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हांसपुर पैक्स : मैनेजर और विक्रेता ने 2.18 करोड़ की खाद बेची, केस दर्ज
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फतेहाबाद। हांसपुर पैक्स में खाद घोटाला सामने आया है। आरोप है कि मैनेजर और विक्रेता ने मिलकर खाद बेच दी और उसकी करीब 2 करोड़ 18 लाख रुपये की राशि जमा नहीं करवाई। ऑडिट हुई तो खाद का स्टॉक कम मिला। सदर पुलिस ने फतेहाबाद के कॉपरेटिव सोसायटी के सहायक रजिस्ट्रार की शिकायत पर दि हांसपुर पैक्स के मैनेजर देवीलाल और खुनन के विक्रेता मुलखराज के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
मामले के मुताबिक पुलिस को दी शिकायत में बताया गया है कि दि हांसपुर पैक्स में हुए गबन मामले को लेकर सीएम विंडो लगाई गई थी। जांच के लिए संयुक्त जांच कमेटी गठित की गई। सीएम विंडो में शिकायत अयाल्की पैक्स, हांसपुर पैक्स और नागपुर पैक्स से संबंधित थी। जांच में दि हांसपुर पैक्स में गबन सामने आया। रिपोर्ट में बताया गया कि खाद बिक्री केंद्र बीराबदी के विक्रेता मुलखराज द्वारा 31 मार्च 2020 में ऑडिट के समय बकाया स्टॉक निकालने के बाद भौतिक जांच की गई। उस स्टॉक की भौतिक जांच की गई तो खाद का स्टॉक कम मिला। डीएपी 1774 और यूरिया 1918 बैग बताई गई थी, 18 नवंबर 2020 को भौतिक जांच करने पर डीएपी और यूरिया का स्टॉक नहीं मिला। स्टॉक करीब 25 लाख 51 हजार रुपये का था।
हांसपुर बिक्री केंद्र पर 1 करोड़ 93 लाख का गबन :
हांसपुर बिक्री केंद्र पर जांच के दौरान डीएपी के 9281 बैग, यूरिया के 22 हजार 374 बैग, एनपीके के 508, एमओपी के 306, सुपर के 1619, कैटल फीड के 1113, बीटी कॉटन के 129, ज्वार सीड के 129, भूमि मित्रा के 163, एनपीके 1744 के 142, सल्फर के 113 बैग और पेस्टीसाइड बोतल 93 कम मिली। जांच रिपोर्ट के मुताबिक 1 करोड़ 93 लाख 35 हजार 472 रुपये का स्टॉक कम मिला।
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सितंबर में दी गई थी शिकायत :
जांच रिपोर्ट में गबन सामने आने के बाद फतेहाबाद के कॉपरेटिव सोसायटी की सहायक रजिस्ट्रार मानता देवी ने सितंबर माह में पुलिस को शिकायत दी थी। इस शिकायत के बाद अब पुलिस ने मामला दर्ज किया है। अब इस मामले की जांच पुलिस विभाग करेगा।
हांसपुर पैक्स के प्रबंधक द्वारा गबन का मामला था, इसकी जांच कॉपरेटिव सोसायटी द्वारा की गई थी। उनकी रिपोर्ट पर दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। गबन का आरोप है। फिलहाल मामले की जांच जारी है। - जगजीत सिंह, सदर थाना प्रभारी
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मामले के मुताबिक पुलिस को दी शिकायत में बताया गया है कि दि हांसपुर पैक्स में हुए गबन मामले को लेकर सीएम विंडो लगाई गई थी। जांच के लिए संयुक्त जांच कमेटी गठित की गई। सीएम विंडो में शिकायत अयाल्की पैक्स, हांसपुर पैक्स और नागपुर पैक्स से संबंधित थी। जांच में दि हांसपुर पैक्स में गबन सामने आया। रिपोर्ट में बताया गया कि खाद बिक्री केंद्र बीराबदी के विक्रेता मुलखराज द्वारा 31 मार्च 2020 में ऑडिट के समय बकाया स्टॉक निकालने के बाद भौतिक जांच की गई। उस स्टॉक की भौतिक जांच की गई तो खाद का स्टॉक कम मिला। डीएपी 1774 और यूरिया 1918 बैग बताई गई थी, 18 नवंबर 2020 को भौतिक जांच करने पर डीएपी और यूरिया का स्टॉक नहीं मिला। स्टॉक करीब 25 लाख 51 हजार रुपये का था।
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हांसपुर बिक्री केंद्र पर 1 करोड़ 93 लाख का गबन :
हांसपुर बिक्री केंद्र पर जांच के दौरान डीएपी के 9281 बैग, यूरिया के 22 हजार 374 बैग, एनपीके के 508, एमओपी के 306, सुपर के 1619, कैटल फीड के 1113, बीटी कॉटन के 129, ज्वार सीड के 129, भूमि मित्रा के 163, एनपीके 1744 के 142, सल्फर के 113 बैग और पेस्टीसाइड बोतल 93 कम मिली। जांच रिपोर्ट के मुताबिक 1 करोड़ 93 लाख 35 हजार 472 रुपये का स्टॉक कम मिला।
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सितंबर में दी गई थी शिकायत :
जांच रिपोर्ट में गबन सामने आने के बाद फतेहाबाद के कॉपरेटिव सोसायटी की सहायक रजिस्ट्रार मानता देवी ने सितंबर माह में पुलिस को शिकायत दी थी। इस शिकायत के बाद अब पुलिस ने मामला दर्ज किया है। अब इस मामले की जांच पुलिस विभाग करेगा।
हांसपुर पैक्स के प्रबंधक द्वारा गबन का मामला था, इसकी जांच कॉपरेटिव सोसायटी द्वारा की गई थी। उनकी रिपोर्ट पर दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। गबन का आरोप है। फिलहाल मामले की जांच जारी है। - जगजीत सिंह, सदर थाना प्रभारी