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ओलावृष्टि से टूटे किसानों के सपने
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
Updated Thu, 09 Mar 2017 11:39 PM IST
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जिले के विभिन्न गांवों में ओलावृष्टि के चलते खेतों में बिछी फसल ।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बुधवार देर रात जिले के एक दर्जन से अधिक गांवों में हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि से किसानों के सारे सपने डूब गए। जिले के एक दर्जन से अधिक गांवों में गेहूं की खड़ी फसल को इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से भारी नुकसान हुआ है। सबसे अधिक क्षति भूना खंड के गांवों में बताया जा रहा है। कई गांवों में तो गेहूं की फसल पूरी तरह से बिछ गई है, जिसके चलते किसानों की परेशानी बढ़ना तय माना जा रहा है। दूसरी ओर, प्रशासन ने एक बयान जारी कर किसानों से फार्म नंबर 1 भरकर कृषि विभाग को सबमिट कराने को कहा है लेकिन ये फार्म सिर्फ वही किसान दे सकेंगे जिन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का प्रीमियम दिया हुआ है। बाकी किसानों के बारे में अभी तक प्रशासन के पास पुख्ता जवाब नहीं है।
फतेहाबाद के सात, टोहाना के 10 गांवों में फसल को भारी नुकसान
कृषि विभाग द्वारा जुटाई गई जानकारी के मुताबिक बुधवार रात हुई ओलावृष्टि से फतेहाबाद हलके के सात एवं टोहाना हलके के दस से अधिक गांवों में गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। फतेहाबाद हलके में खाराखेड़ी, कुम्हारिया, भूना, बैजलपुर, खासा पठाना, बोस्ती और ढाणी सांचला में गेहूं की फसल ओलावृष्टि की मार से बिछ गई है जबकि टोहाना हलके के कन्हड़ी, लोहाखेड़ा, मालनहेड़ा, बढईखेड़ा, धारसूलखुर्द, धारसूलकलां, म्योंदकलां, म्योंदखुर्द और गाजूवाला में किसानों को भारी नुकसान हुआ है। रतिया के गांव एमपी सोतर में भी ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान का समाचार है। इसके अलावा जिलेभर के लगभग एक दर्जन गांव ऐसे हैं जिनमें ओलावृष्टि तो नहीं हुई लेकिन तेज हवाओं के साथ बारिश के चलते फसल पूरी तरह से बिछ गई है।
शुरुआती सर्वे में 4 हजार एकड़ से अधिक गेहूं और साढ़े 4 सौ एकड़ में सरसों की फसल प्रभावित
कृषि विभाग के अधिकारियों ने जिले में ओलावृष्टि से प्रभावित गांवों का प्रथमदृष्टया सर्वे कराया है। जिसमें 4 हजार 40 एकड़ जमीन में गेहूं की फसल ओलावृष्टि से प्रभावित हुई है। इसमें 2640 एकड़ गेहूं की फसल को 25 फीसदी तक नुकसान बताया गया है जबकि 1400 एकड़ से अधिक फसल को 50 फीसदी तक नुकसान बताया जा रहा है। इसी तरह सरसों की फसल का नुकसान लगभग साढ़े 4 सौ एकड़ है। जिसमें से 90 एकड़ फसल पर 25 फीसदी एवं 375 एकड़ सरसों की फसल पर 50 फीसदी नुकसान हुआ है।
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शुक्रवार और शनिवार को भी बारिश की आशंका
जिले के 18 गांवों के किसान बुधवार देर रात हुई बरसात और ओलावृष्टि से ही अपनी फसल का नुकसान करवा बैठे हैं और उधर मौसम विभाग शुक्र और शनिवार को भी जिले में बरसात की आशंका जता रहा है। जिसके चलते जिले के किसान खौफ में हैं। किसानों का कहना है कि अगर दोबारा बारिश या ओलावृष्टि हुई तो उनकी फसल के लिए बहुत नुकसान होगा। मौसम विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दो दिन की बारिश के बाद भी आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं जो कहीं-कहीं बरस भी सकते हैं।
हम स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। बुधवार देर रात हुई ओलावृष्टि और बरसात से हुए नुकसान की प्राथमिक रिपोर्ट बनाई गई है। इसे जल्द ही उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा। इसके बाद जैसे उनके आदेश होंगे, वो कार्यवाही की जाएगी।
-बलवंत सहारण, कृषि उपनिदेशक, फतेहाबाद।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ओलावृष्टि से नुकसान की पूरी रिपोर्ट तैयार करें। इसके अलावा जिन किसानों की फसलों का बीमा है, उन्हें जल्द क्लेम मिल जाएगा और जिन किसानों ने फसल बीमा नहीं करवाया हुआ है, उनके लिए गिरदावरी करवाई जाएगी।
-सुभाष बराला, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं टोहाना विधायक।
फतेहाबाद के सात, टोहाना के 10 गांवों में फसल को भारी नुकसान
कृषि विभाग द्वारा जुटाई गई जानकारी के मुताबिक बुधवार रात हुई ओलावृष्टि से फतेहाबाद हलके के सात एवं टोहाना हलके के दस से अधिक गांवों में गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। फतेहाबाद हलके में खाराखेड़ी, कुम्हारिया, भूना, बैजलपुर, खासा पठाना, बोस्ती और ढाणी सांचला में गेहूं की फसल ओलावृष्टि की मार से बिछ गई है जबकि टोहाना हलके के कन्हड़ी, लोहाखेड़ा, मालनहेड़ा, बढईखेड़ा, धारसूलखुर्द, धारसूलकलां, म्योंदकलां, म्योंदखुर्द और गाजूवाला में किसानों को भारी नुकसान हुआ है। रतिया के गांव एमपी सोतर में भी ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान का समाचार है। इसके अलावा जिलेभर के लगभग एक दर्जन गांव ऐसे हैं जिनमें ओलावृष्टि तो नहीं हुई लेकिन तेज हवाओं के साथ बारिश के चलते फसल पूरी तरह से बिछ गई है।
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शुरुआती सर्वे में 4 हजार एकड़ से अधिक गेहूं और साढ़े 4 सौ एकड़ में सरसों की फसल प्रभावित
कृषि विभाग के अधिकारियों ने जिले में ओलावृष्टि से प्रभावित गांवों का प्रथमदृष्टया सर्वे कराया है। जिसमें 4 हजार 40 एकड़ जमीन में गेहूं की फसल ओलावृष्टि से प्रभावित हुई है। इसमें 2640 एकड़ गेहूं की फसल को 25 फीसदी तक नुकसान बताया गया है जबकि 1400 एकड़ से अधिक फसल को 50 फीसदी तक नुकसान बताया जा रहा है। इसी तरह सरसों की फसल का नुकसान लगभग साढ़े 4 सौ एकड़ है। जिसमें से 90 एकड़ फसल पर 25 फीसदी एवं 375 एकड़ सरसों की फसल पर 50 फीसदी नुकसान हुआ है।
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शुक्रवार और शनिवार को भी बारिश की आशंका
जिले के 18 गांवों के किसान बुधवार देर रात हुई बरसात और ओलावृष्टि से ही अपनी फसल का नुकसान करवा बैठे हैं और उधर मौसम विभाग शुक्र और शनिवार को भी जिले में बरसात की आशंका जता रहा है। जिसके चलते जिले के किसान खौफ में हैं। किसानों का कहना है कि अगर दोबारा बारिश या ओलावृष्टि हुई तो उनकी फसल के लिए बहुत नुकसान होगा। मौसम विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दो दिन की बारिश के बाद भी आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं जो कहीं-कहीं बरस भी सकते हैं।
हम स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। बुधवार देर रात हुई ओलावृष्टि और बरसात से हुए नुकसान की प्राथमिक रिपोर्ट बनाई गई है। इसे जल्द ही उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा। इसके बाद जैसे उनके आदेश होंगे, वो कार्यवाही की जाएगी।
-बलवंत सहारण, कृषि उपनिदेशक, फतेहाबाद।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ओलावृष्टि से नुकसान की पूरी रिपोर्ट तैयार करें। इसके अलावा जिन किसानों की फसलों का बीमा है, उन्हें जल्द क्लेम मिल जाएगा और जिन किसानों ने फसल बीमा नहीं करवाया हुआ है, उनके लिए गिरदावरी करवाई जाएगी।
-सुभाष बराला, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं टोहाना विधायक।