा चुनाव में डेरा सच्चा सौदा का कोई रोल नजर नहीं आ रहा है।
विज्ञापन


वर्ना अभी तक तो ऐसा होता आया है कि हरियाणा में विधानसभा चुनावों की दस्तक होते ही राजनीतिक दलों के आकाओं का सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा की हाजिरी भरना शुरू हो जाता था। ये सिलसिला हाल में ही संपन्न हुए लोकसभा चुनावों में भी देखने में आया था। हालांकि लोकसभा चुनावों में भी इसमें काफी कमी देखी गई थी।
विज्ञापन


पिछले विस चुनाव में बीजेपी को डेरे ने दिया था ओपन समर्थन
2014 लोकसभा चुनावों के बाद केंद्र में नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्र सरकार का गठन हुआ। इसके तुरंत बाद हरियाणा में विधानसभा चुनाव हुए। इन चुनावों में डेरा सच्चा सौदा ने मतदान से दो दिन पहले भाजपा को समर्थन का औपचारिक एलान किया। खुद डेरा प्रमुख पहली बार मतदान करने पोलिंग बूथ पर पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन


आंकड़े भले ये कहें कि सिरसा संसदीय क्षेत्र की 9 विधानसभा सीटों में से 8 पर बीजेपी को हार मिली। लेकिन यही आंकड़े एक और कहानी भी बयां करते हैं। बीजेपी को टोहाना से जीत मिली। इसके अलावा बाकी 8 में से तीन सीटों पर बीजेपी प्रत्याशी दूसरे नंबर पर रहे। नरवाना, रतिया और ऐलनाबाद में बीजेपी दूसरे नंबर पर रही।

बाकी चार सीटों पर बीजेपी भले तीसरे स्थान पर रही, लेकिन उसके वोटों में भारी इजाफा हुआ। फतेहाबाद विधानसभा सीट पर पिछले 10 सालों में बीजेपी को कभी 5 हजार वोट भी नहीं आए थे, लेकिन यहां वो 27 हजार वोटों तक पहुंची। रतिया में महज 4 सौ वोटों से सीट हारी।

नरवाना में हमेशा कांग्रेस और इनेलो में मुकाबला होता आया था, लेकिन 2014 में कांग्रेस दस हजार वोट भी नहीं ले सकी और बीजेपी 63 हजार वोट लेकर दूसरे स्थान पर रही। ऐलनाबाद में अभय चौटाला को बीजेपी से पार पाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

 

डेरा प्रमुख को सजा के बाद बदल गई डेरा सच्चा सौदा की परिस्थितियां

फिलहाल डेरा सच्चा सौदा खुद कई परेशानियों से घिरा हुआ है। डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम दुष्कर्म व हत्या के मामलों में दोषी करार दिए जा चुके हैं और पिछले लंबे समय से जेल में बंद हैं। डेरा के बैंक अकाऊंट्स सील हैं। डेरा सच्चा सौदा राजनैतिक रूप से भी काफी कमजोर माना जा रहा है।

सिरसा लोकसभा क्षेत्र की 9 सीटों पर खासा प्रभाव, बाकी जिलों में भी है असर
जहां तक डेरा सच्चा सौदा के प्रभाव की बात है, सिरसा लोकसभा क्षेत्र की सभी नौ सीटों पर डेरा समर्थकों के अच्छे खासे वोट हैं। फतेहाबाद, टोहाना को डेरा समर्थकों का गढ़ भी माना जाता रहा है। इसके अलावा जीटी बेल्ट में पानीपत, अंबाला, सोनीपत, करनाल आदि में भी डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी काफी संख्या में हैं। खुद डेरा प्रबंधन पूरे देश-विदेश में डेरा के पांच करोड़ अनुयायी होने का दावा करता आया है और हरियाणा में भी उनका दावा रहा है कि सत्तर लाख के करीब लोग डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी हैं।

हलकों में 2009 के मुकाबले 2014 में बीजेपी को बढ़ा मत प्रतिशत
विस क्षेत्र मिले वोट वोट प्रतिशत वोट प्रतिशत (2009)
सिरसा 38742 26.88 1.47
ऐलनाबाद 57623 38.91 2.91
रानियां 19790 13.80 1.10
डबवाली 22261 14.27 0.77
कालांवाली 17005 12.67 (यहां अकाली उम्मीदवार जीता था, जो अब बीजेपी के साथ है)
रतिया 50452 32.:4 3.42
फतेहाबाद 27305 14.75 3.87
टोहाना 49462 28.58 8.43
नरवाना 63014 41.30 2.49

वैसे तो हरियाणा विधानसभा चुनावों के मामले को जोगिंद्र सिंह देखेंगे, लेकिन मेरी जानकारी में अभी तक इस संदर्भ में कोई बैठक नहीं हुई है। चुनाव में अभी वक्त है।
- राम सिंह, इंचार्ज, राजनैतिक विंग, डेरा सच्चा सौदा ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed