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Fatehabad News: आखिरकार मिल ही गई दिव्यांग रेखा को पहचान, चंडीगढ़ से बनकर आया आधार कार्ड
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फतेहाबाद के हरनाम सिंह कॉलोनी निवासी रेखा आधार कार्ड दिखाते हुए
फतेहाबाद। शहर की हरनाम सिंह कॉलोनी निवासी 32 वर्षीय दिव्यांग रेखा को पहचान मिल गई है। सुडा विभाग चंडीगढ़ की टीम ने दिव्यांग रेखा के घर पहुंचकर उसे आधार कार्ड सौंपा। दिव्यांग रेखा को आधार कार्ड मिलने पर उसके भाई गोकुल और भाभी दयावंती के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। भाई और भाभी ने कहा कि आधार कार्ड के जरिए अब परिवार पहचान पत्र में नाम दर्ज हो पाएगा और फिर दिव्यांग प्रमाण पत्र बनने की राह भी आसान हो गई है।
बता दें कि मामले को लेकर अमर उजाला ने 17 जुलाई की अंक में मुद्दा उठाया था, इसका प्रशासन ने संज्ञान लिया और 18 जुलाई को चंडीगढ़ से टीम आई थी और रेखा की बायोमेट्रिक की गई। बुधवार को दिव्यांग रेखा को आधार कार्ड देने के लिए सुडा विभाग चंडीगढ़ के अधिकारी मयंक, जितेंद्र, और फतेहाबाद के आधार सेंटर संचालक राजू मेहता पहुंचे। उन्होंने बताया कि पिछले करीब डेढ़ साल से सुडा विभाग सीएलसी के माध्यम से नगर निकायों में आधार बनाने का काम कर रहा है। सुडा विभाग को दिव्यांग रेखा के आधार कार्ड न होने का पता चला तो कार्यालय ने वीडियो कॉल के माध्यम से रेखा की वेरिफिकेशन की और मौके पर ही सीएलसी के आधार ऑपरेटर ने घर जाकर आधार कार्ड बनाया था।
बायोमेट्रिक न होने से नहीं बन रहा था आधार
दिव्यांग रेखा के मां-बाप की मौत हो चुकी है और अपने भाई व भाभी के पास रह रही है। फिंगर बायोमेट्रिक न होने और आई रेटिना स्कैन न हो पाने के कारण रेखा का आधार कार्ड नहीं बन पा रहा था। आधार कार्ड न होने से परिवार पहचान पत्र नहीं बन पाया और इसके चलते दिव्यांग प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा। इसके चलते दिव्यांग को मिलने वाली सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है।
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पेंशन के लिए करेंगे आवेदन : भाई
भाई गोकुल का कहना है कि रेखा को आधार कार्ड मिल गया है। अब दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाकर पेंशन के लिए आवेदन किया जाएगा। दिव्यांग प्रमाण पत्र न होने से कोई भी लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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बता दें कि मामले को लेकर अमर उजाला ने 17 जुलाई की अंक में मुद्दा उठाया था, इसका प्रशासन ने संज्ञान लिया और 18 जुलाई को चंडीगढ़ से टीम आई थी और रेखा की बायोमेट्रिक की गई। बुधवार को दिव्यांग रेखा को आधार कार्ड देने के लिए सुडा विभाग चंडीगढ़ के अधिकारी मयंक, जितेंद्र, और फतेहाबाद के आधार सेंटर संचालक राजू मेहता पहुंचे। उन्होंने बताया कि पिछले करीब डेढ़ साल से सुडा विभाग सीएलसी के माध्यम से नगर निकायों में आधार बनाने का काम कर रहा है। सुडा विभाग को दिव्यांग रेखा के आधार कार्ड न होने का पता चला तो कार्यालय ने वीडियो कॉल के माध्यम से रेखा की वेरिफिकेशन की और मौके पर ही सीएलसी के आधार ऑपरेटर ने घर जाकर आधार कार्ड बनाया था।
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बायोमेट्रिक न होने से नहीं बन रहा था आधार
दिव्यांग रेखा के मां-बाप की मौत हो चुकी है और अपने भाई व भाभी के पास रह रही है। फिंगर बायोमेट्रिक न होने और आई रेटिना स्कैन न हो पाने के कारण रेखा का आधार कार्ड नहीं बन पा रहा था। आधार कार्ड न होने से परिवार पहचान पत्र नहीं बन पाया और इसके चलते दिव्यांग प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा। इसके चलते दिव्यांग को मिलने वाली सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है।
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पेंशन के लिए करेंगे आवेदन : भाई
भाई गोकुल का कहना है कि रेखा को आधार कार्ड मिल गया है। अब दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाकर पेंशन के लिए आवेदन किया जाएगा। दिव्यांग प्रमाण पत्र न होने से कोई भी लाभ नहीं मिल पा रहा है।