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जिले के कई गांवों में फिर ओलावृष्टि
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
Updated Sun, 12 Mar 2017 12:10 AM IST
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बारिश के बाद खेतों में बिछी हुई गेहूं की फसल ।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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अभी बुधवार रात को जिले के 18 गांवों में ओलावृष्टि और बारिश से तबाह हुई फसलों के नुकसान से किसान उबरे भी नहीं थे कि शुक्रवार देर रात एक बार फिर से कुदरत ने कहर बरपा दिया। शुक्रवार देर रात कई गांवों में एक बार फिर से हुई ओलावृष्टि से गेहूं और सरसों की फसल को खासा नुकसान पहुंचा है। कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार देर रात गांव धांगड़, बड़ोपल, खाराखेड़ी सहित तकरीबन आधा दर्जन गांवों में ओलों से फसल प्रभावित होने का समाचार है।
दो दिन पहले 18 गांवों की फसल थी प्रभावित
फतेहाबाद हलके में खाराखेड़ी, कुम्हारिया, भूना, बैजलपुर, खासा पठाना, बोस्ती और ढाणी सांचला में गेहूं की फसल पर ओलावृष्टि की मार पड़ी थी जबकि टोहाना हलके के कन्हड़ी, लोहाखेड़ा, मालनहेड़ा, बढईखेड़ा, धारसूलखुर्द, धारसूलकलां, म्योंदकलां, म्योंदखुर्द और गाजूवाला में किसानों को भारी नुकसान हुआ था। कृषि विभाग के सर्वे में दो दिन पहले की ओलावृष्टि से लगभग चार हजार एकड़ से अधिक गेहूं और 450 एकड़ में सरसों की फसल प्रभावित बताई गई थी। इसमें 2640 एकड़ गेहूं की फसल को 25 फीसदी तक नुकसान बताया गया है जबकि 1400 एकड़ से अधिक फसल को 50 फीसदी तक नुकसान बताया जा रहा है। इसी तरह सरसों की फसल का नुकसान लगभग साढ़े 400 एकड़ फसल में है। इसमें से 90 एकड़ फसल पर 25 फीसदी एवं 375 एकड़ सरसों की फसल पर 50 फीसदी नुकसान हुआ है।
जिनका फसल बीमा नहीं, उनकी गिरदावरी के निर्देश
मिली जानकारी के अनुसार दो दिन पहले हुई बरसात और ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसल की गिरदावरी के निर्देश जारी किए जा चुके हैं। हालांकि इसमें उन किसानों की जमीन शामिल नहीं होगी, जिन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसल का बीमा करवाया है। उन्हें बीमा कंपनी की ओर से क्लेम दिया जाएगा। इसी तरह शुक्रवार देर रात जिन गांवों में ओलावृष्टि और बारिश हुई है। उन गांवों में भी कृषि विभाग सर्वे करेगा। अगर विभाग को लगेगा कि यहां पर पूर्ण गिरदावरी की जरूरत है तो गिरदावरी भी करवाई जा सकती है।
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औपचारिक रिपोर्ट भेजेंगे
दो दिन पहले जिन गांवों में ओलावृष्टि से फसल खराब हुई है। उसकी प्राथमिक रिपोर्ट अधिकारियों को भेज दी है। शुक्रवार देर रात हुई ओलावृष्टि के बाद गांवों में सर्वे शुरू कर दिया है। अभी नुकसान बहुत ज्यादा नहीं दिखा है। रविवार तक औपचारिक रिपोर्ट भेजेंगे। -बलवंत सहारण, उपनिदेशक, कृषि विभाग, फतेहाबाद ।
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दो दिन पहले 18 गांवों की फसल थी प्रभावित
फतेहाबाद हलके में खाराखेड़ी, कुम्हारिया, भूना, बैजलपुर, खासा पठाना, बोस्ती और ढाणी सांचला में गेहूं की फसल पर ओलावृष्टि की मार पड़ी थी जबकि टोहाना हलके के कन्हड़ी, लोहाखेड़ा, मालनहेड़ा, बढईखेड़ा, धारसूलखुर्द, धारसूलकलां, म्योंदकलां, म्योंदखुर्द और गाजूवाला में किसानों को भारी नुकसान हुआ था। कृषि विभाग के सर्वे में दो दिन पहले की ओलावृष्टि से लगभग चार हजार एकड़ से अधिक गेहूं और 450 एकड़ में सरसों की फसल प्रभावित बताई गई थी। इसमें 2640 एकड़ गेहूं की फसल को 25 फीसदी तक नुकसान बताया गया है जबकि 1400 एकड़ से अधिक फसल को 50 फीसदी तक नुकसान बताया जा रहा है। इसी तरह सरसों की फसल का नुकसान लगभग साढ़े 400 एकड़ फसल में है। इसमें से 90 एकड़ फसल पर 25 फीसदी एवं 375 एकड़ सरसों की फसल पर 50 फीसदी नुकसान हुआ है।
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जिनका फसल बीमा नहीं, उनकी गिरदावरी के निर्देश
मिली जानकारी के अनुसार दो दिन पहले हुई बरसात और ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसल की गिरदावरी के निर्देश जारी किए जा चुके हैं। हालांकि इसमें उन किसानों की जमीन शामिल नहीं होगी, जिन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसल का बीमा करवाया है। उन्हें बीमा कंपनी की ओर से क्लेम दिया जाएगा। इसी तरह शुक्रवार देर रात जिन गांवों में ओलावृष्टि और बारिश हुई है। उन गांवों में भी कृषि विभाग सर्वे करेगा। अगर विभाग को लगेगा कि यहां पर पूर्ण गिरदावरी की जरूरत है तो गिरदावरी भी करवाई जा सकती है।
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औपचारिक रिपोर्ट भेजेंगे
दो दिन पहले जिन गांवों में ओलावृष्टि से फसल खराब हुई है। उसकी प्राथमिक रिपोर्ट अधिकारियों को भेज दी है। शुक्रवार देर रात हुई ओलावृष्टि के बाद गांवों में सर्वे शुरू कर दिया है। अभी नुकसान बहुत ज्यादा नहीं दिखा है। रविवार तक औपचारिक रिपोर्ट भेजेंगे। -बलवंत सहारण, उपनिदेशक, कृषि विभाग, फतेहाबाद ।