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4 करोड़ प्रॉपर्टी टैक्स रिकवरी से नप के खजाने भरे, लेकिन हाथ अभी तक खाली
ब्यूरो अमर उजाला फतेहाबाद
Updated Wed, 24 May 2017 11:31 PM IST
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नगर परिषद कार्यालय के प्रॉपर्टी टैक्स शाखा में काम करते नप कर्मचारी।
- फोटो : amarujala beuro
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प्रॉपर्टी टैक्स रिकवरी से नगर परिषद के खजाने भले ही भर गए हों, लेकिन उसके हाथ अभी तक खाली हैं। नगर परिषद के पास 4 करोड़ रुपये की रिकवरी किस-किस तरह आई। कितने लोगों ने कितनी राशि जमा करवाई है, किस व्यक्ति को कितनी छूट दी गई है, इन सब सवालों का जवाब देने वाला रिकॉर्ड नगर परिषद पास नहीं है। दरअसल जिस सर्वे कंपनी जीआईएस ने नगर परिषद के लिए प्रॉपर्टी टैक्स का सर्वे और बाद में बिल बांटे थे, उस कंपनी ने नगर परिषद की वेबसाइट को न केवल ब्लॉक कर दिया है बल्कि प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़ा हुआ सारा रिकॉर्ड भी अपने कब्जे में लिया है। नप अध्यक्ष दर्शन नागपाल की ओर से कंपनी को जल्द रिकॉर्ड नगर परिषद में जमा करवाने का नोटिस जारी किया गया है।
पेमेंट की दूसरी किस्त रोकने पर कंपनी ने उठाया कदम
दरअसल तीन बार टेंडर स्थगित होने के बाद आखिरकार नोएडा की कंपनी जीआईएस ने फतेहाबाद शहर में प्रॉपर्टी टैक्स का सर्वे करने और बिल बांटने की जिम्मेदारी संभाली थी। कंपनी के सर्वेयर्स ने लगभग तीन माह की मशक्कत के बाद शहर भर का सर्वे किया और बाद में बिल भी बांटा। इसके लिए कंपनी को लगभग 21 लाख रुपये के करीब पेमेंट की जानी थी। इसमें से 5 लाख की पेमेंट कंपनी को पहले दी जा चुकी थी। टेंडर के क्लॉज के मुताबिक दूसरी पेमेंट अभी दी जानी थी लेकिन ऐन मौके पर नगर परिषद प्रशासन ने कंपनी ेेेको दी जाने वाली पेमेंट ये कहकर रोक ली कि कंपनी के सर्वे में सब कुछ सही नहीं रहा है और काफी परेशानियां सामने आई हैं। इसके बाद कंपनी ने पलटवार करते हुए नगर परिषद की वेबसाइट ब्लॉक कर दी और प्रॉपर्टी टैक्स का सारा रिकार्ड अपने कब्जे में ले लिया।
ये आ रही हैं परेशानियां, नप के पास उपभोक्ताओं का कोई नहीं रिकार्ड
अब नगर परिषद प्रशासन के पास इस साल तक का प्रॉपर्टी टैक्स तो जमा हो गया है लेकिन इसके अलावा कोई कंप्यूटराइज या मेनुअल रिकार्ड नगर परिषद के पास नहीं है। इसके अलावा 15 जून तक 15 प्रतिशत छूट का फायदा भी सही ढंग से उपभोक्ताओं को नहीं दिया जा रहा। क्योंकि नगर परिषद प्रशासन के पास ये रिकार्ड तक ही नहीं है कि किसी उपभोक्ता का कितना बिल बकाया है। अभी फिलहाल उपभोक्ता द्वारा लाए जा रहे बिल के आधार पर प्रॉपर्टी टैक्स इकट्ठा किया जा रहा है। लेकिन इससे सिस्टम बिगड़ रहा है।
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25 हजार यूनिट का किया था सर्वे, 15 सौ के करीब आई आपत्तियां
सर्वे करने वाली कंपनी ने फतेहाबाद शहर में सर्वे के दौरान 24090 यूनिट का आकलन नगर परिषद को दिया है। इसमें रिहाइशी मकान, दुकानें और खाली प्लाट भी शामिल हैं। उनको प्रति यूनिट 91 रुपये का टेंडर दिया गया था। लेकिन उनके द्वारा किया गया सर्वे विवादों के घेरे में भी लगातार बना रहा। 25 हजार यूनिट के बदले लगभग 15 सौ के करीब आपत्तियां नगर परिषद में दर्ज करवाई गई। इसके अलावा शहर के मंदिरों, शमशान घाट और अन्य धार्मिक स्थलों के प्रॉपर्टी टैक्स बिल भेजने को लेकर भी प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे विवादों में रहा। इसके चलते नगर परिषद प्रशासन ने उन्हें सारी गलतियों को दूर करके साफ सुथरा रिकार्ड सौंपने को कहा जिसके बाद उनकी पेमेंट रोकी गई है।
कंपनी की ओर से सर्वे सही ढंग से नहीं किया गया था, काफी शिकायतें आई थी। शिकायतों को दूर करवाने के लिए पेमेंट रोकी है, पेमेंट देने से इंकार नहीं किया है। हमने उन्हें नोटिस जारी कर दिया है कि काम खत्म जल्द से जल्द खत्म करें और आपत्तियों को दूर करें।
दर्शन नागपाल, अध्यक्ष, नगर परिषद, फतेहाबाद ।
काम के बदले किए जाने पेमेंट को रोकने के चलते विवाद हुआ है और वेबसाइट को ब्लॉक किया गया है। जैसे ही पेमेंट को लेकर विवाद सुलझ जाएगा, काम शुरू होगा।
अनूप, स्थानीय संचालक, सर्वे कंपनी।
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पेमेंट की दूसरी किस्त रोकने पर कंपनी ने उठाया कदम
दरअसल तीन बार टेंडर स्थगित होने के बाद आखिरकार नोएडा की कंपनी जीआईएस ने फतेहाबाद शहर में प्रॉपर्टी टैक्स का सर्वे करने और बिल बांटने की जिम्मेदारी संभाली थी। कंपनी के सर्वेयर्स ने लगभग तीन माह की मशक्कत के बाद शहर भर का सर्वे किया और बाद में बिल भी बांटा। इसके लिए कंपनी को लगभग 21 लाख रुपये के करीब पेमेंट की जानी थी। इसमें से 5 लाख की पेमेंट कंपनी को पहले दी जा चुकी थी। टेंडर के क्लॉज के मुताबिक दूसरी पेमेंट अभी दी जानी थी लेकिन ऐन मौके पर नगर परिषद प्रशासन ने कंपनी ेेेको दी जाने वाली पेमेंट ये कहकर रोक ली कि कंपनी के सर्वे में सब कुछ सही नहीं रहा है और काफी परेशानियां सामने आई हैं। इसके बाद कंपनी ने पलटवार करते हुए नगर परिषद की वेबसाइट ब्लॉक कर दी और प्रॉपर्टी टैक्स का सारा रिकार्ड अपने कब्जे में ले लिया।
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ये आ रही हैं परेशानियां, नप के पास उपभोक्ताओं का कोई नहीं रिकार्ड
अब नगर परिषद प्रशासन के पास इस साल तक का प्रॉपर्टी टैक्स तो जमा हो गया है लेकिन इसके अलावा कोई कंप्यूटराइज या मेनुअल रिकार्ड नगर परिषद के पास नहीं है। इसके अलावा 15 जून तक 15 प्रतिशत छूट का फायदा भी सही ढंग से उपभोक्ताओं को नहीं दिया जा रहा। क्योंकि नगर परिषद प्रशासन के पास ये रिकार्ड तक ही नहीं है कि किसी उपभोक्ता का कितना बिल बकाया है। अभी फिलहाल उपभोक्ता द्वारा लाए जा रहे बिल के आधार पर प्रॉपर्टी टैक्स इकट्ठा किया जा रहा है। लेकिन इससे सिस्टम बिगड़ रहा है।
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25 हजार यूनिट का किया था सर्वे, 15 सौ के करीब आई आपत्तियां
सर्वे करने वाली कंपनी ने फतेहाबाद शहर में सर्वे के दौरान 24090 यूनिट का आकलन नगर परिषद को दिया है। इसमें रिहाइशी मकान, दुकानें और खाली प्लाट भी शामिल हैं। उनको प्रति यूनिट 91 रुपये का टेंडर दिया गया था। लेकिन उनके द्वारा किया गया सर्वे विवादों के घेरे में भी लगातार बना रहा। 25 हजार यूनिट के बदले लगभग 15 सौ के करीब आपत्तियां नगर परिषद में दर्ज करवाई गई। इसके अलावा शहर के मंदिरों, शमशान घाट और अन्य धार्मिक स्थलों के प्रॉपर्टी टैक्स बिल भेजने को लेकर भी प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे विवादों में रहा। इसके चलते नगर परिषद प्रशासन ने उन्हें सारी गलतियों को दूर करके साफ सुथरा रिकार्ड सौंपने को कहा जिसके बाद उनकी पेमेंट रोकी गई है।
कंपनी की ओर से सर्वे सही ढंग से नहीं किया गया था, काफी शिकायतें आई थी। शिकायतों को दूर करवाने के लिए पेमेंट रोकी है, पेमेंट देने से इंकार नहीं किया है। हमने उन्हें नोटिस जारी कर दिया है कि काम खत्म जल्द से जल्द खत्म करें और आपत्तियों को दूर करें।
दर्शन नागपाल, अध्यक्ष, नगर परिषद, फतेहाबाद ।
काम के बदले किए जाने पेमेंट को रोकने के चलते विवाद हुआ है और वेबसाइट को ब्लॉक किया गया है। जैसे ही पेमेंट को लेकर विवाद सुलझ जाएगा, काम शुरू होगा।
अनूप, स्थानीय संचालक, सर्वे कंपनी।