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जाखल में घग्घर का जलस्तर बढ़ते ही किसानों की धड़कनें तेज
fatehabad
Updated Tue, 26 Jul 2016 11:49 PM IST
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ghaghar river
- फोटो : amar ujala
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घग्घर में पिछले दो दिनों से जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। घग्घर के अचानक बढ़े जलस्तर ने किसानों के माथों पर चिंता की लकीरें दौड़ने लगी हैं। वहीं गुहला चीका व खनौरी साइफन पर सोमवार के मुकाबले मंगलवार को घटे जलस्तर को देखते हुए जल्द ही जाखल क्षेत्र में भी जलस्तर कम होने की उम्मीद है। जिससे किसानों को राहत है।
घग्घर नदी में सोमवार दोपहर बाद से जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। सोमवार को जहां चांदपुरा साइफन पर जलस्तर 1.3 फुट यानि 2150 क्यूसिक पर था जो मंगलवार को बढ़कर 2 फुट यानि 3150 क्यूसिक पर पहुंच गया। जबकि रंगोई में अभी पानी नहीं आया है। वहीं गुहला चीका में सोमवार के मुकाबले मंगलवार को जलस्तर में कमी दर्ज की गई है। गुहला चीका घग्घर साइफन पर बीते दिन जलस्तर 9240 क्यूसिक था जो कम होकर 3080 क्यूसिक रह गया है।
वहीं खनौरी साइफन पर भी सोमवार को दर्ज 2600 क्यूसिक से कम होकर जलस्तर मंगलवार को 1350 क्यूसिक दर्ज किया गया। जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में घग्घर का जलस्तर यहां पर भी कम हो जाएगा। जबकि जाखल में घग्घर के तटवर्ती किसानों को घग्घर का जलस्तर देख बाढ़ का भय दिखने लगा। किसान व गांव नड़ैल के पूर्व सरपंच जगमेल सिंह ने कहा कि घग्घर का जलस्तर बढने के साथ ही उनकी धड़कने भी तेज हो जाती है। क्योंकि हर साल धान बिजाई के बाद घग्घर में बढ़ता जलस्तर उनके लिए खतरे की घंटी बनकर आता है। किसानों ने बताया कि हालांकि अभी बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है लेकिन जलस्तर एकाएक बढने से उनकी चिंता बढ़ना भी स्वाभाविक है।
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एक दो दिनों में जलस्तर कम हो जाएगा
नायब तहसीलदार महाबीर सिंह ने कहा कि पीछे से पानी के स्तर में आई है। जिससे अगले एक दो दिनों में यहां पर भी जलस्तर कम हो जाएगा। बाढ़ जैसी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। चांदपुरा हेड पर तैनात तार बाबु शाम लाल ने कहा कि घग्घर के जलस्तर में दो दिनों के अंदर भारी उतार चढ़ाव आया है।
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घग्घर नदी में सोमवार दोपहर बाद से जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। सोमवार को जहां चांदपुरा साइफन पर जलस्तर 1.3 फुट यानि 2150 क्यूसिक पर था जो मंगलवार को बढ़कर 2 फुट यानि 3150 क्यूसिक पर पहुंच गया। जबकि रंगोई में अभी पानी नहीं आया है। वहीं गुहला चीका में सोमवार के मुकाबले मंगलवार को जलस्तर में कमी दर्ज की गई है। गुहला चीका घग्घर साइफन पर बीते दिन जलस्तर 9240 क्यूसिक था जो कम होकर 3080 क्यूसिक रह गया है।
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वहीं खनौरी साइफन पर भी सोमवार को दर्ज 2600 क्यूसिक से कम होकर जलस्तर मंगलवार को 1350 क्यूसिक दर्ज किया गया। जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में घग्घर का जलस्तर यहां पर भी कम हो जाएगा। जबकि जाखल में घग्घर के तटवर्ती किसानों को घग्घर का जलस्तर देख बाढ़ का भय दिखने लगा। किसान व गांव नड़ैल के पूर्व सरपंच जगमेल सिंह ने कहा कि घग्घर का जलस्तर बढने के साथ ही उनकी धड़कने भी तेज हो जाती है। क्योंकि हर साल धान बिजाई के बाद घग्घर में बढ़ता जलस्तर उनके लिए खतरे की घंटी बनकर आता है। किसानों ने बताया कि हालांकि अभी बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है लेकिन जलस्तर एकाएक बढने से उनकी चिंता बढ़ना भी स्वाभाविक है।
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एक दो दिनों में जलस्तर कम हो जाएगा
नायब तहसीलदार महाबीर सिंह ने कहा कि पीछे से पानी के स्तर में आई है। जिससे अगले एक दो दिनों में यहां पर भी जलस्तर कम हो जाएगा। बाढ़ जैसी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। चांदपुरा हेड पर तैनात तार बाबु शाम लाल ने कहा कि घग्घर के जलस्तर में दो दिनों के अंदर भारी उतार चढ़ाव आया है।