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पहले जलाई पराली फिर कर्मचारियों को बंधक बनाया

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 15 Oct 2021 11:27 PM IST
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First the stubble was lit, then the employees were taken hostage
दमकल गाड़ी को रोक कर खड़े ग्रामीण। - फोटो : Fatehabad
रतिया। गांव हुकमावाली के खेतों में कुछ किसानों द्वारा धान की पराली को आग लगाने के बाद मौके पर जुर्माना लगाने के लिए गांव में गई कृषि विभाग व तहसील कार्यालय की टीम को किसानों ने बंधक बना लिया। टीम ने इसकी सूचना एसडीएम भारत भूषण कौशिक को दी, जिसके बाद एसडीएम व पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। एसडीएम द्वारा किसानों को समझाने के बाद टीम को मुक्त किया गया है। किसानों ने चेतावनी दी है कि टीम दोबारा खेतों में आई तो उसे पुन: बंधक बना लिया जाएगा।
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हुकमावाली गांव के कुछ किसानों द्वारा खेतों में धान की पराली को आग लगा दी गई थी। जबकि सरकार द्वारा पराली को आग लगाने पर बैन लगाया गया है। आग लगाने के बाद इसकी लोकेशन सेटेलाइट के माध्यम से कृषि विभाग के अधिकारियों के पास पहुंच गई जिसके बाद खंड कृषि अधिकारी राजपाल सिंह व तहसील कार्यालय से पटवारी अभय सिंह अपनी टीम के साथ हुकमावाली के खेतों में पहुंच गए। उनके साथ फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी मौके पर पहुंच गई। कृषि विभाग के अधिकारी राजपाल सिंह व पटवारी अभय सिंह द्वारा अभी जुर्माना लगाने के लिए लोकेशन के तहत कार्रवाई शुरू ही की गई थी कि किसानों को इसकी सूचना मिल गई और दर्जनों किसान मौके पर पहुंच गए। उन्होंने विभाग के अधिकारियों की कार्रवाई को बंद करवा लिया और उन्हें मौके पर ही बंधक बना लिया। किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि पराली को जलाना उनकी मजबूरी है, लेकिन सरकार द्वारा उनकी मजबूरी का नाजायज फायदा उठाते हुए उन पर जुर्माना लगाया जाता है। किसानों ने इसकी सूचना किसान संघर्ष समिति के प्रदेश कन्वीनर मनदीप सिंह को दे दी, जिसके बाद मनदीप सिंह भी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। वहीं प्रशासनिक टीम ने इसकी सूचना एसडीएम भारत भूषण कौशिक को दे दी।
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सूचना मिलने के बाद एसडीएम भारत भूषण कौशिक पुलिस टीम के साथ खेतों में पहुंच गए। एसडीएम ने किसानों को समझाया कि पराली को आग लगाना सरकार द्वारा बैन किया गया है और इससे प्रदूषण होता है। इसलिए पराली को आग न लगाई जाए। एसडीएम के समझाने के बाद किसानों ने कृषि अधिकारी राजपाल सिंह व पटवारी अभय सिंह व उनकी टीम को मुक्त कर दिया, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दोबारा टीम गांव में आई तो उसे बंधक बना लिया जाएगा। वहीं एसडीएम का कहना है कि सूचना मिलने पर वह गांव में पहुंच गए थे और उन्होंने किसानों को समझा कर अधिकारियों को छुड़वा दिया है। साथ ही किसानों से आह्वान किया है कि वे पराली को किसी भी हालत में न जलाएं। किसान नेता मनदीप सिंह ने बताया कि सरकार द्वारा पराली जलाने पर किसानों के खिलाफ जो कार्रवाई की जा रही है, वह गलत है क्योंकि किसान मजबूरी में पराली जलाता है। अगर सरकार पराली का कोई उचित हल कर दे तो किसान भी पराली को आग नहीं लगाएंगे।
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मामला शांत हो गया है : एसडीएम
एसडीएम भारत भूषण कौशिक ने बताया कि गांव के किसानों द्वारा कृषि विभाग की टीम का विरोध करने की सूचना मिलने पर वह मौके पर गए थे। किसानों को पराली न जलाने के बारे में समझाया था। इसके बाद मामला शांत हो गया।

किसानों का चालान करने गए थे : कृषि अधिकारी
खंड कृषि अधिकारी राज्यपाल ने बताया कि वह टीम के साथ गांव में पराली जलाने वाले किसानों का चालान करने गए थे, जिस पर किसान भड़क गए, लेकिन एसडीएम के समझाने पर वह शांत हो गए।

खेत में जली पराली व मौके का जायजा लेते हुए एसडीएम भारत भूषण कौशिक।

खेत में जली पराली व मौके का जायजा लेते हुए एसडीएम भारत भूषण कौशिक।- फोटो : Fatehabad

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